पूर्व क्रिकेटर सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने कहा कि एमएस धोनी के बिना चेन्नई सुपर किंग्स को एक तकनीकी और रणनीतिक कोच की जरूरत है, इसलिए स्टीफन फ्लेमिंग को हटाने का फैसला सही है।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ का मानना है कि टी20 क्रिकेट के बदलते परिदृश्य को देखते हुए सीएसके को अब एक ऐसे कोच की सख्त जरूरत है, जो तकनीकी और रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत हो। बद्रीनाथ ने कहा कि हालांकि स्टीफन फ्लेमिंग एक महान और सफल कोच रहे हैं, लेकिन एमएस धोनी की कप्तानी के बाद टीम की जरूरतों में बड़ा बदलाव आया है और अब सीएसके में फ्लेमिंग का समय पूरा हो चुका है।
चेन्नई सुपर किंग्स ने स्टीफन फ्लेमिंग के मार्गदर्शन में पांच आईपीएल (IPL) खिताब जीते और रिकॉर्ड स्तर पर प्लेऑफ तक का सफर तय किया। हालांकि, पिछले तीन सीजन (2024 से 2026 तक) टीम के लिए बेहद निराशाजनक रहे हैं। सीएसके लगातार तीनों सीजन में प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही है। इतना ही नहीं, आईपीएल 2025 में टीम अपने इतिहास में पहली बार प्वाइंट्स टेबल में सबसे निचले (10वें) पायदान पर रही थी।
“युवा खिलाड़ियों के लिए तकनीकी रूप से सक्षम कोच की जरूरत”
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए बद्रीनाथ ने कहा कि मौजूदा दौर में जब नए भारतीय युवा खिलाड़ी टीम में अपनी जगह बना रहे हैं, तब कोच का काम केवल खिलाड़ियों को संभालना (Man-Management) नहीं रह जाता।
बद्रीनाथ ने कहा:
“भारतीय युवा खिलाड़ियों के उभरने के साथ, टी20 क्रिकेट में बेहतरीन तकनीकी और रणनीतिक समझ रखने वाले कोच की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपको सही खिलाड़ियों को चुनकर और उन्हें तराशकर एक मजबूत टीम का निर्माण करना होता है।”
उन्होंने आगे कहा:
“केवल एक मैन-मैनेजर होना मौजूदा सीएसके सेटअप में काम नहीं करेगा। एमएस धोनी की अनुपस्थिति में अब एक वास्तविक कोच की आवश्यकता है जो ग्राउंड पर ज्यादा तकनीकी काम कर सके। इसलिए फ्लेमिंग को अलविदा कहने का फैसला पूरी तरह से सही है, भले ही यह निर्णय कठिन रहा हो।”
धोनी के कप्तानी छोड़ते ही चरमराई सीएसके की किस्मत
स्टीफन फ्लेमिंग ने अपने सभी पांचों आईपीएल खिताब (2009 से 2023 के बीच) एमएस धोनी की कप्तानी के दौर में जीते। हालांकि, 2024 सीजन से ठीक पहले जब धोनी ने कप्तानी छोड़ी और रुतुराज गायकवाड़ ने टीम की कमान संभाली, उसके बाद से चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन लगातार गिरता चला गया।
बद्रीनाथ ने फ्लेमिंग की क्षमताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे एक असाधारण मैन-मैनेजर और बेहतरीन पेशेवर रहे हैं। उन्होंने हमेशा सीएसके के ड्रेसिंग रूम में एक तनावमुक्त और सकारात्मक माहौल बनाए रखा, जिसने वर्षों तक टीम की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई।
बद्रीनाथ का सीएसके के साथ सफर
सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने 2008 से 2013 तक आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रतिनिधित्व किया था। इस दौरान अपने आखिरी चार सीजन उन्होंने स्टीफन फ्लेमिंग के ही हेड कोच रहते हुए खेले थे। ऐसे में फ्लेमिंग के काम करने के तरीके को करीब से देखने वाले बद्रीनाथ का यह बयान क्रिकेट गलियारों में काफी चर्चा बटोर रहा है।
बद्रीनाथ के अनुसार, एमएस धोनी और स्टीफन फ्लेमिंग की जोड़ी ने सालों तक सीएसके को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, लेकिन धोनी के बिना फ्लेमिंग की रणनीति बेअसर नजर आ रही है। अब यदि चेन्नई सुपर किंग्स को आगामी आईपीएल सीजन में अपनी पुरानी लय हासिल करनी है, तो उन्हें एक ऐसे मुख्य कोच की तलाश करनी होगी जो युवा प्रतिभाओं को ग्रूम कर सके और आधुनिक टी20 क्रिकेट की चुनौतियों से निपट सके।”धोनी के बिना केवल मैन-मैनेजर से काम नहीं चलेगा”: बद्रीनाथ बोले- सीएसके में स्टीफन फ्लेमिंग का दौर अब खत्म हुआ