31 जुलाई के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद होने की ओर बढ़ा। सेंसेक्स 78,000 के पार और निफ्टी 24,350 के ऊपर कारोबार करता दिखा। ऑटो, फार्मा और वित्तीय शेयरों में शानदार खरीदारी रही, जबकि आईटी और एफएमसीजी शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
शुक्रवार, 31 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती के साथ कारोबार किया। दोपहर के सत्र में बीएसई सेंसेक्स 133 अंकों की बढ़त के साथ 78,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 लगभग 65 अंकों की तेजी के साथ 24,350 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और चुनिंदा सेक्टरों में मजबूत खरीदारी ने घरेलू बाजार को सहारा दिया।
बाजार में केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों में ही नहीं, बल्कि मिडकैप और ब्रॉडर मार्केट में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता नजर आया और अधिकांश सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
ब्रॉडर मार्केट में भी रही अच्छी तेजी
मुख्य सूचकांकों के अलावा व्यापक बाजार (Broad Market) में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी नेक्स्ट 50 में लगभग 1.28 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। वहीं निफ्टी 100 करीब 0.41 प्रतिशत, निफ्टी 200 लगभग 0.43 प्रतिशत और निफ्टी 500 करीब 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता रहा।
ब्रॉडर मार्केट में आई तेजी इस बात का संकेत है कि निवेशक केवल चुनिंदा ब्लूचिप शेयरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि विभिन्न सेक्टरों और कंपनियों में निवेश कर रहे हैं। इससे बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) भी मजबूत बनी रही।
ऑटो और वित्तीय शेयरों में शानदार खरीदारी
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो शुक्रवार को ऑटो सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बना। निफ्टी ऑटो इंडेक्स लगभग 1.92 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाला सेक्टर रहा। वाहन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से इस इंडेक्स को मजबूती मिली।
इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक इंडेक्स में करीब 2.37 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई। वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनियों में निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। वहीं निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज लगभग 0.96 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा करीब 1.07 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर लगभग 0.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।
विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक इस समय ऐसे सेक्टरों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां भविष्य में बेहतर आय और स्थिर वृद्धि की संभावना दिखाई दे रही है।
आईटी शेयरों में शुरुआती गिरावट के बाद सुधार
दिन की शुरुआत में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला था। सुबह के कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 प्रतिशत से अधिक टूट गया था। हालांकि दोपहर तक इसमें कुछ सुधार आया और नुकसान घटकर लगभग 1.22 प्रतिशत रह गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े निवेश को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आईटी शेयरों में अस्थिरता बनी हुई है। इसके बावजूद दिन के दूसरे हिस्से में निवेशकों ने चुनिंदा आईटी कंपनियों में खरीदारी की, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित हो गई।
एफएमसीजी शेयरों पर बना रहा दबाव
जहां अधिकांश सेक्टरों में तेजी देखने को मिली, वहीं एफएमसीजी सेक्टर दबाव में रहा। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स लगभग 0.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों में मुनाफावसूली और तिमाही परिणामों को लेकर सतर्कता के कारण इस सेक्टर में कमजोरी बनी रही। हालांकि बाजार के अन्य मजबूत सेक्टरों ने समग्र सूचकांकों को सकारात्मक बनाए रखा।
घटी बाजार की अस्थिरता, निवेशकों का भरोसा बढ़ा
शुक्रवार के कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव का स्तर भी कम हुआ। इंडिया VIX, जिसे बाजार की अस्थिरता का प्रमुख संकेतक माना जाता है, लगभग 2.40 प्रतिशत गिर गया। VIX में गिरावट आमतौर पर इस बात का संकेत मानी जाती है कि निवेशकों का भरोसा मजबूत हो रहा है और बाजार में घबराहट कम हो रही है।
हालांकि वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों में अब भी तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन भारतीय बाजार अपेक्षाकृत संतुलित नजर आया।
वैश्विक बाजारों की अस्थिरता पर विशेषज्ञों की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा कि हाल के दिनों में अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के शेयर बाजारों में असामान्य स्तर की अस्थिरता देखने को मिल रही है। विशेष रूप से टेक कंपनियों के शेयर तिमाही नतीजों, भविष्य की उम्मीदों और सट्टेबाजी के कारण बड़े उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया के कोस्पी सूचकांक में शामिल दो प्रमुख कंपनियां सैमसंग और एसके हाइनिक्स कुल बाजार पूंजीकरण का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा रखती हैं। इन दोनों कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल के कारण कोस्पी में भी भारी तेजी देखने को मिली।
आगे क्या रहेगी बाजार की दिशा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहती है और घरेलू स्तर पर कॉरपोरेट आय मजबूत रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख आगे भी जारी रह सकता है। वहीं निवेशकों को आईटी और वैश्विक टेक सेक्टर में जारी अस्थिरता पर भी नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।