कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने मान सरकार के 4 साल के महिला सशक्तिकरण कार्यों को गिनाया। SHG और सखी शक्ति मेलों के जरिए महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाने पर जोर।
पंजाब में महिला सशक्तिकरण और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने अपनी उपलब्धियां गिनाई हैं। पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर काम किया है। उन्होंने पिछली पारंपरिक सरकारों के 11 वर्षों और मान सरकार के चार वर्षों के आंकड़ों की तुलना करते हुए महिला कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में सरकार के काम को सामने रखा।
तरुणप्रीत सौंध के अनुसार, पंजाब में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) के माध्यम से उन्हें रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही महिलाओं के हुनर को आर्थिक ताकत में बदलने के लिए सखी शक्ति मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जहां महिलाएं अपने उत्पादों और कौशल को बाजार तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त कर रही हैं।
महिला सशक्तिकरण पर मान सरकार का फोकस
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने कहा कि मान सरकार के कार्यकाल में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का उद्देश्य केवल महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और बाजार से जोड़कर लंबे समय के लिए आत्मनिर्भर बनाना है।
उनके मुताबिक, स्वयं सहायता समूह महिलाओं को संगठित होकर काम करने और अपनी आय के स्रोत विकसित करने का अवसर दे रहे हैं। SHG के माध्यम से महिलाएं अलग-अलग प्रकार के उत्पाद तैयार करने, छोटे व्यवसाय शुरू करने और सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने में सक्षम हो रही हैं।
Self-Help Groups से महिलाओं को आर्थिक अवसर
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👉🏻 ਸੈਲਫ਼ ਹੈਲਪ ਗਰੁੱਪਾਂ ਰਾਹੀਂ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੇ ਅੱਗੇ ਵਧਣ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਆਤਮ ਨਿਰਭਰ ਹੋਣ ਦੇ ਮੌਕੇ
👉🏻 ਔਰਤਾਂ ਦੇ ਹੁਨਰ ਨੂੰ ਉਹਨਾਂ… pic.twitter.com/Q36IwCeoYY— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 10, 2026
पंजाब में महिला स्वयं सहायता समूहों को ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को अपने हुनर और क्षमता का इस्तेमाल कर आय अर्जित करने का अवसर मिलता है।
तरुणप्रीत सौंध ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वयं सहायता समूहों के जरिए नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे समूह महिलाओं को सामूहिक रूप से काम करने, उत्पाद तैयार करने और उन्हें बाजार में बेचने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिहाज से SHG मॉडल को महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे महिलाओं में बचत, वित्तीय प्रबंधन, उद्यमिता और सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सखी शक्ति मेलों के जरिए हुनर को बाजार से जोड़ने की कोशिश
महिलाओं के कौशल को आर्थिक अवसर में बदलने के लिए सखी शक्ति मेलों के आयोजन पर भी सरकार का जोर है। इन मेलों में महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
तरुणप्रीत सौंध के अनुसार, इन मेलों का उद्देश्य महिलाओं के हुनर को केवल घरेलू गतिविधि तक सीमित न रखना बल्कि उसे आर्थिक ताकत में बदलना है। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, कपड़े और अन्य स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
11 साल बनाम 4 साल के आंकड़ों की तुलना
कैबिनेट मंत्री ने अपने बयान में पिछली पारंपरिक सरकारों के 11 वर्षों और मान सरकार के चार वर्षों के आंकड़ों को सामने रखने की बात कही। उनका उद्देश्य यह बताना था कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए काम की गति और विस्तार पहले की सरकारों की तुलना में अधिक रहा है।
हालांकि, इन आंकड़ों का वास्तविक मूल्यांकन करने के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों, योजनाओं की संख्या, लाभार्थियों और वित्तीय आवंटन का विस्तृत अध्ययन जरूरी होगा। फिलहाल मंत्री ने इन आंकड़ों के आधार पर मान सरकार के कार्यकाल को महिला सशक्तिकरण के लिहाज से बेहतर बताया है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति
सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति में आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रमुख आधार बनाया गया है। महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें उत्पादन, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
SHG के माध्यम से महिलाओं को समूह आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना और सखी शक्ति मेलों के जरिए उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना इसी रणनीति का हिस्सा है। इससे महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
ग्रामीण महिलाओं पर विशेष जोर
स्वयं सहायता समूहों का मॉडल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में कई महिलाएं अपने घर और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय या उत्पादन गतिविधियां करती हैं।
ऐसे में SHG उन्हें एक संगठित मंच उपलब्ध करा सकता है। समूह के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव के नए अवसर तलाश सकती हैं। सखी शक्ति मेले जैसे आयोजन इन महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का मंच देते हैं।
महिला सशक्तिकरण को आर्थिक मजबूती से जोड़ने का दावा
तरुणप्रीत सौंध ने अपने बयान में महिला सशक्तिकरण को आर्थिक मजबूती से जोड़ने पर जोर दिया। उनका कहना है कि महिलाओं के पास हुनर और क्षमता है, जरूरत उन्हें सही अवसर और बाजार उपलब्ध कराने की है।
मान सरकार की ओर से SHG और सखी शक्ति मेलों के जरिए इसी दिशा में काम करने का दावा किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को रोजगार के अवसर देने के साथ उन्हें आर्थिक निर्णयों में अधिक सक्षम बनाना भी बताया जा रहा है।
4 साल के काम को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही सरकार
पंजाब सरकार अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने की तैयारी में है। इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों और योजनाओं के आंकड़े भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
तरुणप्रीत सौंध ने इन उपलब्धियों को मान सरकार की महिला केंद्रित नीतियों का परिणाम बताया है। हालांकि, इन दावों का स्वतंत्र मूल्यांकन करने के लिए योजना-वार लाभार्थियों, बजट और वास्तविक रोजगार या आय में हुए बदलाव के आंकड़ों को देखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल पंजाब सरकार की ओर से महिला स्वयं सहायता समूहों और सखी शक्ति मेलों को महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर पेश किया जा रहा है। मंत्री तरुणप्रीत सौंध का दावा है कि मान सरकार ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में पिछली सरकारों की तुलना में रिकॉर्ड काम किया है।