अमृतसर के स्कूल ऑफ एमीनेंस की छात्रा तिया का ISRO के ऑल-गर्ल्स लूनर सैटेलाइट मिशन ‘शक्ति-सैट’ के लिए चयन। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने किया गर्व महसूस।
पंजाब के सरकारी स्कूलों में ‘शिक्षा क्रांति’ के परिणाम अब वैश्विक स्तर पर दिखाई देने लगे हैं। अमृतसर के ‘स्कूल ऑफ एमीनेंस’ (मॉल रोड) की 12वीं कक्षा की मेडिकल छात्रा तिया ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तिया को ISRO (इसरो) और IN-SPACe द्वारा समर्थित ‘मिशन शक्ति-सैट’ (Mission ShakthiSAT) के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। यह एक अंतरराष्ट्रीय ऑल-गर्ल्स लूनर सैटेलाइट मिशन है, जो 108 देशों को आपस में जोड़ता है।
हरजोत सिंह बैंस ने दी बधाई
Heartiest congratulations to Tiya, Class 12 Medical student, School of Eminence for Girls, Mallroad Amritsar.
Tiya has been selected as India’s representative for Mission ShakthiSAT, an all-girls lunar satellite mission backed by ISRO and IN-SPACe, connecting 108 countries.… pic.twitter.com/XAmHUfxrc8
— Harjot Singh Bains (@harjotbains) June 26, 2026
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने तिया की इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह पंजाब की शिक्षा क्रांति की एक बड़ी जीत है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तिया की सराहना करते हुए लिखा, “पंजाब के सरकारी स्कूल अब वैश्विक स्तर के ‘युवा वैज्ञानिक’ (Young Scientists) तैयार कर रहे हैं।”
तिया का अंतरराष्ट्रीय सफर
इसरो और IN-SPACe द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित मिशन में तिया भारत की ओर से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगी। इस मिशन के तहत तिया अगस्त 2026 में दिल्ली में आयोजित होने वाली 8 दिवसीय ‘नेशनल वर्कशॉप’ (National Workshop) में हिस्सा लेंगी। यह वर्कशॉप सैटेलाइट मिशन और अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।
मेंटर और स्कूल प्रशासन की भूमिका
तिया की इस कामयाबी के पीछे उनके गुरुजनों का भी बड़ा हाथ है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने तिया के मेंटर और केमिस्ट्री के लेक्चरर कमल कुमार तथा प्रिंसिपल श्रीमती मनदीप कौर को भी विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने उनके द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत और छात्रों के समर्पण से ही पंजाब के स्कूल आज देश भर में अपनी पहचान बना रहे हैं।
पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ का असर
पंजाब सरकार द्वारा राज्य के सरकारी स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एमीनेंस’ में बदलने का जो सपना देखा गया था, वह अब हकीकत में बदल रहा है। तिया का चयन इस बात का प्रमाण है कि सरकारी स्कूलों के छात्र अब न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े वैज्ञानिक मिशनों का हिस्सा बन रहे हैं।