भारतीय शेयर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 183 अंक टूटकर 77,472.94 पर और निफ्टी 126.80 अंक गिरकर 24,207.75 पर बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजार कारोबारी सत्र के अंत में बुधवार, 26 अगस्त को गिरावट के साथ बंद हुआ। शुरुआत में बाजार में तेजी का संकेत था, लेकिन दिन बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव हावी हो गया। खासतौर पर आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और कुछ महत्वपूर्ण हैवीवेट शेयरों में गिरावट ने बाजार की वृद्धि को पूरी तरह रोका। बैंकिंग, मेटल और सीमेंट शेयरों में कुछ खरीदारी हुई, लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं थी। व्यापार समाप्त होने पर सेंसेक्स 183.15 अंक, यानी 0.24% की गिरावट के साथ 77,472.94 पर बंद हुआ। जबकि NSE Nifty 126.80 अंक, यानी 0.52% गिरकर 24,207.75 पर बंद हुआ। यही कारण है कि बुधवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए कठिन रहा।
शुरूआती बिकवाली
घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को सकारात्मक शुरुआत की थी। शुरुआती कारोबार में, निफ्टी 24,341.95 के स्तर पर खुला और 24,378.60 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। सेंसेक्स भी शुरूआत में मजबूत था। किंतु बाजार की तेजी लंबे समय तक नहीं रह सकी। प्रमुख सूचकांक नीचे आने लगे, जैसे-जैसे कारोबार बढ़ा। दिन के अंत तक, निफ्टी अपने इंट्राडे हाई से लगभग 170 अंक नीचे फिसल गया। विशेष रूप से, निफ्टी ने दिन के सबसे निचले स्तर 24,207.75 पर ही कारोबार समाप्त किया। इससे पता चलता है कि बाजार पर आखिरी चरण में बिकवाली का दबाव काफी मजबूत रहा है।
IT शेयरों पर सबसे अधिक दबाव
बुधवार के कारोबार में आईटी क्षेत्र का सबसे बड़ा कारण बना। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.47% की गिरावट हुई। IT कंपनियों में बिकवाली ने बेंचमार्क इंडेक्स पर काफी दबाव डाला। इंफोसिस का शेयर 1.94 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा गिरा प्रमुख शेयरों में था। टेक महिंद्रा का शेयर 1.38 प्रतिशत गिर गया, जबकि एचसीएलटेक का शेयर 0.91% गिर गया। TCS (देश की सबसे बड़ी IT कंपनियों में शामिल) का शेयर भी 0.87 प्रतिशत गिर गया।
पूरा क्षेत्र आईटी शेयरों की गिरावट से प्रभावित हुआ। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और टेक्नोलॉजी कंपनियों के मूल्य जैसे आईटी शेयरों के प्रदर्शन को वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत प्रभावित कर सकते हैं। बुधवार को निवेशकों की बिकवाली ने इस क्षेत्र पर दबाव डाला।
वाहन और FMCG शेयर भी कमजोर रहे
IT और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी और सेंसेक्स पर सीधा असर पड़ा, क्योंकि कुछ बड़े हैवीवेट शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा। एफएमसीजी क्षेत्र, जो अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं, में कमजोरी बाजार के लिए एक बुरा संकेत रही।
ऑटो शेयरों में गिरावट ने बाजार की धारणा पर भी असर डाला। प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है जब बाजार के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक साथ गिरावट आती है। यह बुधवार को देखा गया, जब शुरुआती तेजी धीरे-धीरे गिरावट में बदल गई।
बैंकिंग, मेटल और सीमेंट शेयरधारकों ने संभालने का प्रयास किया
लेकिन बाजार बिल्कुल नकारात्मक नहीं रहा। सीमेंट, मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी हुई। इन क्षेत्रों ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में बैंकिंग इंडेक्स का भार अधिक है, इसलिए बैंकिंग शेयरों में मजबूती महत्वपूर्ण रही।
निवेशकों ने सीमेंट और मेटल शेयरों में भी रुचि दिखाई दी। किंतु इन क्षेत्रों में खरीदारी के बावजूद IT और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की बिकवाली का दबाव अधिक रहा। इसलिए दिन के अंत में निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए।
दिन के निचले स्तर पर निफ्टी
बुधवार के कारोबार में निफ्टी का दिन के निचले स्तर पर बंद होना सबसे महत्वपूर्ण था। निफ्टी ने 24,341.95 पर शुरू होकर 24,378.60 पर उच्चतम स्तर बनाया था। लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से यह लगातार नीचे आता गया और अंततः 24,207.75 पर बंद हुआ। नतीजतन, निफ्टी ने अपने दिन के उच्चतम स्तर से 170 अंक से अधिक नीचे बंद हो गया।
सेंसेक्स भी 183.15 अंक गिरकर 77,472.94 पर बंद हो गया। सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट प्रतिशत में कम रही, लेकिन दोनों प्रमुख सूचकांकों का लाल निशान में बंद होना बाजार में कमजोर धारणा को दर्शाता है।
अगले कारोबारी सत्र का निवेशकों का लक्ष्य है।
बुधवार की गिरावट के बाद निवेशकों का ध्यान अगले कारोबारी सत्र पर रहेगा। वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन बाजार की दिशा निर्धारित कर सकते हैं। यदि आईटी शेयरों में लगातार बिकवाली होती है या यहां से खरीदारी लौटती है, तो बाजार के लिए यह महत्वपूर्ण होगा।
हालाँकि, बुधवार का सत्र दिखाता है कि शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में बिकवाली का दबाव है। बैंकिंग, मेटल, सीमेंट और आईटी, ऑटो और कुछ हैवीवेट शेयरों में अस्थिरता ने बाजार को नीचे खींच लिया। निवेशकों का ध्यान आने वाले सत्रों में निफ्टी के 24,200 के आसपास के स्तर और बाजार की सेक्टरवार चाल पर रहेगा।