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भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को दोपहर बाद तेजी लौटी। सेंसेक्स 142 अंक चढ़कर 77,518.58 पर पहुंचा, जबकि IT, मेटल और निजी बैंकिंग शेयर दबाव में रहे।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को कारोबार के ज्यादातर हिस्से में दबाव देखने को मिला, लेकिन दोपहर बाद के कारोबार में बाजार ने तेजी की ओर वापसी की। चुनिंदा बड़ी कंपनियों और व्यापक बाजार के कुछ शेयरों में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला। हालांकि, आईटी, मेटल और निजी बैंकिंग शेयरों में कमजोरी ने बाजार की तेजी को सीमित रखा। शुरुआती कारोबार में वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निवेशकों का रुख सतर्क रहा था। बाजार में यह उतार-चढ़ाव ऐसे समय देखने को मिला है, जब निवेशक वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और आने वाले अमेरिकी आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं।
सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से की मजबूत रिकवरी
दोपहर 3:05 बजे के आसपास बीएसई सेंसेक्स 142.47 अंक यानी 0.18 फीसदी की बढ़त के साथ 77,518.58 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। खास बात यह रही कि यह स्तर दिन के निचले स्तर 77,125.91 से करीब 394 अंक ऊपर था। यानी दिन के दौरान बिकवाली के दबाव में जाने के बाद सेंसेक्स ने निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी दर्ज की। इससे संकेत मिला कि निचले स्तरों पर कुछ निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का रुख अपनाया। हालांकि, बाजार की व्यापक दिशा पूरी तरह मजबूत नहीं कही जा सकती, क्योंकि कई प्रमुख सेक्टरों में अब भी बिकवाली का दबाव बना हुआ था।
मंगलवार की शुरुआत भी बाजार के लिए आसान नहीं रही। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे। सुबह करीब 9:15 बजे सेंसेक्स लगभग 116 अंक गिरकर 77,252.88 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 करीब 52 अंक की गिरावट के साथ 24,167.30 पर था। इसके बाद कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहा और दोपहर बाद चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स को सकारात्मक क्षेत्र में पहुंचने में मदद की।
वैश्विक संकेतों का बाजार पर असर
भारतीय शेयर बाजार की चाल पर इस समय वैश्विक घटनाक्रम का भी बड़ा प्रभाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा संभावित नए प्रतिबंधों को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में तेल की कीमतों में लगातार तेजी से महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका रहती है। मंगलवार को भी बाजार की धारणा पर इन वैश्विक कारकों का असर दिखाई दिया।
इसके अलावा, अमेरिकी बाजार से जुड़े संकेत भी भारतीय निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Nvidia के नतीजों को लेकर वैश्विक बाजारों में उत्सुकता बनी हुई है। निवेशक यह देखना चाहते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी मांग और कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर आगे का रुख कैसा रहता है। ऐसे वैश्विक संकेत भारतीय आईटी और टेक शेयरों की धारणा को भी प्रभावित कर सकते हैं।
IT, मेटल और निजी बैंकिंग शेयरों पर दबाव
मंगलवार के कारोबार में जहां चुनिंदा हेवीवेट और व्यापक बाजार के शेयरों ने रिकवरी को सहारा दिया, वहीं आईटी, मेटल और निजी बैंकिंग क्षेत्र में कमजोरी ने बाजार की तेजी पर अंकुश लगाया। सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव से साफ है कि निवेशक इस समय सभी क्षेत्रों में एक समान खरीदारी नहीं कर रहे हैं, बल्कि चुनिंदा शेयरों पर ध्यान दे रहे हैं।
एक दिन पहले यानी 24 अगस्त को भी भारतीय बाजार कमजोर होकर बंद हुआ था। सोमवार को सेंसेक्स 171.72 अंक यानी 0.22 फीसदी गिरकर 77,369.11 पर और निफ्टी 32.95 अंक यानी 0.14 फीसदी गिरकर 24,219.05 पर बंद हुआ था। उस सत्र में पीएसयू बैंक, मीडिया और बैंकिंग शेयरों पर दबाव रहा, जबकि मेटल, रियल्टी और आईटी शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली थी।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
मंगलवार की दोपहर तक बाजार में आई रिकवरी को फिलहाल पूरी तरह तेजी की वापसी के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। सेंसेक्स का दिन के निचले स्तर से करीब 394 अंक ऊपर आना निश्चित तौर पर सकारात्मक संकेत है, लेकिन बाजार अभी भी वैश्विक अनिश्चितताओं से प्रभावित है। निवेशकों की नजर आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रहेगी।
आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जैक्सन होल बैठक भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगी। निवेशक ब्याज दरों को लेकर फेड के रुख से जुड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा वैश्विक बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों की चाल और भू-राजनीतिक तनाव भी भारतीय बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, 25 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार ने दबाव के बीच दोपहर बाद वापसी की कोशिश की। 3:05 बजे सेंसेक्स 77,518.58 पर 142.47 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। हालांकि, आईटी, मेटल और निजी बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार में पूरी तरह व्यापक तेजी नहीं दिखाई दी। ऐसे में कारोबार के अंतिम चरण और आने वाले सत्रों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निचले स्तरों पर खरीदारी का रुझान कायम रहता है या वैश्विक दबाव एक बार फिर बाजार पर हावी होता है।