UAE के बल्लेबाज आसिफ खान को डोपिंग नियमों के उल्लंघन पर 15 महीने के लिए निलंबित किया गया है। उनके सैंपल में प्रतिबंधित स्टेरॉयड के मेटाबोलाइट की पुष्टि हुई।
यूएई के बल्लेबाज आसिफ खान को डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में 15 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC ने बताया कि पाकिस्तान में जन्मे इस क्रिकेटर के आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन डोपिंग टेस्ट में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड पाया गया था। आसिफ खान के नमूने में मेस्टेरोलोन के मेटाबोलाइट की मौजूदगी पाई गई, जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पदार्थ से संबंधित है। यह नमूना 8 सितंबर 2025 को लिया गया था। आसिफ खान ने ICC एंटी-डोपिंग कोड के अनुच्छेद 2.1 के उल्लंघन को स्वीकार कर लिया है और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी यानी WADA तथा ICC के साथ हुए केस रिजॉल्यूशन एग्रीमेंट के तहत सजा स्वीकार की है। उनका निलंबन 8 सितंबर 2025 से प्रभावी माना गया है और 7 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा। हालांकि, उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी के लिए 8 दिसंबर 2026 तक इंतजार करना होगा।
डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए आसिफ खान
ICC के मुताबिक, आसिफ खान का डोपिंग नमूना 8 सितंबर 2025 को आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट के दौरान लिया गया था। जांच में उनके सैंपल में मेस्टेरोलोन के मेटाबोलाइट की मौजूदगी मिली। मेस्टेरोलोन एक एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड से संबंधित पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल शरीर में टेस्टोस्टेरोन के प्रभाव को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। खेलों में इस तरह के प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल एथलीट की शारीरिक क्षमता और प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इन्हें डोपिंग रोधी नियमों के तहत प्रतिबंधित किया जाता है। पॉजिटिव टेस्ट सामने आने के बाद मामले को ICC के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत आगे बढ़ाया गया।
आसिफ ने नियमों का उल्लंघन स्वीकार किया
36 वर्षीय आसिफ खान ने अपने खिलाफ लगाए गए डोपिंग नियम उल्लंघन को स्वीकार कर लिया है। ICC ने बताया कि उन्होंने एंटी-डोपिंग कोड के अनुच्छेद 2.1 का उल्लंघन स्वीकार किया। यह प्रावधान किसी खिलाड़ी के नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ या उसके मेटाबोलाइट की मौजूदगी से संबंधित है। मामले को लंबी प्रक्रिया में ले जाने के बजाय आसिफ ने WADA और ICC के साथ केस रिजॉल्यूशन एग्रीमेंट के जरिए निर्धारित सजा स्वीकार की। इसी समझौते के तहत उन्हें 15 महीने के निलंबन की सजा दी गई है।
8 सितंबर 2025 से लागू हुआ बैन
आसिफ खान पर लगाया गया प्रतिबंध पीछे की तारीख से लागू किया गया है। उनका 15 महीने का निलंबन 8 सितंबर 2025 से माना गया है और यह 7 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा। इसका मतलब यह है कि बैन की अवधि का एक बड़ा हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है। हालांकि, प्रतिबंध समाप्त होने से पहले भी उन्हें कुछ शर्तों के तहत टीम के साथ अभ्यास करने की अनुमति मिल जाएगी। ICC के अनुसार, वह 8 अक्टूबर 2026 से किसी टीम के साथ प्रशिक्षण शुरू कर सकते हैं या ICC सदस्य संगठन से जुड़े क्लब की सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अक्टूबर से ट्रेनिंग की मिलेगी अनुमति
आसिफ खान के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें निलंबन खत्म होने का पूरा इंतजार किए बिना प्रशिक्षण शुरू करने की अनुमति दी गई है। ICC के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 से वह किसी टीम के साथ अभ्यास कर सकेंगे। इसके अलावा वह किसी क्लब या ICC सदस्य संगठन की प्रशिक्षण सुविधाओं का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी से पहले अपनी फिटनेस और क्रिकेटिंग लय हासिल करने का मौका मिलेगा। हालांकि, केवल प्रशिक्षण की अनुमति मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह आधिकारिक मुकाबले में हिस्सा ले सकते हैं।
दिसंबर में ही कर पाएंगे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी
ICC ने स्पष्ट किया है कि आसिफ खान को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी के लिए 8 दिसंबर 2026 तक इंतजार करना होगा। यानी उनका निलंबन 7 दिसंबर को समाप्त होने के बाद अगले दिन से वह आधिकारिक मैच खेलने के योग्य होंगे। इससे पहले वह टीम के साथ अभ्यास कर सकते हैं, लेकिन किसी प्रतिस्पर्धी मुकाबले में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। ऐसे में आसिफ के सामने आने वाले महीनों में अपनी फिटनेस और फॉर्म को बनाए रखने की चुनौती होगी।
UAE क्रिकेट के लिए भी बड़ा झटका
आसिफ खान यूएई क्रिकेट से जुड़े अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। पाकिस्तान में जन्मे आसिफ ने यूएई की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। उनके निलंबन से टीम को अनुभवी बल्लेबाज की कमी महसूस हो सकती है। खासकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। आसिफ की अनुपस्थिति में यूएई टीम को अपने बल्लेबाजी क्रम में दूसरे विकल्पों पर भरोसा करना होगा। वहीं आसिफ के लिए भी लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी आसान नहीं होगी।
डोपिंग नियमों के पालन पर ICC का जोर
इस मामले ने एक बार फिर क्रिकेट में डोपिंग रोधी नियमों के महत्व को सामने ला दिया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट भी किए जाते हैं ताकि प्रतिबंधित पदार्थों के इस्तेमाल पर नजर रखी जा सके। किसी खिलाड़ी के नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने पर ICC के नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है। आसिफ खान के मामले में भी नमूना प्रतियोगिता के दौरान नहीं, बल्कि आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट के तहत लिया गया था। इसके बाद जांच और प्रक्रिया के बाद खिलाड़ी ने नियम उल्लंघन स्वीकार किया और निर्धारित सजा को मान लिया।
अब वापसी की तैयारी करेंगे आसिफ खान
आसिफ खान के लिए अब अगला लक्ष्य प्रतिबंध की अवधि पूरी करने के बाद मैदान पर वापसी करना होगा। वह अक्टूबर 2026 से प्रशिक्षण शुरू कर सकेंगे, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी से पहले तैयारी का समय मिलेगा। हालांकि, 8 दिसंबर 2026 से पहले वह आधिकारिक मुकाबले नहीं खेल सकेंगे। 36 साल की उम्र में लंबे ब्रेक के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन प्रशिक्षण की अनुमति मिलने से उन्हें अपनी तैयारी शुरू करने का मौका मिल जाएगा। फिलहाल ICC की ओर से लगाए गए 15 महीने के प्रतिबंध के बाद आसिफ खान की नजर दिसंबर 2026 में क्रिकेट मैदान पर वापसी पर होगी।