भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट की आशंका। मध्य पूर्व के तनाव और FII बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। ताजा अपडेट यहाँ पढ़ें।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार की सुबह काफी दबाव के साथ हुई। वैश्विक संकेतों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच बाजार में नकारात्मक गति (negative momentum) देखी जा रही है। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) के आंकड़े एक ‘गैप-डाउन’ ओपनिंग की ओर इशारा कर रहे हैं, जिससे निवेशकों में बेचैनी स्पष्ट है। सोमवार को भारतीय बाजारों में देखी गई बिकवाली का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहने के आसार हैं।
भू-राजनीतिक तनाव और बाजार पर असर
बाजार में इस नकारात्मकता का मुख्य कारण ईरान, इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ता टकराव है। खबरों के अनुसार, तेहरान द्वारा वाशिंगटन के साथ वार्ता निलंबित करने की रिपोर्टों ने निवेशकों की धारणा को और कमजोर कर दिया है। हालांकि, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लेकर अलग रुख अपनाते हुए कहा है कि बातचीत अभी जारी है। कच्चा तेल, जो अक्सर अंतरराष्ट्रीय तनावों का पहला शिकार होता है, इस खबर के बाद 8 फीसदी तक उछल गया था। हालांकि, ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच सकारात्मक बातचीत की खबर आने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखी गई है।
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए दावा किया है कि इजरायल और हिजबुल्लाह युद्ध रोकने पर सहमत हो गए हैं। उनके अनुसार, उन्होंने दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से बात की है और युद्धविराम की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। लेकिन बाजारों पर इसका असर अभी भी संशय भरा है, क्योंकि निवेशक किसी भी बड़े तनावपूर्ण घटनाक्रम के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील बने हुए हैं।
एशियाई बाजारों में सुस्ती
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि पूरा एशियाई बाजार दबाव में है। निवेशक मध्य पूर्व के घटनाक्रमों को लेकर असमंजस में हैं और इस अनिश्चितता ने एशियाई बाजारों में गिरावट पैदा कर दी है। मंगलवार की शुरुआती ट्रेड में जापान का ‘निक्केई 225’ (Nikkei 225) 1.06 फीसदी और दक्षिण कोरिया का ‘कोस्पी’ (Kospi) 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई, जो दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा अभी डगमगाया हुआ है।
सोमवार का ‘रिवर्सल’ और निफ्टी-सेंसेक्स की चाल
सोमवार का कारोबारी सत्र भारतीय बाजारों के लिए एक बड़ा ‘रिवर्सल’ लेकर आया था। बाजार ने दिन की शुरुआत हरे निशान (green) में की थी और सेंसेक्स ने 75,367.93 के स्तर को छुआ था। हालांकि, दिन के अंत तक आते-आते बाजार ने अपनी बढ़त पूरी तरह गंवा दी। सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से 1,100 अंक से अधिक गिर गया और अंत में 508.40 अंकों की गिरावट के साथ 74,267.34 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी 50 भी अपने दिन के उच्च स्तर 23,733.70 से करीब 350 अंक गिरकर 23,382.60 पर बंद हुआ।
बाजार की इस तेज गिरावट के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली एक बड़ा कारण रही है। इसके अलावा, आगामी घरेलू इवेंट्स जैसे कि आरबीआई की मौद्रिक नीति (RBI policy) पर निर्णय और जीडीपी (GDP) के आंकड़ों को लेकर भी बाजार में काफी सावधानी बरती जा रही है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
वर्तमान में बाजार के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि अस्थिरता (volatility) का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। गिफ्ट निफ्टी के अनुसार, मंगलवार को 23,250 के स्तर के आसपास कारोबार देखने को मिल रहा है, जो 0.82 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है। भारतीय बाजार में इस समय ‘सावधानी’ का माहौल है।
जो निवेशक बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय उथल-पुथल से भरा हो सकता है। जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होते और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की पूरी संभावना है। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार के रुझानों और ग्लोबल खबरों पर बारीकी से नजर रखें।