TCS के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने AI को आईटी उद्योग के लिए सबसे बड़ा अवसर बताया है। जानें कैसे AI आने वाले दशक में आईटी बाजार को दोगुना कर सकता है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने हाल ही में कंपनी की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर व्याप्त चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया। जहां एक ओर दुनिया भर में इस बात की चर्चा है कि क्या AI आईटी सेवाओं के पारंपरिक बिजनेस मॉडल के लिए एक अस्तित्वगत खतरा (existential threat) है, वहीं चंद्रशेखरन का मानना है कि AI आईटी क्षेत्र के लिए एक ‘मोर्टल थ्रेट’ (घातक खतरा) होने के बजाय, उद्यम आईटी (enterprise IT) के लिए अब तक का सबसे महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI वैश्विक प्रौद्योगिकी बाजार का विस्तार करेगा और आईटी फर्मों के लिए व्यापार के नए द्वार खोलेगा।
“AI केवल तकनीक नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस का इंफ्रास्ट्रक्चर है”
चेयरमैन ने AI को एक सीमित तकनीक के रूप में देखने के बजाय इसे एक ‘बुनियादी ढांचे’ (foundational infrastructure) के रूप में परिभाषित किया है। उन्होंने इसे ‘इंटेलिजेंस का इंफ्रास्ट्रक्चर’ (infrastructure of intelligence) करार दिया। चंद्रशेखरन ने ऐतिहासिक साक्ष्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे भाप के इंजन ने कोयले की उपयोगिता को बढ़ाया था, उसी तरह AI भी प्रौद्योगिकी की मांग को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, “जब भाप के इंजन ने कोयले को अधिक कुशल बनाया, तो हमने कम कोयला इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि हमने और अधिक उपयोग किया क्योंकि इसने नए अवसर खोले थे। क्लाउड ने तकनीक को हर उद्योग के केंद्र में ला दिया। AI भी वही करेगा, लेकिन बहुत बड़े पैमाने पर।”
विकास का नया कैनवास
चंद्रशेखरन के अनुसार, जैसे-जैसे ‘इंटेलिजेंस’ की लागत कम होगी, वैसे-वैसे अधिक प्रक्रियाएं, निर्णय और व्यावसायिक इंटरैक्शन AI-संचालित परिवर्तन के लिए पात्र बन जाएंगे। उन्होंने एक महत्वाकांक्षी अनुमान लगाते हुए कहा कि वैश्विक उद्यम आईटी उद्योग, जो वर्तमान में लगभग 1.6 ट्रिलियन डॉलर का है, वह अगले एक दशक में बढ़कर 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि AI सेवा क्षेत्र के लिए बाजार के दायरे को संकुचित नहीं, बल्कि विस्तारित कर रहा है।
पांच प्रमुख व्यावसायिक अवसर
TCS चेयरमैन ने AI को अपनाने से पैदा होने वाले पांच बड़े अवसरों की पहचान की है:
- एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण: पुरानी प्रणालियों को AI के अनुरूप ढालना।
- AI-आधारित व्यावसायिक परिवर्तन: कंपनियों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदलना।
- AI प्रणालियों का शासन और प्रबंधन: सुरक्षित और विश्वसनीय AI वातावरण बनाना।
- सॉवरेन AI इंफ्रास्ट्रक्चर: राष्ट्रों और कंपनियों द्वारा अपने स्वयं के डेटा और सुरक्षा के साथ AI विकसित करना।
- फिजिकल AI एप्लिकेशन: विनिर्माण (manufacturing), रसद (logistics) और कृषि जैसे क्षेत्रों में AI का भौतिक अनुप्रयोग।
‘कॉन्टेक्स्ट’ और ‘ट्रस्ट’ है सफलता की कुंजी
चर्चा के दौरान चंद्रशेखरन ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही कि भविष्य में सबसे दुर्लभ संसाधन ‘मॉडल’ नहीं, बल्कि ‘कॉन्टेक्स्ट’ (संदर्भ) और ‘ट्रस्ट’ (विश्वास) होंगे। उन्होंने कहा कि स्थापित आईटी सेवा फर्मों के पास दशकों से ग्राहकों के साथ बने गहरे संबंध और डोमेन विशेषज्ञता है, जो उन्हें एक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ (competitive advantage) प्रदान करती है। ग्राहक किसी भी AI मॉडल को अपनाते समय उस कंपनी पर भरोसा करना चाहते हैं जिसे वे दशकों से जानते हैं, और यहीं पर TCS जैसी कंपनियों की भूमिका सबसे अहम हो जाती है।
TCS की AI यात्रा और भविष्य का रोडमैप
कंपनी की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए चंद्रशेखरन ने बताया कि TCS ने वित्त वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही में 2.4 बिलियन डॉलर का वार्षिक AI राजस्व हासिल किया है। यह 22.4% की चक्रवृद्धि तिमाही विकास दर (compound quarterly growth rate) से बढ़ रहा है, जो यह दर्शाता है कि TCS के क्लाइंट AI को अपनाने में काफी सक्रिय हैं।
चेयरमैन का आत्मविश्वास स्पष्ट है: उन्होंने कंपनी के भीतर AI की भूमिका को लेकर एक साहसिक भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि TCS का भविष्य केवल कोडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी ‘इंटेलिजेंस-संचालित’ कंपनी बनने की ओर है जो हर उद्योग के लिए एक अभिन्न भागीदार (partner) के रूप में कार्य करेगी। एन. चंद्रशेखरन का यह संबोधन न केवल TCS के निवेशकों के लिए, बल्कि पूरे भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। यह संदेश देता है कि बदलाव से डरने के बजाय, उसे सही दिशा में ढालने से नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। भविष्य की आईटी कंपनियां वे होंगी जो न केवल तकनीकी रूप से दक्ष होंगी, बल्कि जो ग्राहकों के डेटा और भरोसे के साथ AI का सही प्रबंधन करना जानती होंगी।