टाइम्स ऑफ इंडिया’ पर बरसे सौरभ भारद्वाज: बोले- ‘आप’ की खबरों को जानबूझकर दबाया जा रहा है, निष्पक्षता पर उठाए सवाल

टाइम्स ऑफ इंडिया' पर बरसे सौरभ भारद्वाज: बोले- 'आप' की खबरों को जानबूझकर दबाया जा रहा है, निष्पक्षता पर उठाए सवाल

AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने टाइम्स ऑफ इंडिया पर मीडिया बायस का आरोप लगाया। कहा- अखबार जानबूझकर ‘आप’ की सकारात्मक खबरों को सेंसर कर रहा है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने मुख्यधारा के मीडिया में पार्टी की खबरों को दरकिनार किए जाने को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। देश के प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) को आड़े हाथों लेते हुए सौरभ भारद्वाज ने सीधे पाठकों के सामने मीडिया के एकतरफा रुख को उजागर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार और जमीनी स्तर पर सक्रिय आम आदमी पार्टी के जनहित के कार्यों को यह समाचार पत्र जानबूझकर सेंसर कर रहा है, ताकि राजधानी की जनता के बीच एक कृत्रिम राजनीतिक नैरेटिव (विमर्श) तैयार किया जा सके।

“अगर दिल्ली में ‘आप’ नहीं दिख रही, तो कसूर अखबार का है” – भारद्वाज

पार्टी की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए सौरभ भारद्वाज ने टाइम्स ऑफ इंडिया के पाठकों को संबोधित कर कहा, “यदि आपको ऐसा महसूस होता है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के धरातल पर काम करती हुई या मुद्दों पर लड़ती हुई दिखाई नहीं दे रही है, तो इसका दोष पार्टी को देने के बजाय अपने सुबह के अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को दीजिए।”

प्रेस सेंसरशिप का आरोप: भारद्वाज ने दावा किया कि यह अखबार एक सोची-समझी नीति के तहत आम आदमी पार्टी से जुड़े घटनाक्रमों, प्रेस वार्ताओं और विकास कार्यों को पूरी तरह से ब्लैकआउट (सेंसर) कर रहा है। जनता की आवाज उठाने वाले विपक्षी और क्षेत्रीय नेताओं को अखबार में जगह न देना निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।

‘द हिंदू’ का हवाला देकर खोली निष्पक्षता की पोल

सौरभ भारद्वाज ने इस तथाकथित मीडिया सेंसरशिप को साबित करने के लिए दूसरे राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र ‘द हिंदू’ (The Hindu) का उदाहरण पेश किया। उन्होंने बताया कि जिस महत्वपूर्ण खबर को ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने अपने पन्नों से पूरी तरह गायब कर दिया या जानबूझकर दबा दिया, उसी खबर को ‘द हिंदू’ ने पूरे तथ्यों और प्रमुखता के साथ अपने अंक में प्रकाशित किया है।

उन्होंने कहा कि यह तुलना साफ तौर पर दर्शाती है कि जमीन पर खबरें और मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन कुछ मीडिया घराने किसी विशेष राजनैतिक दबाव या छिपे हुए एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं।

सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेज होगी लड़ाई

सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि मुख्यधारा के कुछ अखबारों द्वारा आवाज दबाए जाने के बावजूद आम आदमी पार्टी कमजोर नहीं होगी। पार्टी अब सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सीधे जनसंवाद (डोर-टू-डोर कैंपेन) के माध्यम से अपनी बात दिल्ली और देश की जनता तक पहुंचाएगी। भारद्वाज के इस बयान के बाद दिल्ली के राजनीतिक और पत्रकारिता गलियारों में प्रेस की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और कॉरपोरेट मीडिया हाउसेस की भूमिका को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

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