हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल्स के शेयर ने बाजार की गिरावट के बीच भी शानदार प्रदर्शन किया है। जानें एक्सपर्ट्स ने क्यों दिया 900 रुपये का टारगेट और क्या हैं कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स।
मौजूदा समय में जब ईरान-इजरायल संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण शेयर बाजार भारी उतार-चढ़ाव (volatility) से गुजर रहा है, ऐसे में कुछ चुनिंदा कंपनियों ने अपनी मजबूती साबित की है। हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल्स लिमिटेड (HSCL) इन्हीं में से एक है, जिसने बेंचमार्क इंडेक्स को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। जहां निफ्टी और सेंसेक्स जैसे बड़े सूचकांक नकारात्मक रिटर्न दे रहे हैं, वहीं इस शेयर ने अपने निवेशकों की संपत्ति में काफी इजाफा किया है। पिछले छह महीनों में इसने 46.26% और चालू कैलेंडर वर्ष में 38.76% का शानदार रिटर्न दिया है। 5 जून को यह शेयर 698 रुपये के इंट्राडे हाई को छूने के बाद 688 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ था।
बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले शानदार प्रदर्शन
हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल्स का प्रदर्शन इसलिए और भी सराहनीय है क्योंकि इस दौरान निफ्टी 50 और सेंसेक्स ने लगातार गिरावट का सामना किया है। पिछले छह महीनों में निफ्टी 50 में 10.90% और चालू कैलेंडर वर्ष में 11.61% की गिरावट देखी गई है, जबकि सेंसेक्स ने क्रमशः 13.59% और 13.72% का नकारात्मक रिटर्न दिया है। इस गिरावट भरे दौर में HSCL का चार्ट पर ऊपर की ओर चलना (uptrend) यह दर्शाता है कि कंपनी के फंडामेंटल काफी मजबूत हैं और बाजार में इसके प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
मजबूत वित्तीय परिणाम और भविष्य का लक्ष्य
कंपनी के शेयर की कीमत में आई इस उछाल के पीछे ठोस वित्तीय नतीजे हैं। वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल्स ने 4,661 करोड़ रुपये का राजस्व, 1,006 करोड़ रुपये का एबिटडा (EBITDA) और 755 करोड़ रुपये का कर-पश्चात लाभ (PAT) दर्ज किया है। कंपनी ने अपनी भावी योजनाओं के बारे में भी स्पष्ट संकेत दिए हैं। प्रबंधन का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 (FY28) तक अपने मुनाफे को वित्त वर्ष 2025 के स्तर से दोगुना करने का है। यह आक्रामक लक्ष्य निवेशकों को कंपनी की विकास क्षमता के प्रति और अधिक आकर्षित कर रहा है।
विशेषज्ञों की राय: क्या अभी निवेश करना सही है?
बाजार के दिग्गज विश्लेषक इस स्टॉक की मजबूती को लेकर काफी उत्साहित हैं। आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स के सचिन जनार्दन सरवाडे ने वर्तमान स्तरों पर हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल्स के शेयर को ‘खरीदने’ (Buy) की सलाह दी है। उन्होंने इसके लिए 579 रुपये का स्टॉप-लॉस और 900 रुपये का लक्ष्य मूल्य (Target Price) निर्धारित किया है।
एक्सिस सिक्योरिटीज के राजेश पलविया का मानना है कि यह शेयर कई समय-सीमाओं (time frames) पर अपट्रेंड में है। उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में ट्रेडिंग वॉल्यूम में हुई वृद्धि यह दर्शाती है कि इसमें बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है। पलविया के अनुसार, डेली और वीकली बोलिंगर बैंड (Bollinger Band) संकेतक सकारात्मक गति का संकेत दे रहे हैं। इसके अलावा, डेली, वीकली और मंथली रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) भी अनुकूल क्षेत्र में हैं। यह स्टॉक अपने 20-दिन, 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है, जो इसकी लंबी अवधि की मजबूती को स्पष्ट करता है।
बाजार का मौजूदा हाल
दोपहर के कारोबार में, हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल्स के शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई और यह 0.90% की गिरावट के साथ 660.65 रुपये पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, यह गिरावट बाजार में जारी छोटी-मोटी मुनाफावसूली का हिस्सा मानी जा रही है, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 0.24% की बढ़त के साथ 23,178 पर मजबूती से टिका हुआ है।
लंबी अवधि का नजरिया
हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल्स का प्रदर्शन यह साबित करता है कि कठिन दौर में भी जो कंपनियां अपने व्यापार मॉडल और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखती हैं, वे बाजार की बाधाओं को आसानी से पार कर लेती हैं। कंपनी की विनिर्माण क्षमता और भविष्य के विकास के लक्ष्य इसे रासायनिक क्षेत्र (chemical sector) में एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है, इसलिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए स्टॉप-लॉस का पालन करना अनिवार्य है।
हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल्स की यह कहानी उन निवेशकों के लिए एक उदाहरण है जो बाजार की गिरावट के दौरान भी ‘ग्रोथ’ और ‘वैल्यू’ को पहचानने की क्षमता रखते हैं। कंपनी का लक्ष्य दोगुना मुनाफा कमाने का है, जिसे यदि वह हासिल कर लेती है, तो यह शेयर आने वाले समय में और भी नई ऊंचाइयों को छू सकता है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर रखें और तकनीकी चार्ट्स के संकेतों का पालन करते हुए निवेश का निर्णय लें।