शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 700 अंक चढ़ा और निफ्टी 22,600 के पार पहुंचा। आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी रही।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 5 अक्टूबर को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद घरेलू इक्विटी बाजार ने बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया और सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 700 अंक चढ़ गया। निफ्टी भी 22,600 के स्तर को पार कर गया। बैंकिंग, आईटी, वित्तीय सेवाओं और कंज्यूमर शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला। हालांकि ऑटो और फार्मा सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा।
सुबह 9:49 बजे सेंसेक्स 683.29 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,592.99 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 188.60 अंक यानी 0.84 प्रतिशत चढ़कर 22,610.55 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी व्यापक रही और मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
IT शेयरों में लौटी खरीदारी
शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों ने भले ही बाजार की तेजी के मुकाबले धीमी शुरुआत की थी, लेकिन बाद में इनमें भी खरीदारी बढ़ गई। सुबह 9:49 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। प्रमुख आईटी कंपनियों में TCS के शेयर करीब 2.32 प्रतिशत ऊपर थे, जबकि टेक महिंद्रा में 0.97 प्रतिशत की तेजी रही। इंफोसिस भी मामूली 0.13 प्रतिशत की बढ़त में रही।
हालांकि HCLTech का प्रदर्शन कमजोर रहा और कंपनी के शेयर करीब 0.59 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। आईटी सेक्टर पर निवेशकों की नजर वैश्विक आईटी कंपनी Accenture के हालिया नतीजों और आउटलुक पर भी है। Accenture के प्रदर्शन से भारतीय आईटी कंपनियों के कारोबार और मांग को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है।
बैंकिंग शेयरों ने संभाली बाजार की कमान
सोमवार की तेजी में बैंकिंग शेयरों की भूमिका सबसे अहम रही। निफ्टी PSU Bank इंडेक्स करीब 1.98 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि निफ्टी बैंक में 1.20 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। प्रमुख बैंकिंग शेयरों में Axis Bank 1.54 प्रतिशत, SBI 1.21 प्रतिशत, HDFC Bank 0.89 प्रतिशत और ICICI Bank 0.95 प्रतिशत की बढ़त में रहे।
वित्तीय सेवाओं के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी Financial Services इंडेक्स करीब 1.20 प्रतिशत ऊपर रहा। निवेशकों की नजर अब 7 अक्टूबर को होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर भी है।
Bajaj Finance सबसे बड़े गेनर्स में शामिल
Sensex में शामिल शेयरों में Bajaj Finance सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वालों में रहा और इसके शेयर करीब 4.29 प्रतिशत चढ़े। TCS में 2.32 प्रतिशत की तेजी रही। इसके अलावा Axis Bank, Reliance Industries, Titan और ITC के शेयरों में करीब 1.4 से 1.5 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई।
Larsen & Toubro, Power Grid, SBI, IndiGo और Bharti Airtel भी प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे। दूसरी तरफ BEL में 0.83 प्रतिशत, Sun Pharma में 0.81 प्रतिशत, Asian Paints में 0.60 प्रतिशत और HCLTech में 0.59 प्रतिशत की गिरावट रही।
Auto और Pharma शेयरों पर दबाव
जहां ज्यादातर सेक्टरों में तेजी रही, वहीं ऑटो और फार्मा शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी Auto इंडेक्स 0.37 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि निफ्टी Pharma में 0.46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी Healthcare इंडेक्स भी 0.64 प्रतिशत की गिरावट में रहा।
इसके बावजूद सितंबर के ऑटो बिक्री आंकड़ों को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, सितंबर के ऑटो बिक्री आंकड़े अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक मजबूती का संकेत देते हैं।
Midcap और Smallcap में भी खरीदारी
बाजार की तेजी केवल Sensex और Nifty तक सीमित नहीं रही। निफ्टी Midcap 100 इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि Nifty Smallcap 100 में 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। Nifty 500 करीब 0.82 प्रतिशत और Nifty 200 करीब 0.84 प्रतिशत ऊपर रहा।
इससे संकेत मिलता है कि सोमवार को बाजार में खरीदारी व्यापक स्तर पर हुई और निवेशकों ने केवल चुनिंदा बड़ी कंपनियों के बजाय मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दिलचस्पी दिखाई।
RBI की बैठक और रेपो रेट पर नजर
अब बाजार की अगली बड़ी नजर 7 अक्टूबर को होने वाली RBI की मौद्रिक नीति घोषणा पर है। बाजार में 25 बेसिस प्वाइंट की रेपो रेट बढ़ोतरी की संभावना को लेकर चर्चा है। वीके विजयकुमार के मुताबिक, बाजार इस संभावित बढ़ोतरी को काफी हद तक पहले ही ध्यान में रख चुका है।
उन्होंने कहा कि आठ सप्ताह की गिरावट के बाद बाजार में निकट अवधि में रिकवरी की संभावना बन रही है। हालांकि ऊंची कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और लगातार FII बिकवाली जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। दूसरी तरफ बड़े शेयरों का आकर्षक मूल्यांकन बाजार को सहारा दे सकता है।
India VIX में गिरावट से मिली राहत
बाजार में तेजी के साथ अस्थिरता भी थोड़ी कम हुई। India VIX सुबह के कारोबार में 0.83 प्रतिशत गिरकर 14.34 पर आ गया। VIX में गिरावट से संकेत मिलता है कि निकट अवधि में बाजार की अस्थिरता को लेकर निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है।
सोमवार की तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले कारोबारी सत्र में Sensex और Nifty लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे। पिछले सत्र में Sensex 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ था, जबकि Nifty 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत टूटकर 22,421.95 पर आ गया था। अब सोमवार की तेजी बाजार में संभावित रिकवरी की उम्मीद जगा रही है, लेकिन आगे की दिशा RBI नीति, FII प्रवाह, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों के रुख पर निर्भर करेगी।