शनिवार के दिन कुछ विशेष कार्यों को करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है, जबकि कुछ चीजों को खरीदने से दरिद्रता आती है। जानें शनिवार को क्या करें और क्या न करें।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव कर्मों के अनुसार फल देते हैं। यदि आप शनिवार के दिन शास्त्रों में बताए गए नियमों का पालन करते हैं, तो शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के बुरे प्रभावों से बचा जा सकता है।
शनिवार को क्या करें? (Do’s)
- हनुमान चालीसा का पाठ: हनुमान जी की पूजा करने वालों को शनिदेव कभी परेशान नहीं करते। इसलिए शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें।
- पीपल के पेड़ की पूजा: शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और उसकी परिक्रमा करना अत्यंत फलदायी होता है।
- छाया दान: एक कटोरी में तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को दान कर दें। इसे ‘छाया दान’ कहते हैं, जो शनि दोष दूर करने का अचूक उपाय है।
- काले जानवरों की सेवा: काले कुत्ते को तेल चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं या कौओं को दाना डालें। शनिदेव पशु-पक्षियों की सेवा से बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं।
- उड़द और तिल का दान: गरीबों को काली उड़द की दाल, काले तिल या काले कपड़ों का दान करें।
शनिवार को क्या न करें? (Don’ts)
- तेल और लोहा न खरीदें: शनिवार को सरसों का तेल और लोहे का सामान (जैसे चाकू, कैंची या बर्तन) घर लाना अशुभ माना जाता है। इससे आर्थिक तंगी आती है।
- नमक खरीदना वर्जित: शनिवार को नमक खरीदने से घर के सदस्यों पर कर्ज बढ़ता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- तामसिक भोजन से दूरी: इस दिन मांस, मदिरा या नशीली चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। ऐसा करने से शनिदेव के क्रोध का सामना करना पड़ सकता है।
- काले जूते और कोयला: शनिवार को काले रंग के जूते या कोयला खरीदना भी वर्जित माना गया है।
- किसी असहाय का अपमान: शनिदेव न्याय के देवता हैं। इस दिन किसी गरीब, मजदूर, बुजुर्ग या सफाई कर्मचारी का अपमान भूलकर भी न करें।