भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेजी के साथ कारोबार शुरू हुआ। सेंसेक्स 236 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी 24,341 के करीब रहा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को सहारा मिला।
बुधवार 26 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों में जोखिम वाली संपत्तियों की चिंता बढ़ा दी। सेंसेक्स और निफ्टी शुरूआती कारोबार में बढ़त के साथ खुले। निफ्टी सुबह 9:17 बजे 7 अंक की छोटी बढ़त के साथ 24,341.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स भी 236 अंक चढ़कर 77,892.10 पर पहुंच गया। उससे पहले, मंगलवार को आखिरी समय में हुई खरीदारी के चलते निफ्टी 115.50 अंक की तेजी के साथ 24,334.55 पर बंद हुआ था। बाजार में बुधवार की शुरुआत को वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से समर्थन मिला।
व्यापक बाजार में भी दिखी मजबूती
बुधवार के शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों से बेहतर रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 0.50 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 0.45 फीसदी ऊपर कारोबार करता नजर आया। मिडकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 150 में 0.24 फीसदी की बढ़त रही, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.19 फीसदी चढ़ा।
इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, बाजार में सेक्टरवार प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा और कुछ क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव भी नजर आया।
बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में खरीदारी
शुरुआती कारोबार में बैंकिंग शेयर मजबूत नजर आए। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.09 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.46 फीसदी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.44 फीसदी ऊपर रहा। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने बाजार की शुरुआती तेजी को सहारा दिया।
रियल्टी सेक्टर में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.85 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। ब्याज दरों, आर्थिक गतिविधियों और मांग से जुड़े संकेतों के बीच रियल्टी शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी नजर आई।
सेंसेक्स के इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स में शामिल प्रमुख शेयरों में Eternal सबसे ज्यादा बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। इसमें 1.65 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद ICICI Bank में 1.31 फीसदी और Adani Ports में 1.18 फीसदी की बढ़त रही। UltraTech Cement भी 1.11 फीसदी चढ़ा। Bajaj Finance और SBI के शेयर क्रमशः 1.05 फीसदी और 0.96 फीसदी मजबूत रहे।
दूसरी ओर, कुछ बड़े शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। Tata Steel करीब 0.97 फीसदी गिरा, जबकि Infosys में 0.96 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Bharti Airtel भी 0.47 फीसदी नीचे रहा। Sun Pharma, Reliance Industries और M&M के शेयर भी शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आए।
मेटल और हेल्थकेयर सेक्टर पर दबाव
सेक्टरवार तस्वीर मिली-जुली रही। निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.43 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.35 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी भी 0.15 फीसदी नीचे रहा, जबकि निफ्टी ऑटो में 0.10 फीसदी की मामूली गिरावट देखी गई।
दूसरी तरफ, एफएमसीजी इंडेक्स लगभग सपाट रहा और 0.07 फीसदी की मामूली बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी सीमेंट इंडेक्स में 0.48 फीसदी की तेजी रही। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में खास बदलाव नहीं दिखा।
इंडिया VIX में करीब 5 फीसदी गिरावट
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX भी शुरुआती कारोबार में नीचे आया। इंडिया VIX में 4.98 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई और यह 10.52 के स्तर पर पहुंच गया। VIX में गिरावट से संकेत मिलता है कि निकट अवधि में बाजार में बड़ी अस्थिरता को लेकर निवेशकों की चिंता फिलहाल सीमित रही। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम के कारण बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट
बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेतों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शामिल रही। बुधवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 1.78 डॉलर यानी करीब 2 फीसदी गिरकर 86.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड भी 1.49 डॉलर या 1.8 फीसदी की गिरावट के साथ 80.87 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले मंगलवार को दोनों बेंचमार्क में 3 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी।
तेल की कीमतों में गिरावट की एक प्रमुख वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की संभावनाओं से जुड़ी खबरें रहीं। ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग के जरिए समुद्री यातायात को व्यवस्थित करने को लेकर ओमान के साथ बातचीत फिर शुरू करने की जानकारी दी। दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में एक अस्थायी संयुक्त नौवहन गलियारे पर भी चर्चा हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अभी भी बनी हुई है चिंता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। संघर्ष शुरू होने से पहले इस मार्ग से दुनिया के करीब पांचवें हिस्से के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का परिवहन होता था। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि, तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मंगलवार को ओमान के अश शिशाह के पास स्ट्रेट के प्रवेश क्षेत्र से करीब 9 समुद्री मील दूर एक तेल टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया और वह काम करने में असमर्थ हो गया। इस घटना से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में जोखिम अभी भी मौजूद है।
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार को कच्चे तेल की गिरती कीमतों और वैश्विक सेंटीमेंट में सुधार से राहत मिली है। हालांकि, निवेशकों की नजर आगे तेल की कीमतों, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति और वैश्विक बाजारों के रुख पर बनी रहेगी। बुधवार के कारोबार में बैंकिंग और रियल्टी शेयरों की मजबूती बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, जबकि मेटल और आईटी जैसे सेक्टरों में कमजोरी सावधानी बरतने का संकेत दे रही है।