21 जुलाई को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक और आईटी शेयरों के दबाव से सेंसेक्स 238 अंक टूटा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में रहे।
21 जुलाई को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक और आईटी शेयरों के दबाव से सेंसेक्स 238 अंक टूटा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में रहे।
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार, 21 जुलाई को गिरावट के साथ बंद हुआ। दिग्गज बैंकिंग शेयर एचडीएफसी बैंक और आईटी स्टॉक्स में भारी बिकवाली के कारण मुख्य सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला। हालांकि, ऑटो, रियल्टी और मेटल सेक्टर्स में हुई खरीदारी ने बाजार को निचले स्तरों से सहारा दिया। वहीं दूसरी ओर, मुख्य सूचकांकों के विपरीत ब्रॉडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन बेहतर रहा, जो दर्शाता है कि बड़ी कंपनियों के अलावा अन्य शेयरों में निवेशकों का रुझान अब भी बना हुआ है।
कारोबार के अंत में, बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 238.41 अंक (0.31%) की गिरावट के साथ 77,470.11 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 50.80 अंक (0.21%) गिरकर 24,187.70 के स्तर पर बंद हुआ। इस बीच, बाजार में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव को मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 2.92% घटकर 12.60 के स्तर पर आ गया, जो निवेशकों में घबराहट कम होने का संकेत देता है।
ब्रॉडर मार्केट में तेजी: मिडकैप और स्मॉलकैप का शानदार प्रदर्शन
मुख्य सूचकांकों में आई गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती देखी गई। निफ्टी नेक्स्ट 50 में 0.44% की बढ़त रही, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 में 0.30% की मजबूती दर्ज की गई। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 0.53% और निफ्टी मिडस्मॉलकैप 400 सूचकांक 0.39% की तेजी के साथ बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने बाजार के प्रदर्शन पर कहा कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, मजबूत तिमाही नतीजों की उम्मीद में मिडकैप शेयर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, लार्ज-कैप की तुलना में मिडकैप का उच्च मूल्यांकन थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत देता है, लेकिन अंतर्निहित व्यावसायिक परिस्थितियां कम से कम चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही तक मजबूत रहने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गति को बनाए रखने के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और इनपुट लागत को सामान्य होना पड़ेगा, क्योंकि दूसरी छमाही में मांग की वृद्धि सपाट रह सकती है।
सेक्टोरल अपडेट: रियल्टी और ऑटो में उछाल, पीएसयू बैंक और आईटी टूटे
मंगलवार को सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। बढ़त वाले सेक्टर्स में निफ्टी रियल्टी 1.07% की तेजी के साथ सबसे आगे रहा। इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 0.93%, निफ्टी मेटल में 0.63%, निफ्टी हेल्थकेयर में 0.35% और निफ्टी फार्मा में 0.34% की तेजी आई। थीमैटिक इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी केमिकल्स 1.49% और निफ्टी सीमेंट 1.40% चढ़कर बंद हुए।
दूसरी तरफ बिकवाली वाले सेक्टर्स में निफ्टी पीएसयू बैंक 0.88% और निफ्टी आईटी 0.61% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा टूटे। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.50%, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.38% और निफ्टी एफएमसीजी में 0.31% का नुकसान दर्ज किया गया।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स की 30 में से कई दिग्गज कंपनियों में मिला-जुला रुख रहा। बजाज फिनसर्व 1.95% की बढ़त के साथ सेंसेक्स का टॉप गेनर रहा। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट (1.42%), एचसीएल टेक (1.32%), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.22%), इंडिगो (1.07%), टाइटन (1.04%) और कोटक महिंद्रा बैंक (1.03%) भी हरे निशान में बंद हुए।
दूसरी तरफ, एचडीएफसी बैंक 2.05% की गिरावट के साथ सबसे बड़ा नुकसान कराने वाला शेयर साबित हुआ। इसके अलावा इन्फोसिस (1.52%), एसबीआई (1.45%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (1.42%), टीसीएस (1.32%), पावर ग्रिड (1.02%) और ट्रेंट (1.02%) में बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला।