शेयर बाजार की हल्की बढ़त के साथ शुरुआत, सेंसेक्स 47 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,250 के करीब

शेयर बाजार की हल्की बढ़त के साथ शुरुआत, सेंसेक्स 47 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,250 के करीब

घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को मामूली बढ़त के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स 47 अंक चढ़कर 77,584.74 और निफ्टी 17.90 अंक बढ़कर 24,249.75 पर पहुंचा।

शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार ने मामूली बढ़त के साथ शुरूआत की, लेकिन शुरुआती तेजी सीमित रही। निवेशकों ने कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और नए सिरे से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण सावधानी बढ़ाई है। बाजार में खरीदारी का रुझान पूरी तरह से मजबूत नहीं हुआ, और महत्वपूर्ण सूचकांकों में कुछ सुधार हुआ। इससे पता चलता है कि निवेशक जोखिम उठाने से पहले वैश्विक संकेतों और आने वाले आर्थिक परिणामों को देख रहे हैं। गुरुवार का कारोबारी सत्र, जिसमें निफ्टी ने लगातार सात कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ा था, शुक्रवार की शुरुआत से पहले बाजार को राहत दी. सेंसेक्स ने 628 अंकों की बड़ी तेजी दर्ज की।

सेंसेक्स 77,584 पर खुला

शुक्रवार सुबह 9:16 बजे बीएसई सेंसेक्स 77,584.74 पर कारोबार कर रहा था। इसमें 47 अंकों, यानी लगभग 0.06% की छोटी बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती तेजी, पिछले कारोबारी वर्ष में बाजार में मजबूत रिकवरी को देखते हुए, बहुत कम रही। सेंसेक्स पर निवेशकों की सतर्कता का प्रभाव स्पष्ट था। हाल की गिरावट के बाद बाजार भागीदार निचले स्तरों पर खरीदारी के अवसर खोज रहे हैं, लेकिन वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेतों के कारण बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।

एफटी भी हरे रंग में

शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सबसे बड़ा सूचकांक निफ्टी भी मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। 9:16 बजे सुबह, निफ्टी 24,249.75 के स्तर पर था, जो पिछले बंद स्तर से 17.90 अंक या 0.07 प्रतिशत ऊपर था। सेंसेक्स की तरह, निफ्टी भी बहुत तेजी नहीं दिखाई दी। हाल की लगातार गिरावट के बाद बाजार के लिए यह महत्वपूर्ण है कि सूचकांक स्थिरता पाता है या नहीं। गुरुवार को निफ्टी में सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन शुक्रवार के शुरुआती संकेत बताते हैं कि बाजार अभी पूरी तरह मजबूत तेजी के दौर में नहीं लौटा है।

गुरुवार को बड़ी रिकवरी हुई

गुरुवार का सत्र घरेलू शेयर बाजार के लिए बहुत अच्छा रहा। निफ्टी ने लगातार सात कारोबारी सत्रों तक गिरावट का सिलसिला तोड़ा, जबकि सेंसेक्स ने 628 अंकों की बड़ी तेजी दर्ज की। निवेशकों का भरोसा इस तेजी ने वापस लाया। हाल की गिरावट के बाद कई शेयरों में खरीदारी हुई। शुक्रवार को बाजार की गति अपेक्षाकृत कम रही। इससे पता चलता है कि निवेशक गुरुवार की तेजी के बाद वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली दोनों को देखते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

कच्चे तेल की कीमतों ने चिंता बढ़ा दी

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें इस समय बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता में से एक हैं। भारत आयात से बहुत सी ऊर्जा खरीदता है। ऐसे में देश के आयात बिल, चालू खाते और मुद्रास्फीति पर तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर पड़ सकता है। भारतीय कंपनियों का खर्च भी महंगा तेल से प्रभावित हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां परिवहन और ईंधन की लागत कारोबार का एक बड़ा हिस्सा है। यही कारण है कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर सतर्क रहे हैं।

US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का प्रभाव

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का दबाव भी घरेलू बाजार पर है। अमेरिकी परिसंपत्तियां वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो सकती हैं जब अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड बढ़ता है। उभरते बाजारों में विदेशी निवेश का प्रवाह इससे प्रभावित हो सकता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री की प्रवृत्ति भारतीय शेयर बाजार पर भी प्रभाव डालती है। इसलिए, भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड के संकेत भी महत्वपूर्ण रहे हैं।

भू-राजनीतिक तनाव ने सावधानी बढ़ा दी

वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों की चिंता का एक बड़ा कारण है। कच्चे तेल, कमोडिटी, मुद्रा और वैश्विक शेयर बाजार किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्ष या तनाव से प्रभावित हो सकते हैं। जब अनिश्चितता बढ़ जाती है, निवेशक अक्सर जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों में निवेश करने से बचते हैं। आज भी ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। निवेशक कंपनियों के घरेलू बाजार में प्रदर्शन के अलावा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं।

बाजार का भविष्य किन चीजों पर निर्भर करेगा?

आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार की चाल कई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। बाजार की धारणा को कच्चे तेल की कीमतें, यूएस बॉन्ड यील्ड, विश्व बाजारों का प्रदर्शन, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और भू-राजनीतिक घटनाक्रम प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, निवेशक नीतिगत संकेतों, आर्थिक आंकड़ों और तिमाही प्रदर्शन पर भी नजर रखेंगे। फिलहाल, गुरुवार की मजबूत रिकवरी के बाद शुक्रवार की छोटी बढ़त बाजार को स्थिर करने की कोशिश का संकेत देती है।

निवेशकों को सतर्क रहने का समय

कुल मिलाकर, शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार ने अच्छी शुरुआत जरूर की, लेकिन तेजी काफी सीमित रही। सेंसेक्स 77,584.74 और निफ्टी 24,249.75 के आसपास चल रहे थे। गुरुवार को निफ्टी की सात सत्रों की गिरावट और सेंसेक्स की 628 अंकों की तेजी खत्म होने के बाद बाजार को कुछ राहत मिली है, लेकिन ऊंचे कच्चे तेल के दाम, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक तनाव अभी भी खतरा हैं। वर्तमान परिस्थितियों में, निवेशकों के लिए बाजार की अगली दिशा निर्धारित करने में वैश्विक संकेतों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। शुक्रवार का शुरुआती कारोबार दिखाता है कि बाजार में खरीदारी की रुचि बनी हुई है, लेकिन निवेशक फिलहाल सावधान रहना पसंद कर रहे हैं।

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