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Share Market Today: आईटी शेयरों में जोरदार तेजी के बीच सेंसेक्स और निफ्टी उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार करते रहे। FMCG और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, जबकि IT सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को पूरे कारोबारी सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला। वैश्विक बाजारों, खासकर एशियाई शेयर बाजारों में तेज गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बने रहे। हालांकि, निवेशकों के बीच स्पष्ट दिशा का अभाव रहा और सेंसेक्स तथा निफ्टी दिनभर बढ़त और गिरावट के बीच झूलते रहे। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी ने बाजार को संभाले रखा, जबकि एफएमसीजी, बैंकिंग और केमिकल सेक्टर में बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा। दोपहर 2 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 5.96 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 76,829.82 पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 76,988.48 का उच्च स्तर और 76,705.22 का निचला स्तर छुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 5.85 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 24,001.80 पर कारोबार करता दिखाई दिया। निफ्टी का इंट्राडे दायरा 23,961.95 से 24,041.15 के बीच रहा।
दिनभर रही उतार-चढ़ाव वाली ट्रेडिंग
मंगलवार के कारोबार में निवेशकों का रुख बेहद सतर्क दिखाई दिया। निफ्टी कई बार हरे और लाल निशान के बीच झूलता रहा, जिससे यह साफ संकेत मिला कि बाजार में खरीदारी और मुनाफावसूली दोनों एक साथ चल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। यही कारण रहा कि बाजार किसी एक दिशा में मजबूती से आगे नहीं बढ़ पाया।
आईटी सेक्टर बना बाजार का सबसे बड़ा सहारा
मंगलवार के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया। सोमवार की तेजी को आगे बढ़ाते हुए निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3.46 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह दिन का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया।
आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की खरीदारी जारी रही। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर लगभग 4.66 प्रतिशत उछले। टेक महिंद्रा में 3.45 प्रतिशत, इन्फोसिस में 2.75 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.95 प्रतिशत और एलटीआईमाइंडट्री में 0.73 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
विश्लेषकों का मानना है कि बेहतर तिमाही नतीजों और वैश्विक आईटी खर्च में सुधार की उम्मीदों ने इस सेक्टर में निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। आईटी शेयरों की तेजी ने बाजार में गिरावट को काफी हद तक सीमित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
FMCG और बैंकिंग शेयरों में रही बिकवाली
जहां आईटी सेक्टर में तेजी रही, वहीं एफएमसीजी और बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन का सबसे कमजोर सेक्टर साबित हुआ।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की तेज गिरावट रही। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने शेयरों में बिकवाली की, जिसका असर पूरे एफएमसीजी सेक्टर पर दिखाई दिया।
वहीं निफ्टी बैंक इंडेक्स भी 0.47 प्रतिशत कमजोर रहा। प्रमुख निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में दबाव बना रहा। इसके अलावा निफ्टी केमिकल इंडेक्स में भी 1.17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मेटल शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
रियल्टी और ऑटो सेक्टर में दिखी मजबूती
कुछ सेक्टरों में सकारात्मक रुख भी देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा। रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
इसके अलावा ऑटो इंडेक्स में 0.86 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही, जिससे बाजार को कुछ समर्थन मिला।
मिडकैप शेयरों में सीमित खरीदारी, स्मॉलकैप में दबाव
व्यापक बाजार (Broader Market) की बात करें तो तस्वीर मिश्रित रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.13 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 50 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने चुनिंदा मिडकैप कंपनियों में निवेश जारी रखा।
हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बना रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.36 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 0.51 प्रतिशत की कमजोरी रही। वहीं निफ्टी माइक्रोकैप 250 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने छोटे शेयरों में मुनाफावसूली की है।
India VIX से क्या मिला संकेत?
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX 0.13 प्रतिशत बढ़कर 12.68 पर पहुंच गया। हालांकि इसमें हल्की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह अभी भी नियंत्रित स्तर पर है। इसका मतलब है कि बाजार में उतार-चढ़ाव तो है, लेकिन निवेशकों के बीच घबराहट जैसी स्थिति नहीं है।
आगे बाजार की चाल पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा कई अहम कारकों पर निर्भर करेगी। कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री, वैश्विक बाजारों का रुख, अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों के संकेत, साथ ही घरेलू आर्थिक आंकड़े निवेशकों की रणनीति तय करेंगे। फिलहाल आईटी सेक्टर बाजार का प्रमुख सहारा बना हुआ है, जबकि एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। यदि आईटी शेयरों में तेजी जारी रहती है और अन्य सेक्टर भी इसका साथ देते हैं, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार फिर से मजबूती की ओर बढ़ सकता है।