GIFT Nifty में 0.58 प्रतिशत की बढ़त से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिले हैं। कच्चा तेल, FII बिकवाली और RBI नीति बाजार की दिशा तय करेंगे।
भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार, 5 अक्टूबर की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के साथ होने की उम्मीद है। सुबह करीब 8:22 बजे GIFT Nifty 131.5 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,622.5 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी 50 के पिछले बंद स्तर 22,422 से करीब 200 अंक ऊपर था। ऐसे में GIFT Nifty के संकेतों से अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमवार को घरेलू इक्विटी बाजार में Sensex और Nifty की शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है।
भारतीय बाजार को एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती और अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों से भी समर्थन मिला है। अमेरिकी रोजगार से जुड़े आंकड़ों ने फिलहाल इस चिंता को कुछ कम किया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अक्टूबर की बैठक में मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है। इससे वैश्विक निवेशकों के जोखिम लेने के रुझान को कुछ सहारा मिला है।
बाजार की तेजी पर कई चुनौतियां भी
हालांकि शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं, लेकिन बाजार में तेजी टिकाऊ रहेगी या नहीं, इसको लेकर निवेशक सतर्क नजर आ सकते हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का ऊंचा स्तर, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई कारक बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं।
ऐसे माहौल में भारतीय शेयर बाजार में किसी भी तेजी के बावजूद उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर भी रहेगी।
कच्चे तेल की कीमतें बनी बड़ी चिंता
भारतीय शेयर बाजार के लिए इस समय कच्चे तेल की कीमतें सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक हैं। WTI क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सप्लाई में सुधार और राजनयिक प्रयासों की उम्मीद के चलते कीमतों में शुरुआती नरमी देखने को मिली थी, लेकिन पश्चिम एशिया में फिर बढ़ते तनाव ने सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
ईरान की ओर से संकेत दिया गया है कि उसकी शर्तें पूरी होने तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह नहीं खुलेगा। वहीं, यमन के हूती समूह ने सऊदी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाने वाले हमलों का दावा किया है। यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी आ सकती है।
भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि इससे देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही महंगा तेल महंगाई और रुपये की स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है।
FII बिकवाली से बाजार पर दबाव
घरेलू शेयर बाजार के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली भी एक बड़ा ओवरहैंग बनी हुई है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का ऊंचा स्तर, कमजोर रुपया और भू-राजनीतिक अनिश्चितता विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में निवेश को प्रभावित कर सकती है।
अगर FII की बिकवाली आगे भी जारी रहती है तो बाजार की तेजी पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशक बाजार में आने वाली किसी भी बढ़त को सावधानी के साथ देख सकते हैं।
RBI की बैठक पर निवेशकों की नजर
इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति यानी MPC की बैठक भी बड़ा घरेलू ट्रिगर होगी। RBI 7 अक्टूबर को अपनी नीतिगत घोषणा करेगा। निवेशक खासतौर पर महंगे कच्चे तेल, खाद्य महंगाई और कृषि उत्पादन से जुड़े जोखिमों के बीच केंद्रीय बैंक के महंगाई आकलन पर नजर रखेंगे।
इसके अलावा ब्याज दरों, आर्थिक विकास और रुपये की स्थिरता को लेकर RBI का रुख भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। निवेशक यह जानना चाहेंगे कि केंद्रीय बैंक आने वाले समय में महंगाई और ग्रोथ के बीच किस तरह संतुलन बनाता है।
OPEC+ और सऊदी अरब के फैसले से तेल बाजार में हलचल
तेल बाजार में OPEC+ का रुख भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। समूह ने नवंबर के लिए उत्पादन लक्ष्य में बदलाव नहीं किया है, जबकि भू-राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय निर्यात में बाधाओं को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
दूसरी ओर, सऊदी अरब ने नवंबर के लिए एशिया में अपने Arab Light क्रूड का आधिकारिक बिक्री मूल्य अचानक 3 डॉलर प्रति बैरल घटा दिया है। यह जून 2020 के बाद सबसे बड़ी कटौती बताई जा रही है। इससे एशियाई क्षेत्र में मांग को लेकर कमजोर उम्मीदों का संकेत मिल रहा है।
एशियाई बाजारों से भी मिला सपोर्ट
एशियाई बाजारों का शुरुआती प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है। जापान का Nikkei 225 करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। हालांकि दक्षिण कोरियाई बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे।
कुल मिलाकर सोमवार के शुरुआती संकेत Sensex और Nifty के लिए सकारात्मक हैं। GIFT Nifty में 22,600 के ऊपर की मजबूती हाल की कमजोरी के बाद रिकवरी की संभावना दिखाती है। हालांकि इस तेजी को बनाए रखने के लिए वैश्विक जोखिम भावना, कच्चे तेल की कीमतें, FII का निवेश और RBI की मौद्रिक नीति के संकेत अहम होंगे।
Enrich Money के CEO Ponmudi R के मुताबिक, GIFT Nifty में 22,600 के ऊपर कारोबार और अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व की सख्ती को लेकर तत्काल चिंता कम होने से भारतीय बाजार की शुरुआत सावधानी भरी तेजी के साथ हो सकती है। हालांकि ऊंची ट्रेजरी यील्ड, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक जोखिम बाजार की बढ़त को सीमित कर सकते हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए सोमवार का कारोबारी सत्र सकारात्मक शुरुआत के बावजूद सतर्क रहने वाला हो सकता है।