दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में ₹650 करोड़ का घोटाला: सौरभ भारद्वाज का रेखा गुप्ता सरकार पर बड़ा हमला, दवाओं की किल्लत का उठाया मुद्दा

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में ₹650 करोड़ का घोटाला: सौरभ भारद्वाज का रेखा गुप्ता सरकार पर बड़ा हमला, दवाओं की किल्लत का उठाया मुद्दा

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में ₹650 करोड़ के कथित घोटाले पर आप दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार को घेरा। अस्पतालों में दवाओं और टेस्ट की भारी किल्लत का आरोप लगाया।

देश की राजधानी दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की भारी किल्लत और बदहाली को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मौजूदा शासन तंत्र और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार पर सीधा और बेहद गंभीर आरोप लगाया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज दिल्ली की जनता, विशेष रूप से गरीब मरीज, अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाइयों, मुफ्त टेस्टों, गंभीर ऑपरेशनों और जरूरी सर्जरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी अव्यवस्था और बदहाली की एकमात्र वजह स्वास्थ्य विभाग में हुआ ₹650 करोड़ रुपये का महाघोटाला है।

“दवाइयों से लेकर टेस्ट तक की खरीद में हुआ भारी भ्रष्टाचार”

एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक विशाल विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सौरभ भारद्वाज ने घोटाले की अंदरूनी परतें खोलीं। उन्होंने कहा कि सरकारी फाइलों और टेंडर्स में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। अस्पतालों के लिए जिन दवाओं, मेडिकल उपकरणों और लैब टेस्ट सेवाओं की आउटसोर्सिंग की जानी थी, उन्हें बाजार दरों से कई गुना अधिक और बढ़ा-चढ़ा कर दिखाई गई कीमतों (Inflated Rates) पर कुछ चुनिंदा निजी ठेकेदारों को सौंप दिया गया।

मरीजों के हक पर डाका: इस भारी भ्रष्टाचार का सीधा खामियाजा दिल्ली की आम जनता भुगत रही है। बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस घोटाले की भेंट चढ़ गया, जिसके कारण अब अस्पतालों के पास मरीजों को देने के लिए न तो पर्याप्त दवाइयां बची हैं और न ही डायग्नोस्टिक टेस्ट और सर्जरी के लिए आवश्यक फंड उपलब्ध हो पा रहा है।

नियमों को ताक पर रखकर की गई विवादित नियुक्तियां

सौरभ भारद्वाज ने प्रशासनिक स्तर पर हुई सांठगांठ को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने जानबूझकर नियमों को ताक पर रखा। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) में डॉ. वत्सला अग्रवाल की नियुक्ति सभी वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करके और सतर्कता जांच (Vigilance Inquiry) के अधीन होने के बावजूद की गई। भारद्वाज के मुताबिक, इस प्रकार की चहेती और विवादित नियुक्तियां केवल इसलिए की गईं ताकि बिना किसी रोक-टोक के ₹650 करोड़ रुपये की इस महालूट को अंजाम दिया जा सके।

मुख्य आरोपी राजीव रंगीला को देश से भगाने का गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) की भूमिका पर भी तीखे सवाल दागे हैं। सौरभ भारद्वाज ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एसीबी की एफआईआर के हर पन्ने पर जिस मुख्य आरोपी राजीव रंगीला का नाम दर्ज है, उसे पूरे एक महीने तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? जब ‘आप’ लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रही थी, तब शासन तंत्र आँखें मूंद कर बैठा रहा। परिणाम यह हुआ कि मुख्य आरोपी को सुरक्षित तरीके से देश छोड़कर जर्मनी भागने का मौका मिल गया।

सौरभ भारद्वाज ने चेतावनी दी है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के गरीबों और टैक्सपेयर्स के हक की इस लड़ाई को कमजोर नहीं होने देगी। जब तक इस घोटाले के सभी दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वाले बड़े राजनेताओं को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक सड़कों से लेकर सदन तक उनका यह संघर्ष और तेज होता रहेगा।

 

 

 

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