Table of Contents
Share Market Today: GIFT Nifty में 0.30% की गिरावट से गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत हैं। सेंसेक्स-निफ्टी पर ग्लोबल संकेतों और FII-DII खरीदारी का असर रहेगा।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत सतर्क रुख के साथ होने के संकेत मिल रहे हैं। बुधवार को घरेलू इक्विटी बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन इसके बाद GIFT Nifty में कमजोरी ने बाजार की शुरुआती दिशा को लेकर सावधानी बढ़ा दी है। सुबह 7:40 बजे GIFT Nifty 24,230.5 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो 72.5 अंक या 0.30 प्रतिशत नीचे था। इससे संकेत मिल रहा है कि गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सपाट से हल्की कमजोरी के साथ हो सकती है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।
अमेरिकी फेड के फैसले से बाजार में बनी अनिश्चितता
वैश्विक बाजारों में बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% के दायरे में अपरिवर्तित रखने के बाद मिलाजुला माहौल देखने को मिला। फेड ने संकेत दिया कि आने वाले समय में मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर रहेंगे। हालांकि, नीति निर्माताओं के बीच अलग-अलग विचारों ने निवेशकों के बीच ब्याज दरों की आगामी दिशा को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है। बाजार प्रतिभागी अब महंगाई, रोजगार और आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों पर खास नजर रखेंगे, क्योंकि इन्हीं के आधार पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अगले कदम का अनुमान लगाया जा सकता है।
वॉल स्ट्रीट में गिरावट, AI वैल्यूएशन बनी चिंता
अमेरिकी शेयर बाजार में भी निवेशकों का रुख सावधान रहा। प्रमुख अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों से पहले वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक निचले स्तर पर बंद हुए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियों द्वारा किए जा रहे भारी पूंजीगत खर्च को लेकर निवेशकों में चिंता बनी हुई है। हालांकि, Meta और Microsoft जैसी दिग्गज कंपनियों के नतीजों ने यह भी दिखाया कि बड़ी टेक कंपनियां AI पर भारी निवेश के बावजूद मजबूत नकदी प्रवाह पैदा करने में सक्षम हैं। ऐसे में टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेशकों का ध्यान अब कंपनियों की कमाई और AI निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न पर केंद्रित हो गया है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
गुरुवार सुबह एशियाई बाजारों में भी स्पष्ट दिशा का अभाव रहा। जापान का Nikkei करीब 2 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया, हालांकि पूरे सप्ताह के लिहाज से इसमें लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट की संभावना बनी हुई थी। वहीं, दक्षिण कोरिया का KOSPI उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में करीब 4 प्रतिशत ऊपर आया। इसके बावजूद KOSPI साप्ताहिक आधार पर लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट की ओर बढ़ रहा है। एशियाई चिप कंपनियों में इस सप्ताह भारी बिकवाली देखने को मिली है, जिससे AI सेक्टर में किए जा रहे बड़े निवेश और उससे मिलने वाले संभावित रिटर्न को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
AI निवेश और सेमीकंडक्टर कंपनियों पर नजर
दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार में हाल की भारी बिकवाली ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर की ओर खींचा है। बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन बाजार अब यह जानना चाहता है कि इस निवेश से कंपनियों को कितनी वास्तविक कमाई हासिल होगी। इसी वजह से एशियाई चिपमेकर्स के शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। भारत में भी टेक्नोलॉजी और IT शेयरों पर वैश्विक टेक बाजार के रुझान का असर देखने को मिल सकता है।
मध्य पूर्व तनाव से बढ़ा कच्चे तेल का जोखिम
भूराजनीतिक तनाव भी भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर आक्रामक टिप्पणी के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड एक दिन पहले 7 प्रतिशत से अधिक चढ़ने के बाद 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आया। हालांकि, क्षेत्र में तनाव के बावजूद तेल टैंकरों की आवाजाही जारी रहने की खबरों ने कीमतों पर कुछ दबाव कम किया है। भारत जैसे कच्चे तेल के बड़े आयातक देश के लिए तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
FII और DII की खरीदारी से बाजार को मिला समर्थन
घरेलू बाजार में संस्थागत निवेशकों का रुख फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में 2,982 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने भी 998 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। संस्थागत निवेशकों की यह खरीदारी बाजार में भरोसे का संकेत देती है और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले कमजोर संकेतों के बीच घरेलू बाजार को कुछ मजबूती प्रदान कर सकती है।
बुधवार को सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार उछाल
बुधवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए शानदार रहा। BSE Sensex 888.68 अंक यानी 1.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,654.60 पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 में 264.85 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 24,250.20 के स्तर पर बंद हुआ। HDFC Bank, Larsen & Toubro और Infosys जैसे प्रमुख शेयरों में तेजी ने बाजार को मजबूती दी। हालांकि, गुरुवार की शुरुआत में GIFT Nifty की कमजोरी संकेत दे रही है कि निवेशक बुधवार की तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रख सकते हैं।
निवेशकों के लिए आज क्या रहेगा अहम?
गुरुवार को बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेतों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन, एशियाई शेयर बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। इसके अलावा, AI और टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों से जुड़ी खबरों का असर भी बाजार पर पड़ सकता है। बुधवार की तेज तेजी के बाद निवेशकों को आज उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बाजार विशेषज्ञों की नजर प्रमुख तकनीकी स्तरों और सेक्टरवार प्रदर्शन पर रहेगी। कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार में मजबूत घरेलू संस्थागत खरीदारी के बावजूद वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण गुरुवार को कारोबार की शुरुआत सावधानी भरी रहने की संभावना है।