Sleep Cycle को ठीक करने के लिए सबसे पहले रोज एक निश्चित समय पर उठने की आदत डालें। जानें नींद की दिनचर्या सुधारने के आसान और असरदार तरीके।
आज की व्यस्त जिंदगी में नींद उन चीजों में शामिल हो गई है, जिनसे लोग सबसे पहले समझौता करते हैं और जिन्हें सुधारने पर सबसे बाद में ध्यान देते हैं। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप चलाना, सोने-जागने का कोई निश्चित समय न होना और लगातार मिलने वाली सूचनाओं व मनोरंजन की वजह से शरीर की प्राकृतिक दिनचर्या धीरे-धीरे बिगड़ सकती है। इसका असर केवल रात की नींद पर ही नहीं, बल्कि दिनभर की ऊर्जा, एकाग्रता और मूड पर भी दिखाई दे सकता है। अच्छी बात यह है कि Sleep Cycle को दोबारा व्यवस्थित करने के लिए पूरी जीवनशैली बदलने की जरूरत नहीं होती। कुछ छोटे लेकिन नियमित बदलावों के जरिए शरीर की आंतरिक घड़ी को दोबारा सही दिशा में लाया जा सकता है।
सबसे पहले तय करें अपना Wake-up Time
अगर आप अपनी नींद की दिनचर्या को ठीक करना चाहते हैं, तो सबसे पहले सोने का समय तय करने के बजाय उठने का समय निश्चित करें। शरीर की आंतरिक घड़ी यानी Body Clock नियमितता पसंद करती है। इसलिए हर दिन लगभग एक ही समय पर उठने की कोशिश करना Sleep Cycle को व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है।
मान लीजिए आप रोज सुबह 7 बजे उठने का लक्ष्य रखते हैं, तो छुट्टी के दिन भी इस समय के आसपास उठने की कोशिश करें। शुरुआत में आपको नींद पूरी न होने जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन कुछ दिनों तक लगातार एक ही समय पर उठने से शरीर धीरे-धीरे उस समय के अनुसार खुद को ढालना शुरू कर सकता है। यही नियमितता रात में सही समय पर नींद आने में भी मदद कर सकती है।
रात में देर तक जागने की आदत को धीरे-धीरे बदलें
Sleep Cycle बिगड़ने की एक बड़ी वजह देर रात तक जागना भी है। कई लोग एक दिन में ही अपने सोने का समय दो-तीन घंटे पहले करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा करना हमेशा आसान नहीं होता। अगर शरीर देर रात सोने का आदी है, तो अचानक बहुत जल्दी बिस्तर पर जाने से नींद आने में परेशानी हो सकती है।
इसलिए अपनी दिनचर्या में धीरे-धीरे बदलाव करना बेहतर हो सकता है। सोने का समय हर कुछ दिनों में थोड़ा पहले करने की कोशिश करें। इसके साथ सुबह तय समय पर उठना जारी रखें। इस तरह शरीर को बिना बहुत अधिक दबाव के नई दिनचर्या अपनाने का मौका मिलता है।
सुबह की रोशनी को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
सुबह उठने के बाद प्राकृतिक रोशनी के संपर्क में आना शरीर की आंतरिक घड़ी को व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है। सुबह की रोशनी मस्तिष्क को यह संकेत देने में मदद करती है कि दिन की शुरुआत हो चुकी है। इससे शरीर के Sleep-Wake Cycle को सही दिशा में बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
सुबह उठने के बाद कुछ समय बाहर प्राकृतिक रोशनी में बिताना एक आसान आदत हो सकती है। यदि बाहर जाना संभव न हो तो खिड़की के पास कुछ समय बिताना भी दिन की शुरुआत को अधिक प्राकृतिक बनाने में मदद कर सकता है।
सोने से पहले स्क्रीन टाइम करें कम
मोबाइल फोन, टीवी, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन रात की दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं। देर रात तक लगातार स्क्रीन देखने से दिमाग सक्रिय बना रह सकता है, जिससे शरीर को आराम की स्थिति में जाने में अधिक समय लग सकता है। खासकर बिस्तर पर जाने के ठीक पहले सोशल मीडिया, वीडियो या लगातार आने वाले संदेशों में व्यस्त रहना नींद की तैयारी को बाधित कर सकता है।
इसलिए सोने से पहले कुछ समय के लिए स्क्रीन से दूरी बनाना उपयोगी हो सकता है। इस दौरान किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या शांत गतिविधि करना बेहतर विकल्प हो सकता है। लक्ष्य यह होना चाहिए कि सोने से पहले शरीर और दिमाग को धीरे-धीरे आराम की स्थिति में लाया जाए।
दिन में लंबी झपकी लेने से बचें
दिन में थोड़ी देर आराम करना कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक सोने से रात की नींद प्रभावित हो सकती है। खासकर अगर रात में पहले से नींद आने में परेशानी होती है, तो दिन में लंबी झपकी लेने से रात को सोने का समय और आगे खिसक सकता है।
अगर दिन में नींद महसूस हो तो थोड़े समय का आराम किया जा सकता है, लेकिन इसे रात की नींद का विकल्प नहीं बनाना चाहिए। नियमित Wake-up Time बनाए रखना Sleep Cycle को सुधारने की प्रक्रिया में अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।
कैफीन और रात की आदतों पर दें ध्यान
चाय, कॉफी और कैफीन वाले अन्य पेय पदार्थों का सेवन दिन के बहुत देर के समय करने से कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है। इसलिए अगर रात में सोने में परेशानी होती है तो शाम के बाद कैफीन का सेवन कम करने पर विचार किया जा सकता है।
इसी तरह देर रात भारी भोजन, लगातार काम या बहुत अधिक मानसिक उत्तेजना भी आराम की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। सोने से पहले एक शांत और नियमित दिनचर्या बनाना शरीर को नींद के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।
Sleep Cycle ठीक करने में नियमितता है सबसे जरूरी
नींद की दिनचर्या सुधारने का सबसे महत्वपूर्ण नियम नियमितता है। केवल एक-दो दिन जल्दी उठने या समय पर सोने से शरीर की आंतरिक घड़ी तुरंत नहीं बदलती। इसके लिए लगातार कई दिनों तक एक जैसी दिनचर्या बनाए रखना जरूरी होता है। सबसे पहले एक निश्चित Wake-up Time चुनें, सुबह प्राकृतिक रोशनी लें, रात में स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें और सोने से पहले शरीर को आराम देने वाली गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
अगर लंबे समय तक पर्याप्त समय देने के बावजूद नींद से जुड़ी समस्या बनी रहती है, बार-बार नींद टूटती है या दिनभर अत्यधिक नींद और थकान रहती है, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। अच्छी नींद केवल आराम का हिस्सा नहीं है, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली की भी महत्वपूर्ण नींव है।