भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बुधवार को गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 200 अंक टूटा और निफ्टी 24,400 के करीब पहुंचा। गोदरेज कंज्यूमर में 10% का लोअर सर्किट लगा।
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों और घरेलू स्तर पर कॉरपोरेट जगत में हुई बड़ी हलचलों के बीच निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में पहुंच गए। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 करीब 24,400 के स्तर तक फिसल गया, जबकि सेंसेक्स में भी 200 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली। बाजार में खास तौर पर एफएमसीजी और आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया, जिससे शुरुआती कारोबारी सेंटिमेंट प्रभावित हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
सुबह करीब 9:23 बजे बीएसई सेंसेक्स 200.87 अंक यानी करीब 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,953.38 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 करीब 60.75 अंक टूटकर 24,410.95 के स्तर पर आ गया। हालांकि बाजार की व्यापक तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं रही। शुरुआती कारोबार में करीब 1,462 शेयर बढ़त के साथ, 1,331 शेयर गिरावट में और 166 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते दिखाई दिए।
इससे संकेत मिलता है कि जहां प्रमुख सूचकांकों पर दबाव था, वहीं कई मिडकैप और अन्य शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिल रही थी। निवेशकों की नजर अब दिनभर बाजार की दिशा और प्रमुख कंपनियों के शेयरों में होने वाली गतिविधियों पर बनी रहेगी।
गोदरेज कंज्यूमर में 10 फीसदी का लोअर सर्किट
बुधवार के शुरुआती कारोबार में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) का शेयर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। कंपनी के शेयर में करीब 10 फीसदी का लोअर सर्किट लगा और यह गिरकर ₹922.50 के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के शेयर में आई इस तेज गिरावट की प्रमुख वजह शीर्ष नेतृत्व में हुआ बदलाव बताया जा रहा है। गोदरेज कंज्यूमर के बोर्ड ने कंपनी के मौजूदा ग्लोबल सीएफओ और प्रेसिडेंट (अफ्रीका) आसिफ मलबारी को नया मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त करने की घोषणा की है। वह सुधीर सीतापति की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। सुधीर सीतापति ने अपने पद से इस्तीफा दिया है।
निवेशकों की नजर नेतृत्व बदलाव पर
गोदरेज कंज्यूमर में अचानक हुए नेतृत्व परिवर्तन का असर कंपनी के शेयर पर साफ दिखाई दिया। निवेशक अब यह आकलन कर रहे हैं कि नए नेतृत्व के तहत कंपनी की रणनीति किस तरह आगे बढ़ेगी। किसी बड़ी FMCG कंपनी में शीर्ष प्रबंधन में बदलाव अक्सर बाजार के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम होता है, क्योंकि इसका असर कंपनी की भविष्य की रणनीति, विकास योजनाओं और निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है।
ऐसे में आज के कारोबार में गोदरेज कंज्यूमर का शेयर बाजार के प्रमुख फोकस में बना हुआ है।
SBI समेत चुनिंदा शेयरों में खरीदारी
बाजार में व्यापक गिरावट के बावजूद कुछ प्रमुख शेयरों में मजबूती देखने को मिली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) करीब 1.27 फीसदी की बढ़त के साथ सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहा। इसके अलावा टेक महिंद्रा में 1.01 फीसदी और इटरनल में करीब 0.58 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
इनके अलावा एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। बैंकिंग और चुनिंदा टेक शेयरों में खरीदारी ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित करने की कोशिश की।
इन दिग्गज शेयरों पर रहा दबाव
दूसरी तरफ, कई बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। भारती एयरटेल करीब 0.67 फीसदी गिरकर ₹1,906.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट 0.51 फीसदी, कोटक बैंक 0.48 फीसदी और हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.44 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
बड़े और दिग्गज शेयरों में कमजोरी का असर सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा। निवेशकों की निगाह अब यह देखने पर रहेगी कि कारोबारी सत्र आगे बढ़ने के साथ इन शेयरों में रिकवरी आती है या बिकवाली का दबाव जारी रहता है।
रियल्टी, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर कमजोर
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो शुरुआती कारोबार में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी रियल्टी 0.78 फीसदी गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान वाले सेक्टर के रूप में सामने आया। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी में 0.58 फीसदी और निफ्टी आईटी में 0.39 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
एफएमसीजी और आईटी जैसे महत्वपूर्ण सेक्टरों में कमजोरी ने बाजार के सेंटिमेंट पर दबाव बनाया। इन सेक्टरों में बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का असर व्यापक सूचकांकों पर भी देखने को मिला।
एनर्जी और MNC इंडेक्स में मामूली बढ़त
जहां ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे, वहीं कुछ क्षेत्रों में हल्की मजबूती भी देखने को मिली। निफ्टी एनर्जी में करीब 0.03 फीसदी और निफ्टी एमएनसी में 0.07 फीसदी की मामूली बढ़त दर्ज की गई।
कुल मिलाकर शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का दबाव रहा, लेकिन व्यापक बाजार में बड़ी संख्या में शेयरों में खरीदारी भी जारी रही। सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा तय करने में आगे वैश्विक संकेतों, संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों और प्रमुख कंपनियों के शेयरों में होने वाले उतार-चढ़ाव की अहम भूमिका रहेगी। निवेशकों के लिए फिलहाल बाजार में सेक्टर और स्टॉक आधारित गतिविधियां महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।