केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की की व्यापक समीक्षा, खेतों को बताया असली प्रयोगशाला

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की की व्यापक समीक्षा, खेतों को बताया असली प्रयोगशाला

‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की समीक्षा के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खेतों को प्रयोगशाला और किसानों को समाधान का स्रोत बताया। जानें आगे की रणनीतियाँ, योजनाएं और अभियान के मुख्य उद्देश्य।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा कैंपस, नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य अभियान के दौरान मिले अनुभवों, फील्ड रिपोर्ट्स और सुझावों के आधार पर आगामी रणनीति तैयार करना था।

अभियान ने रचा नया इतिहास

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह अभियान स्वतंत्र भारत की सबसे अनूठी और व्यापक कृषि पहल बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘लैब टू लैंड’ अवधारणा से प्रेरित इस अभियान के जरिए देशभर के 60,000 से अधिक गांवों तक वैज्ञानिकों की टीम पहुंची। वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों और किसानों के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित हुआ, जो भविष्य की कृषि नीतियों का आधार बनेगा।

अभियान के मुख्य उद्देश्य

  • किसानों की आय में वृद्धि

  • खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना

  • भारत को वैश्विक खाद्य आपूर्ति का केंद्र (फूड बास्केट) बनाना

  • बायो-फोर्टिफाइड फसलों का प्रसार

  • उन्नत अनुसंधान और विस्तार सेवाओं का समावेश

श्री चौहान ने स्पष्ट कहा, “यह अभियान रुकेगा नहीं, यह एक आंदोलन है। खेत असली प्रयोगशालाएं हैं और किसान असली वैज्ञानिक।”

फील्ड रिपोर्ट्स और तकनीकी मंथन

बैठक में देशभर से 2,170 टीमों के नोडल अधिकारियों ने प्रत्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। इन रिपोर्ट्स के आधार पर कृषि सुधार की नई दिशा तय की जाएगी, और अप्रासंगिक योजनाओं को बंद कर नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।

विशेष बिंदु:

  • केवीके वैज्ञानिकों को हर महीने 3 दिन फील्ड विजिट करनी होगी।

  • अमानक बीज और कीटनाशकों के खिलाफ कड़ा कानून लाया जाएगा।

  • दलहन, तिलहन, गन्ना, कपास, और सोयाबीन के लिए ‘क्रॉप वॉर’ रणनीति बनेगी।

  • कृषि मशीनीकरण, मृदा स्वास्थ्य, क्लीन प्लांट कार्यक्रम, जल संरक्षण, और पशुपालन पर राज्यवार योजनाएं तैयार होंगी।

किसान नवाचारों पर ज़ोर

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “सरकारी दफ्तरों में बैठकर योजनाएं नहीं बनतीं, असली समाधान किसानों और खेतों में हैं।” इसलिए, किसानों के नवाचारों के प्रसार और वेल्यू एडिशन के लिए अलग टीमें गठित की जाएंगी।

भविष्य की योजना

  • रबी फसल रोडमैप तैयार करने हेतु दो दिवसीय सम्मेलन

  • पहले दिन अधिकारियों से चर्चा, दूसरे दिन राज्य कृषि मंत्रियों के साथ रणनीति

  • प्राथमिकता अनुसंधान क्षेत्रों की सूची तैयार की जा रही है

प्रमुख उपस्थिति

इस बैठक में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट, ICAR के अपर महानिदेशक रणबीर सिंह, कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, वरिष्ठ वैज्ञानिक और विभिन्न राज्यों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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