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अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम ने फिल्म ‘इक्का’ में अक्षय खन्ना के गंभीर स्वभाव और सनी देओल की खामोशी में छिपी गर्मजोशी पर खुलकर बात की। जानिए उनका पूरा अनुभव।
हाल ही में रिलीज़ हुई अपनी बहुप्रशंसित कोर्टरूम ड्रामा फिल्म IKKA में मशहूर अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम ने बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता अक्षय खन्ना और सनी देओल के साथ काम करने के अपने अनुभवों को साझा किया है। तिलोत्तमा ने एक विशेष साक्षात्कार में अक्षय खन्ना के काम करने के अनोखे तरीके और उनके अकेले रहने की वजहों पर खुलकर बात की। उनका कहना था कि प्रत्येक अभिनेता की अपनी अलग कार्यशैली और प्रक्रिया है। कुछ कलाकार सेट पर हंसी-मजाक करते रहते हैं और कैमरा ऑन होते ही अपने किरदार में ढल जाते हैं। इसके विपरीत, कुछ कलाकार शॉट मारने से पहले पूरी तरह शांत हो जाते हैं और मानसिक रूप से तैयार होते हैं।
तिलोत्तमा ने अक्षय खन्ना की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म ‘इक्का’ में उनका किरदार गंभीर और संकेंद्रित ऊर्जा से प्रेरित था। Akshay हर बार अपने किरदार की भावनात्मक ऊर्जा (Emotional Energy) लेकर आते थे। पूरे शूट के दौरान वह उसी गंभीर क्षेत्र में रहे। तिलोत्तमा ने मान लिया कि शूटिंग के दौरान उन्होंने अक्षय को उस विशिष्ट क्षेत्र या कैरेक्टर क्षेत्र से बाहर सामान्य रूप से बहुत कम देखा था, जो उनके काम के प्रति अद्भुत समर्पण को दर्शाता था। फिल्म में अक्षय खन्ना की तीव्र छवि और उत्कृष्ट स्क्रीन प्रेजेंस की दर्शकों और समीक्षकों ने काफी प्रशंसा की है।
सनी देओल के शांत स्वभाव और सेट पर उनके प्यार की अनकही कहानी
तिलोत्तमा शोम ने बॉलीवुड की एक्शन स्टार सनी देओल के साथ काम करने का अनुभव बताते हुए कहा कि वे एक बहुत अंतर्मुखी और शालीन व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि अभिनेता जो कैमरे के सामने होते हैं, वे बहुत बातूनी या बाहरी (Extrovert) होते हैं, लेकिन यह सच नहीं होता। उसने सनी देओल और खुद को इंट्रोवर्ट करते हुए कहा कि सेट पर सनी सर की शांतता में भी अद्भुत और अविश्वसनीय गर्मजोशी (Tremendous Warmth) महसूस हुई। सनी सर की चुप्पी बिल्कुल भी ऐसी नहीं थी, जो आम तौर पर किसी व्यक्ति की लंबी खामोशी से होती है; जब वे सेट पर थे, हर कोई खुद को सहज और तनावमुक्त महसूस करता था।
तिलोत्तमा ने कहा कि सनी देओल हमेशा बेहद दयालु, सम्मानजनक और उदार होती थी जब भी उनसे बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि आज ऐसे लोगों से मिलना बहुत दुर्लभ होता जा रहा है और सनी देओल को फिल्म इंडस्ट्री का एक ‘सच्चा जेंटलमैन’ बताया। सेट पर उनका व्यवहार ने पूरी टीम को बेहतरीन माहौल दिया, जिससे सभी कलाकारों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का उत्साह हुआ।
तिलोत्तमा का प्रसिद्ध ‘ढाई किलो का हाथ’ डायलॉग सनी देओल के सामने
सत्य साईं फिल्म्स और प्रसिद्ध निर्देशक इम्तियाज अली की निर्देशित फिल्म “इक्का” में तिलोत्तमा शोम ने ‘मधुरा बनर्जी’ नाम की एक दृढ़ और साहसी सरकारी वकील की भूमिका निभाई है। इस फिल्म में बचाव पक्ष का वकील ‘अर्जुन मेहरा’ की भूमिका निभाने वाले सनी देओल से उनका सामना होता है। इस कोर्टरूम थ्रिलर में एक दिलचस्प और रोमांचक मोड़ आता है जब मधुरा बनर्जी, तिलोत्तमा शोम का किरदार, जिरह के दौरान सनी देओल के ही सबसे लोकप्रिय और ऐतिहासिक संवाद, “ढाई किलो का हाथ” को अदालत में बोलती है।
तिलोत्तमा ने बताया कि सनी देओल के खिलाफ इस महान डायलॉग का इस्तेमाल करने का अनुभव उनके करियर में सबसे यादगार और कठिन दृश्यों में से एक था। सनी देओल के सामने अपने सबसे प्रसिद्ध डायलॉग को पूरी शिद्दत और कानूनी गरिमा से बोलना एक अद्भुत अनुभव था, जिसने सिनेमाघरों और ओटीटी पर दर्शकों को रोमांचित किया है।
“इक्का” की कहानी और ओटीटी पर इसका प्रभाव
‘इक्का’, सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा द्वारा निर्मित और निर्देशित एक शानदार मर्डर मिस्ट्री और न्यायिक विवाद पर आधारित है। फिल्म में सनी देओल द्वारा अभिनीत मशहूर वकील अर्जुन मेहरा (इंसाफ को सर्वोपरि मानने वाला) है। उन्हें अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी शौर्यमान गौर (अक्षय खन्ना) का केस लड़ना पड़ता है, जो एक हाई-प्रोफाइल हत्या के प्रयास में फंसा हुआ है, जो अर्जुन के आदर्शों और न्याय के प्रति उनके विश्वास की सबसे बड़ी परीक्षा है। नेटफ्लिक्स पर 10 जुलाई को रिलीज हुई इस क्राइम थ्रिलर फिल्म ने लगातार स्ट्रीमिंग चार्ट्स में शीर्ष स्थान हासिल किया है। फिल्म में उत्कृष्ट अभिनय, सस्पेंस और ड्रामा का ऐसा तड़का है जो अंत तक दर्शकों को बांधे रखता है।