भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 मुकाबला। सीरीज जीतने के लिए भारतीय टीम तैयार। जानिए सीरीज के मुख्य आकर्षण और टीम इंडिया की रणनीति।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के अंतिम और निर्णायक मुकाबले के लिए टॉनटन के कूपर एसोसिएट्स काउंटी ग्राउंड पर उतरेगी। फिलहाल सीरीज 1-1 की बराबरी पर है, और इस निर्णायक मुकाबले में जो टीम जीतेगी, उसे आगामी आईसीसी महिला टी20 विश्व कप से पहले न केवल सीरीज जीत का गौरव हासिल होगा, बल्कि टीम के मनोबल में भी जबरदस्त इजाफा होगा।
विश्व कप के लिए ‘ड्रेस रिहर्सल’
भारतीय टीम के लिए यह सीरीज केवल एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं है, बल्कि यह विश्व कप से पहले एक ‘ड्रेस रिहर्सल’ के समान है। टीम प्रबंधन इंग्लैंड की इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी सर्वश्रेष्ठ संयोजन (playing combination) को परखने की कोशिश कर रहा है। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन से खिलाड़ी किस क्रम पर टीम के लिए सबसे प्रभावी साबित हो सकते हैं। भारतीय टीम इस आखिरी टी20 मैच का उपयोग अपनी कमजोरियों को दूर करने और अपनी बेंच स्ट्रेंथ को अंतिम रूप देने के लिए करना चाहेगी।
बल्लेबाजों का प्रदर्शन: उम्मीदें और चुनौतियां
सीरीज के पिछले दो मुकाबलों पर नजर डालें तो भारतीय टीम की बल्लेबाजी में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया इस सीरीज में भारत की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर उभरी हैं। उन्होंने पहले मैच में शानदार अर्धशतक लगाया और दूसरे मैच में भी 30 के आसपास के उपयोगी स्कोर के साथ टीम को एक स्थिर शुरुआत दी। जेमिमा रोड्रिग्स ने भी अपनी फॉर्म बरकरार रखी है और एक अर्धशतक जड़ा है। दूसरी ओर, स्मृति मंधाना की सुरुचिपूर्ण बल्लेबाजी और शैफाली वर्मा के आक्रामक तेवर दूसरे मैच में नजर आए, जहां उन्होंने पारी की शुरुआत में ही अच्छी गति प्रदान की थी।
हालांकि, चिंता का विषय भारतीय टीम के मध्यक्रम और ‘डेथ ओवर्स’ की बल्लेबाजी है। दोनों मैचों में देखा गया है कि टीम पारी के अंतिम पांच ओवरों में अपनी गति (momentum) खो देती है। विशेष रूप से फिनिशर के रूप में पहचानी जाने वाली विस्फोटक बल्लेबाज ऋचा घोष का बल्ला इस सीरीज में अब तक शांत रहा है। टीम को उम्मीद होगी कि निर्णायक मुकाबले में ऋचा घोष अपने चिर-परिचित अंदाज में बल्लेबाजी करें और टीम को एक चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाएं।
डेथ ओवर्स की समस्या का समाधान
टी20 क्रिकेट में खेल का फैसला अक्सर अंतिम पांच ओवरों में ही होता है। भारतीय टीम के लिए यह क्षेत्र सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि अंतिम ओवरों में तेजी से रन नहीं बनते, तो टीम द्वारा बनाई गई नींव का कोई खास फायदा नहीं मिल पाता। कोच और कप्तान निश्चित रूप से इस पहलू पर चर्चा कर रहे होंगे कि कैसे यास्तिका, जेमिमा और हरमनप्रीत द्वारा बनाई गई स्थिति का लाभ उठाकर ऋचा घोष और अन्य खिलाड़ी स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाएं।
गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण की परीक्षा
सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी भारतीय टीम को इंग्लैंड की परिस्थितियों के अनुरूप ढलना होगा। इंग्लैंड की पिचों पर शुरुआती स्विंग और गति का सामना करना और फिर बीच के ओवरों में विकेट निकालना स्पिनरों के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा है। भारतीय गेंदबाजों को अपनी सटीक लाइन और लेंथ पर काम करना होगा। क्षेत्ररक्षण (fielding) में छोटी-छोटी गलतियां भी मैच का परिणाम बदल सकती हैं, इसलिए आज का दिन मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार रहने का है।
निर्णायक मुकाबले का महत्व
सीरीज का तीसरा मैच किसी भी टीम के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति जैसा है। जीत हासिल करने वाली टीम आत्मविश्वास से ओत-प्रोत होकर इंग्लैंड की सरजमीं पर होने वाले विश्व कप में प्रवेश करेगी। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुद को ढालने का इससे बेहतर अभ्यास और कोई नहीं हो सकता।
हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय टीम के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि भारतीय बल्लेबाज शुरुआती झटकों से बचकर क्रीज पर टिकती हैं और अंत में ऋचा घोष जैसे हिटर अपनी लय वापस पाते हैं, तो भारतीय टीम के लिए जीत हासिल करना मुश्किल नहीं होगा। प्रशंसकों को उम्मीद है कि टॉनटन के मैदान पर आज भारतीय महिला टीम एक आक्रामक क्रिकेट खेलेगी और सीरीज को अपने नाम कर भारत के लिए गौरव का क्षण लाएगी। विश्व कप से पहले यह जीत टीम के लिए एक बहुत बड़ा ‘बूस्ट’ साबित हो सकती है।