लगातार दो बार फाइनल में हारने के बाद अब विश्व कप खिताब पर दक्षिण अफ्रीका की नजर। कप्तान लौरा वोल्वार्ड ने टीम की तैयारियों पर दी जानकारी।
आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है और टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही दक्षिण अफ्रीका की टीम एक प्रमुख दावेदार के रूप में उभर कर सामने आई है। टीम की कप्तान लौरा वोल्वार्ड ने हाल ही में अपने एक कॉलम में यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी टीम अब ‘रनर-अप’ के तमगे से आगे बढ़कर विश्व विजेता बनने का सपना देख रही है। पिछले दो टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाने के बाद, दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों की भूख और अधिक बढ़ गई है।
फाइनल तक का सफर और ‘भूख’ का कारण
दक्षिण अफ्रीका की टीम ने पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 2023 और 2024 के टी20 विश्व कप के लगातार फाइनल में पहुंचना इस टीम की निरंतरता को दर्शाता है। हालांकि, पिछले साल वनडे विश्व कप में उपविजेता (runner-up) रहने और पिछले टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड से हारने के बाद टीम काफी निराश थी। कप्तान लौरा वोल्वार्ड का मानना है कि ये हार उनकी टीम की सबसे बड़ी ताकत बन गई हैं। उन्होंने लिखा, “लगातार दो विश्व कप फाइनल में पहुंचना टीम के लिए विशेष रहा है, लेकिन इसने हमें उस एक आखिरी कदम को उठाने के लिए और अधिक भूखा बना दिया है।”
भारत के खिलाफ मिली जीत से बढ़ाया आत्मविश्वास
विश्व कप की तैयारी के दौरान दक्षिण अफ्रीका ने अपनी फॉर्म को शानदार बनाए रखा है। अप्रैल में भारत के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज में दक्षिण अफ्रीका ने 4-1 से जीत दर्ज की, जिसने टीम के आत्मविश्वास को आसमान पर पहुंचा दिया है। वोल्वार्ड के अनुसार, भारत जैसी मजबूत टीम को हराना एक बड़े इम्तिहान जैसा था। उन्होंने कहा, “भारत के खिलाफ जीत ने न केवल हमें आत्मविश्वास दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि हमारी टीम के भीतर कितनी लचीलापन और लड़ने की क्षमता है।”
परिस्थितियों और तैयारी का महत्व
12 जून से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू हो रहे विश्व कप के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम ने कमर कस ली है। कप्तान का मानना है कि टूर्नामेंट से पहले की गई मेहनत ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा, “विश्व कप से पहले हमने लगातार क्रिकेट खेला है। न्यूजीलैंड और भारत जैसे देशों के खिलाफ सीरीज ने हमें विभिन्न परिस्थितियों में खुद को परखने का बेहतरीन मौका दिया। न्यूजीलैंड का दौरा चुनौतीपूर्ण था, चाहे वह वहां की स्थितियां हों या विरोधी टीम का सामना करना।” न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 और पाकिस्तान के खिलाफ 2-1 की सीरीज जीत यह बताती है कि दक्षिण अफ्रीका इस साल टी20 फॉर्मेट में कितनी घातक लय में है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धमाकेदार शुरुआत
दक्षिण अफ्रीका अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत 13 जून को ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ करेगी। यह मुकाबला ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड, स्ट्रेटफोर्ड में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले ही मैच में उतरना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन वोल्वार्ड और उनकी टीम इस मुकाबले को अपनी ताकत को साबित करने के अवसर के रूप में देख रही है। वोल्वार्ड ने कहा कि उनकी टीम हर तरह की स्थिति के लिए तैयार है और पिछले अनुभवों से सीखकर ही वे इस बार मैदान पर उतरेंगी।
विश्व विजेता बनने का संकल्प
दक्षिण अफ्रीका की टीम का लक्ष्य अब स्पष्ट है—’खिताब जीतना’। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा प्रतिभाओं का एक अच्छा संतुलन है। वोल्वार्ड की कप्तानी में टीम ने जिस तरह से दबाव के क्षणों में खुद को साबित किया है, उसे देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञ भी उन्हें इस साल का प्रबल दावेदार मान रहे हैं। कप्तान का मानना है कि अगर वे अपनी योजनाओं का सही निष्पादन (execution) कर पाते हैं, तो उनके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
अब सबकी निगाहें 13 जून के उस बड़े मुकाबले पर हैं, जहाँ दक्षिण अफ्रीका का सामना दुनिया की सबसे सफल टीम ऑस्ट्रेलिया से होगा। क्या दक्षिण अफ्रीका अपनी पुरानी गलतियों को सुधारकर विश्व विजेता बन पाएगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन एक बात निश्चित है कि लौरा वोल्वार्ड की सेना इस बार मैदान पर कुछ भी कम स्वीकार करने के मूड में नहीं है। उनकी निगाहें केवल उस चमचमाती ट्रॉफी पर हैं जो उनसे पिछले तीन बार से दूर रही है।