दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में हुए 650 करोड़ के दवाई-उपकरण खरीद घोटाले पर AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सीएम रेखा गुप्ता को घेरा है। उन्होंने पूछा कि विजिलेंस जांच के बावजूद वत्सला अग्रवाल को DGHS क्यों बनाया गया?
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित 650 करोड़ रुपये के दवाई और मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक जंग बेहद तेज हो गई है। दिल्ली ‘आप’ के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार पर इस महाघोटाले की मुख्य साजिशकर्ता होने का सीधा आरोप लगाया है। सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर नियमों को ताक पर रखकर दागी अफसरों को इतने बड़े पदों पर क्यों बैठाया गया?
वत्सला अग्रवाल को DGHS किसने बनाया? – सौरभ भारद्वाज का तीखा सवाल
सौरभ भारद्वाज ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) द्वारा पूर्व डीजीएचएस (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया के सामने सीधे तौर पर पूछा:
“यह रिश्ता क्या कहलाता है? एक तरफ कहा जा रहा है कि 650 करोड़ रुपये का महाघोटाला हुआ है और इसके लिए वत्सला अग्रवाल जिम्मेदार हैं। लेकिन दिल्ली की जनता को यह बताया जाए कि विजिलेंस जांच लंबित होने के बावजूद वत्सला अग्रवाल को DGHS की कुर्सी पर किसने बैठाया? उन्हें यह जिम्मेदारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी।”
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यह पूरा भ्रष्टाचार किसी एक अधिकारी के बूते का नहीं है, बल्कि इस पूरी साजिश को रेखा गुप्ता सरकार के संरक्षण में अंजाम दिया गया है।
नियमों को ताक पर रखकर की गई थी नियुक्ति
ये रिश्ता क्या कहलाता है?
650 करोड़ का घोटाला हो गया और कह रहे हैं कि वत्सला अग्रवाल ने घोटाला किया है। लेकिन वत्सला अग्रवाल को DGHS बनाया किसने.. रेखा गुप्ता ने।
सारा का सारा षड्यंत्र रेखा गुप्ता की सरकार ने किया है। @Saurabh_MLAgk pic.twitter.com/3vTCh0kFF6
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 6, 2026
‘आप’ नेता ने दावा किया कि साल 2025 में जब डॉ. वत्सला अग्रवाल को महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) नियुक्त किया गया था, तब दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) में नियुक्तियों को लेकर उनके खिलाफ पहले से ही एक विजिलेंस जांच चल रही थी। नियमों के मुताबिक ऐसे अधिकारी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती थी, लेकिन बीजेपी सरकार ने जानबूझकर खरीद-फरोख्त को सेंट्रलाइज्ड (केंद्रीयकृत) करने और घोटाले को अंजाम देने के लिए उन्हें इस पद पर प्रमोट किया।
असली गुनहगारों को बचा रही है सरकार: AAP
सौरभ भारद्वाज ने एसीबी (ACB) की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एफआईआर (FIR) के हर पन्ने पर जिस मुख्य आरोपी राजीव रंगीला का नाम है, जो कि बढ़ी हुई दरों पर टेंडर हासिल करने वाली फर्जी कंपनियों का असली मालिक है, उसे अब तक न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही पूछताछ की जा रही है।
‘आप’ का आरोप है कि बीजेपी सरकार छोटे अफसरों को बलि का बकरा बनाकर बड़े मगरमच्छों और अपने नेताओं को बचाने की कोशिश कर रही है। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इस 650 करोड़ के घोटाले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए ताकि सीधे तौर पर शामिल सत्ताधीशों का चेहरा बेनकाब हो सके।