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भारतीय शेयर बाजार सोमवार को शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 544 अंक चढ़कर 78,639 पर और निफ्टी 24,774 पर बंद हुआ। SEBI का नया Closing Auction Session (CAS) पहली बार F&O शेयरों में लागू किया गया।
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को शानदार बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और एफएमसीजी शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर बीएसई सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) की बढ़त के साथ 78,639.03 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 390.70 अंक (1.60%) उछलकर 24,774.30 के स्तर पर पहुंच गया। सोमवार का कारोबारी सत्र इसलिए भी खास रहा क्योंकि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा लागू किए गए Closing Auction Session (CAS) की शुरुआत पहली बार एफएंडओ (F&O) शेयरों के लिए की गई। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में अधिक पारदर्शी क्लोजिंग प्राइस तय करना और अंतिम समय में होने वाली अस्थिरता को कम करना है।
SEBI का नया Closing Auction Session पहली बार लागू
सोमवार से एफएंडओ श्रेणी के शेयरों के लिए नया Closing Auction Session (CAS) लागू हो गया। नई व्यवस्था के तहत इन शेयरों में सामान्य कैश मार्केट ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे समाप्त हुई, जबकि इसके बाद 3:15 बजे से 3:35 बजे तक क्लोजिंग ऑक्शन सेशन आयोजित किया गया। इस दौरान खरीद और बिक्री के ऑर्डर के आधार पर शेयरों का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस तय किया गया।
यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हुई। पहले पांच मिनट का ट्रांजिशन पीरियड रखा गया, उसके बाद ऑर्डर एंट्री, फिर केवल लिमिट ऑर्डर की अनुमति और अंत में ऑर्डर मैचिंग के जरिए अंतिम क्लोजिंग प्राइस निर्धारित किया गया। वहीं, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग पहले की तुलना में बढ़ाकर 3:40 बजे तक जारी रही, जिससे निवेशकों को अपने डेरिवेटिव पोजिशन एडजस्ट करने के लिए अतिरिक्त समय मिला।
निफ्टी में क्लोजिंग ऑक्शन का दिखा असर
नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम का प्रभाव निफ्टी के अंतिम स्तर पर भी साफ दिखाई दिया। दोपहर 3:15 बजे तक निफ्टी 24,573 के आसपास कारोबार कर रहा था, लेकिन क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान खरीदारी बढ़ने से आधिकारिक क्लोज 24,774.30 पर हुआ। इससे यह स्पष्ट हुआ कि नई व्यवस्था के तहत अंतिम कीमत बाजार की वास्तविक मांग और आपूर्ति के आधार पर अधिक प्रभावी ढंग से तय हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली भविष्य में बड़े संस्थागत निवेशकों और विदेशी निवेशकों के लिए अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद क्लोजिंग प्राइस उपलब्ध कराएगी।
आईटी और बैंकिंग शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
सोमवार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.28 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ दिन का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। टीसीएस, इंफोसिस और एलटीआईमाइंडट्री जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। निफ्टी बैंक 1.72 प्रतिशत, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.47 प्रतिशत चढ़ा। निवेशकों ने निजी बैंकों और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी की, जिससे बाजार को व्यापक समर्थन मिला।
एफएमसीजी, सीमेंट, केमिकल और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निफ्टी सीमेंट 2.72 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.90 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 1.72 प्रतिशत, जबकि निफ्टी मेटल और निफ्टी केमिकल में लगभग 1.54 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। हालांकि निफ्टी मीडिया करीब 3.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन का सबसे कमजोर सेक्टर रहा।
ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी खरीदारी
केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.21 प्रतिशत, निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.29 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 1.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार में तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक स्तर पर खरीदारी हुई।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) सबसे बड़ा गेनर रहा और इसके शेयर 4.22 प्रतिशत चढ़े। टीसीएस में 3.57 प्रतिशत, इंफोसिस में 3.54 प्रतिशत, इटरनल में 2.53 प्रतिशत और आईटीसी, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व तथा एलटीआईमाइंडट्री में भी मजबूत बढ़त देखने को मिली।
दूसरी ओर, कुछ शेयर दबाव में रहे। सन फार्मा के शेयर 1.98 प्रतिशत टूटे, जबकि भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अडानी पोर्ट्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की दिशा पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, नई क्लोजिंग ऑक्शन प्रणाली भारतीय शेयर बाजार को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्लोजिंग प्राइस अधिक पारदर्शी होंगे और बड़े निवेशकों को अंतिम समय में बेहतर मूल्य खोजने में मदद मिलेगी। साथ ही, आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में मजबूत खरीदारी यह संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट आय पर बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और आगामी आर्थिक आंकड़े सकारात्मक आते हैं, तो निफ्टी आने वाले दिनों में 25,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, आरबीआई की मौद्रिक नीति और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।