UP बजट सत्र 2026-27: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदस्यों से कहा- मुद्दे उठाएं लेकिन संवाद से, कार्यवाही को बाधित न करें। जानें बजट और आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें।
UP बजट सत्र 2026-27: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र 2026-27 से पहले सभी सदस्यों से संवाद और सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का प्रमुख स्तंभ है, और किसी भी मुद्दे को उठाने के लिए सदस्यों को कार्यवाही में बाधा डालने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
बजट सत्र की शुरुआत
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। इस सत्र में 2026-27 का सामान्य बजट और राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जो प्रदेश की आर्थिक प्रगति और विकास की स्थिति को दर्शाएगा।
सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई, जो सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का दस्तावेज होता है। इस अभिभाषण के बाद सदन में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया गया। यह पहली बार है कि उत्तर प्रदेश सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इस रूप में सदन में साझा कर रही है।
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आर्थिक सर्वेक्षण में प्रमुख बिंदु
सीएम योगी ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति आय, रोजगार सृजन, वित्तीय प्रबंधन और यूपी को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बनाने के प्रयासों का विस्तृत विवरण शामिल है। यह दस्तावेज सदस्यों के लिए डेटा और चर्चा का महत्वपूर्ण स्रोत होगा।
संवाद से समाधान की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे अपने मुद्दों को उठाएं, लेकिन कार्यवाही को बाधित न करें। सरकार हर सुझाव का स्वागत करेगी और राज्य के हित में आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से शोर-शराबे से बचने और सार्थक चर्चा पर ध्यान देने का आग्रह किया।
बजट सत्र का महत्व
सीएम योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में विधानमंडल में नई कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। बजट सत्र प्रदेश के विकास की गति को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सदन में उठाए गए मुद्दे न केवल चर्चा का अवसर देंगे, बल्कि राज्य की प्रगति को भी दिशा देंगे।
सत्र में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, राकेश सचान और राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी मौजूद रहे।