उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने रचा इतिहास, दो माह में ₹2083 करोड़ से ज्यादा की कमाई, ई-वाहनों और रजिस्ट्रेशन में बंपर उछाल

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने रचा इतिहास, दो माह में ₹2083 करोड़ से ज्यादा की कमाई, ई-वाहनों और रजिस्ट्रेशन में बंपर उछाल

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने अप्रैल-मई 2025 में ₹2083 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया। ई-वाहनों और डिजिटल रजिस्ट्रेशन में तेजी से वृद्धि से 2025 के अंत तक ₹14,000 करोड़ कमाई का अनुमान है। जानें पूरी रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। अप्रैल-मई 2025 के दौरान विभाग ने ₹2083.63 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.11% अधिक है। तेजी से बढ़ते ई-वाहन रजिस्ट्रेशन और पारदर्शी डिजिटल प्रणाली की बदौलत 2025-26 में ₹14,000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2025-26 की पहली द्वैमासिक अवधि (अप्रैल-मई) में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। विभाग ने सिर्फ मई 2025 में ही ₹1040.48 करोड़ का राजस्व जमा किया, जो पिछले वर्ष मई की तुलना में 14.02% अधिक है।

वाहन पंजीकरण में रिकॉर्ड वृद्धि

  • मई 2025 में कुल 3.62 लाख गैर-परिवहन वाहन पंजीकृत हुए, जिसमें दोपहिया वाहनों में 26.93% की बढ़ोतरी देखी गई।

  • परिवहन श्रेणी के वाहनों में 9.88% वृद्धि दर्ज की गई, खासकर ई-कार्ट जैसे शहरी लॉजिस्टिक्स वाहनों की संख्या में 65% की बढ़त हुई।

ई-मोबिलिटी की ओर बड़ा कदम

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता में तेजी देखी गई है। अप्रैल-मई 2025 में कुल 50,626 ई-वाहनों का पंजीकरण हुआ, जिसमें 3,664 इलेक्ट्रिक कारें शामिल हैं। यह बदलाव ई-गवर्नेंस और पर्यावरण के प्रति लोगों की जागरूकता को दर्शाता है।

5 करोड़ से ज्यादा वाहन ऑन-रोड

मार्च 2025 में राज्य में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 4.93 करोड़ थी, जो मई 2025 तक बढ़कर 5 करोड़ से अधिक हो गई। केवल दो महीनों में 7 लाख से ज्यादा नए वाहन सड़कों पर आए।

ऑनलाइन व्यवस्था से पारदर्शिता और सुविधाएं

ड्राइविंग लाइसेंस शुल्क से ₹29.49 करोड़ की कमाई हुई, जबकि 90% से ज्यादा टैक्स और शुल्क ऑनलाइन जमा किए गए, जिससे सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और आम जनता की सुविधा में इजाफा हुआ है।

2025 के अंत तक लक्ष्य

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यही गति बनी रही तो:

  • राजस्व ₹14,000 करोड़ से ज्यादा हो सकता है।

  • 3.5 से 4 लाख नए ई-वाहनों का पंजीकरण संभावित है।

  • प्रदेश में कुल वाहनों की संख्या 5.35 करोड़ को पार कर सकती है।

For more news: UP

Related posts

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात; हरियाणा के विकास पर हुई चर्चा

नायब सिंह सैनी का अंबाला दौरा: कांग्रेस और AAP पर जमकर बरसे, लाडो लक्ष्मी योजना का किया जिक्र

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का शपथ ग्रहण: मंच पर दूसरी पंक्ति में दिखे CM नायब सैनी, ‘हरियाणा मॉडल’ की जीत का दिखा असर

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More