हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से ट्यूबवेल के पानी की नियमित जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी की गुणवत्ता फसल उत्पादन, मिट्टी की उर्वरता और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने राज्य के किसानों से अपने खेतों में लगे ट्यूबवेल के पानी की नियमित जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता का सीधा प्रभाव फसल की पैदावार, मिट्टी की उर्वरता और कृषि उत्पादन पर पड़ता है। इसलिए समय-समय पर पानी की जांच कराना किसानों के हित में है।
सिंचाई के पानी की गुणवत्ता पर दिया जोर
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यदि सिंचाई के पानी में लवणता (Salinity) और क्षारीयता (Alkalinity) अधिक होती है, तो इससे मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और फसलों की उत्पादन क्षमता में कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए अपने ट्यूबवेल के पानी की नियमित जांच करानी चाहिए।
उनके अनुसार, पानी की गुणवत्ता की जानकारी होने से किसान अपनी भूमि के अनुसार बेहतर खेती की योजना बना सकते हैं।
सही फसल चयन और संतुलित उर्वरक उपयोग में मिलेगी मदद
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री @SinghRana6940 ने प्रदेश के किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों के ट्यूबवेल के पानी की नियमित रूप से जांच अवश्य करवाएं।
“सिंचाई के पानी की गुणवत्ता फसल उत्पादन और उपज को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। पानी में अधिक लवणता और क्षारीयता होने से…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 2, 2026
श्याम सिंह राणा ने कहा कि समय पर ट्यूबवेल के पानी की जांच कराने से किसान यह तय कर सकते हैं कि उनकी जमीन और पानी की गुणवत्ता के अनुसार कौन-सी फसल अधिक उपयुक्त रहेगी। साथ ही, उर्वरकों और पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग करने में भी आसानी होगी।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाने से उत्पादन लागत कम करने और बेहतर पैदावार प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील
कृषि मंत्री ने किसानों से आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल और मिट्टी की गुणवत्ता का परीक्षण टिकाऊ खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल फसलों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि भूमि की उत्पादकता भी लंबे समय तक बनी रहेगी।
उन्होंने किसानों से कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सलाह और परीक्षण सुविधाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।