भारत के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले श्रीलंका को बड़ा झटका लगा है। पथुम निसांका और कुसल मेंडिस चोट के कारण मुकाबले से बाहर हो गए हैं।
भारत और श्रीलंका के बीच आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला शुरू होने से पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार, 12 अगस्त को पहले टेस्ट के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया। दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले श्रीलंकाई टीम को अपने दो प्रमुख बल्लेबाजों पथुम निसांका और कुसल मेंडिस की कमी खलेगी। दोनों खिलाड़ी चोट के कारण पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
चोट के कारण टीम से बाहर निसांका और मेंडिस
श्रीलंका के दोनों प्रमुख बल्लेबाज अलग-अलग चोटों से जूझ रहे हैं। पथुम निसांका कलाई की चोट से उबर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें पहले टेस्ट की टीम में शामिल नहीं किया गया है। वहीं, विकेटकीपर-बल्लेबाज कुसल मेंडिस हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण मुकाबले से बाहर हैं। मेंडिस को यह चोट लंका प्रीमियर लीग के दौरान लगी थी।
दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी श्रीलंका की बल्लेबाजी लाइन-अप के लिए बड़ा नुकसान मानी जा रही है। टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाजों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है, खासकर तब जब सामने भारतीय टीम जैसा मजबूत गेंदबाजी आक्रमण हो।
पथुम निसांका की कमी महसूस होगी
पथुम निसांका पिछले कुछ समय में श्रीलंका के भरोसेमंद बल्लेबाजों में अपनी जगह बना चुके हैं। वह टीम को अच्छी शुरुआत देने के साथ-साथ लंबी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। उनकी तकनीक और धैर्य टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के लिए उपयोगी साबित हो सकते थे।
गॉल की परिस्थितियों में बल्लेबाजों को शुरुआत में धैर्य के साथ खेलना पड़ सकता है और मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बढ़ सकती है। ऐसे में निसांका जैसे बल्लेबाज की गैरमौजूदगी श्रीलंका के लिए चुनौती बढ़ा सकती है।
फिलहाल वह अपनी कलाई की चोट से उबर रहे हैं। टीम मैनेजमेंट उनकी वापसी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहेगा, क्योंकि पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटना उनके लिए और टीम दोनों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
कुसल मेंडिस भी नहीं होंगे उपलब्ध
श्रीलंका के लिए दूसरा बड़ा झटका कुसल मेंडिस का बाहर होना है। मेंडिस टीम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज होने के साथ-साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। लंका प्रीमियर लीग के दौरान लगी हैमस्ट्रिंग चोट ने उनकी तैयारियों को प्रभावित किया और अब वह भारत के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं।
मेंडिस की आक्रामक बल्लेबाजी श्रीलंका के मध्यक्रम को तेजी देने की क्षमता रखती है। टेस्ट मैच में वह परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी का अंदाज बदल सकते हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति श्रीलंका के लिए रणनीतिक चुनौती होगी।
15 अगस्त से गॉल में होगा मुकाबला
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। गॉल की पिच आमतौर पर टेस्ट मैच के दौरान धीरे-धीरे स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार होती जाती है। ऐसे में दोनों टीमों के स्पिन आक्रमण पर भी सभी की निगाहें रहेंगी।
भारत के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों में खेलते हुए श्रीलंका को उम्मीद होगी कि उसके बाकी बल्लेबाज निसांका और मेंडिस की अनुपस्थिति की भरपाई कर सकें। वहीं भारतीय टीम इस मौके का फायदा उठाकर सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी।
श्रीलंका के लिए बल्लेबाजी की नई चुनौती
दो प्रमुख बल्लेबाजों के बाहर होने के बाद श्रीलंका के अन्य खिलाड़ियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है। टीम को शीर्ष क्रम में स्थिर शुरुआत की जरूरत होगी, ताकि मध्यक्रम पर शुरुआत से ही दबाव न आए। भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआती विकेट बचाना श्रीलंका की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।
इसके अलावा गॉल में अगर पिच से स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती है, तो श्रीलंकाई बल्लेबाजों को भारतीय स्पिनरों का भी सामना करना पड़ेगा। ऐसे में टीम के युवा और अनुभवी बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर काफी कुछ निर्भर करेगा।
भारत के खिलाफ चुनौती आसान नहीं
भारतीय क्रिकेट टीम टेस्ट क्रिकेट में मजबूत टीमों में गिनी जाती है और उसके पास तेज गेंदबाजों के साथ-साथ विश्वस्तरीय स्पिन विकल्प भी मौजूद हैं। ऐसे में श्रीलंका को अपने घरेलू मैदान का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करनी होगी।
भारत के खिलाफ टेस्ट में लंबे समय तक टिककर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा। श्रीलंका को विशेष रूप से अपनी बल्लेबाजी में धैर्य और अनुशासन दिखाना होगा। निसांका और मेंडिस की अनुपस्थिति में अन्य खिलाड़ियों के लिए यह अपनी क्षमता साबित करने का बड़ा अवसर भी हो सकता है।
चोटिल खिलाड़ियों की वापसी पर रहेंगी निगाहें
पथुम निसांका और कुसल मेंडिस के पहले टेस्ट से बाहर होने के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों खिलाड़ी दूसरे टेस्ट तक फिट हो पाते हैं या नहीं। दो मैचों की सीरीज में टीम के प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता काफी महत्वपूर्ण होती है।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने फिलहाल पहले टेस्ट के लिए अपनी टीम घोषित कर दी है और अब टीम मैनेजमेंट उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ रणनीति तैयार करेगा। भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट श्रीलंका के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है, लेकिन घरेलू परिस्थितियों और स्पिन-friendly परिस्थितियों का फायदा उठाकर वह मजबूत भारतीय टीम को कड़ी टक्कर देने की कोशिश करेगा।
कुल मिलाकर, सीरीज शुरू होने से ठीक पहले पथुम निसांका और कुसल मेंडिस का चोट के कारण बाहर होना श्रीलंका के लिए बड़ा झटका है। अब पहले टेस्ट में उनकी जगह खेलने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सबकी नजर होगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि श्रीलंकाई टीम इन दो अहम बल्लेबाजों की गैरमौजूदगी की भरपाई किस तरह करती है।