साल 2026 में सीता नवमी कब है? जानें जानकी नवमी की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और इस दिन व्रत रखने के लाभ। सुहागिनों के लिए क्यों खास है वैशाख शुक्ल नवमी?
हिंदू धर्म में सीता नवमी का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को माता सीता का प्राकट्य हुआ था। इस दिन को ‘जानकी नवमी’ के नाम से भी जाना जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत अखंड सौभाग्य की प्राप्ति कराने वाला माना जाता है।
सीता नवमी 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त
साल 2026 में सीता नवमी 26 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी।
- नवमी तिथि प्रारंभ: 25 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:45 बजे से।
- नवमी तिथि समाप्त: 26 अप्रैल 2026 को दोपहर 02:10 बजे तक।
- पूजा का शुभ मुहूर्त: 26 अप्रैल को सुबह 10:55 से दोपहर 01:35 तक।
सीता नवमी का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, भगवान राम का जन्म चैत्र नवमी को हुआ था और उसके ठीक एक महीने बाद वैशाख नवमी को माता सीता प्रकट हुई थीं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से वैवाहिक जीवन की परेशानियाँ दूर होती हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है। जो फल ‘राम नवमी’ के व्रत से मिलता है, वही फल ‘सीता नवमी’ का श्रद्धापूर्वक पालन करने से प्राप्त होता है।
कैसे करें सीता नवमी की पूजा?
- शुद्धि: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
- स्थापना: चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा स्थापित करें।
- अभिषेक: गंगाजल या पंचामृत से अभिषेक करें।
- शृंगार: माता सीता को सुहाग की सामग्री (बिंदी, चूड़ी, सिंदूर आदि) अर्पित करें।
- भोग: पीले फूल, फल और मिठाई का भोग लगाएं।
- आरती: अंत में ‘श्री जानकी स्तुति’ और भगवान राम की आरती करें।