Table of Contents
“TCS Q4 FY26 नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में 2% से ज्यादा की गिरावट आई है। हालांकि राजस्व 5.4% और मुनाफा 29% बढ़ा है, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों ने ग्रोथ को लेकर मिली-जुली राय दी है
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 2 प्रतिशत से अधिक गिर गए। यह गिरावट कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे घोषित करने के बाद आई है। नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक पर मिला-जुला लेकिन सतर्क रुख अपनाया है।
सुबह के कारोबार में TCS का शेयर 2,536.40 पर ट्रेड कर रहा था, जो 2.03 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। हालांकि कंपनी का मार्च तिमाही का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप रहा है, जिसमें राजस्व में बढ़त और मजबूत डील विनिंग (deal wins) शामिल है।
Q4 FY26 के नतीजों की मुख्य बातें
TCS ने चौथी तिमाही में स्थिर प्रदर्शन किया है। राजस्व (Revenue) पिछली तिमाही के मुकाबले 5.4 प्रतिशत बढ़कर 70,698 करोड़ हो गया, जो विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर है। वहीं, शुद्ध लाभ (Net Profit) में पिछली तिमाही की तुलना में 29 प्रतिशत का बड़ा उछाल देखा गया और यह ₹13,718 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का मार्जिन स्थिर रहा और इस तिमाही में $12 बिलियन की मजबूत डील्स हासिल की गईं।
बाजार की सुस्त प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि विश्लेषक भविष्य में विकास और मार्जिन की स्थिरता को लेकर थोड़े सशंकित हैं, भले ही कंपनी को AI सेवाओं और मजबूत डील पाइपलाइन से समर्थन मिल रहा है।
ब्रोकरेज फर्मों की राय
नतीजों के बाद दिग्गज ब्रोकरेज हाउस अलग-अलग राय रख रहे हैं:
सकारात्मक रुख (CLSA, JPMorgan, Nomura, Goldman Sachs): इन फर्मों ने स्टॉक पर अपनी पॉजिटिव रेटिंग बरकरार रखी है। उनका मानना है कि कंपनी के पास मजबूत डील्स हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य में ग्रोथ का मुख्य जरिया बनेगा।
- सतर्क रुख (HSBC): HSBC ने स्टॉक पर ‘Hold’ रेटिंग दी है, क्योंकि उनका मानना है कि कंपनी की ग्रोथ फिलहाल मध्यम स्तर पर बनी रहेगी।
- नकारात्मक रुख (Jefferies): जेफरीज ने ‘Underperform’ रेटिंग को बरकरार रखा है। उन्होंने बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं (BFSI) में कमजोर रुझान और AI में निवेश के कारण मार्जिन पर दबाव की आशंका जताई है।
एक साल का प्रदर्शन और बाजार की चिंता
पिछले एक साल में TCS के शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसी अवधि के दौरान निफ्टी 50 (Nifty 50) ने लगभग 4.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। निफ्टी के मुकाबले TCS का यह कमजोर प्रदर्शन आईटी क्षेत्र में ग्रोथ की स्पष्टता को लेकर निवेशकों की चिंताओं को उजागर करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में एआई-संचालित अवसर कंपनी के लिए अच्छे हैं, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ की रफ्तार और मार्जिन को लेकर राय बंटी हुई है।