सत्यानिकेतन पीजी मामले में सौरभ भारद्वाज ने एमसीडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए और पूछा कि लिखित शिकायत के बाद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
दिल्ली के सत्यानिकेतन में PG से जुड़े विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर MCD की कार्रवाई और BJP नेताओं से जुड़े होने के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने MCD Standing Committee की बैठक में कथित तौर पर BJP विधायक अनिल शर्मा से जुड़े PG का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि यदि यह PG नियमों के मुताबिक वैध है तो MCD उसके दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं करती और यदि निर्माण अनधिकृत है तो अब तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
AAP ने पहले भी इस मामले में लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के मुताबिक शिकायत MCD, DDA, उपराज्यपाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री को भेजी गई है।
MCD कमिश्नर से कार्रवाई को लेकर सवाल
सौरभ भारद्वाज के बयान के मुताबिक, Standing Committee की बैठक में MCD Commissioner संजीव खिरवार की मौजूदगी में सत्यानिकेतन के PG से जुड़े सवाल उठाए गए। उन्होंने सवाल किया कि BJP विधायक अनिल शर्मा से कथित रूप से जुड़े PG के खिलाफ MCD ने अब तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों नहीं की।
AAP नेता ने यह भी सवाल रखा कि अगर संबंधित PG पूरी तरह वैध है, तो Standing Committee की चेयरपर्सन सत्य शर्मा बैठक में इसकी वैधता स्पष्ट करें। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जब BJP नेताओं से जुड़े PG को लेकर सवाल किए गए तो MCD Commissioner की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
‘लिखित शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई?’
दिल्ली को जवाब चाहिए, सवालों से भागना बंद करे बीजेपी 🚨
भाजपा नेताओं से जुड़े PG पर कार्रवाई करने और सवालों से भागने पर AAP पार्षद @aapparveenkumar ने बीजेपी से पूछे कई तीखे और महत्वपूर्ण सवाल… https://t.co/uw1ZyR8wts
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 24, 2026
सौरभ भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया कि AAP की ओर से मामले में लिखित शिकायत पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन उस शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
AAP की 24 सितंबर की शिकायत के अनुसार, पार्टी ने सत्यानिकेतन से सटे अरकपुर बाग मोची इलाके में एक PG के संबंध में कथित सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण और भवन के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल की जांच की मांग की है।
सत्यानिकेतन हादसे के बाद बढ़ी जांच
सत्यानिकेतन में 6 सितंबर 2026 को एक PG इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली में PG और अनधिकृत निर्माण को लेकर जांच तेज हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, MCD ने इसके बाद कई इमारतों के खिलाफ ध्वस्तीकरण, सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई की है।
एक MCD अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि हादसे वाली इमारत के पास स्वीकृत भवन योजना और फायर NOC से जुड़े गंभीर सवाल थे। इससे दिल्ली में PG भवनों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर बहस तेज हुई।
अनिल शर्मा से जुड़े PG पर AAP के आरोप
AAP लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि सत्यानिकेतन में BJP विधायक अनिल शर्मा के परिवार से जुड़े एक PG के निर्माण में नियमों का उल्लंघन हुआ। पार्टी ने भूमि रिकॉर्ड और स्वीकृत भवन योजना में कथित अंतर का भी दावा किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, AAP ने आरोप लगाया था कि संबंधित जमीन का रिकॉर्ड 230 वर्ग गज का है, जबकि PG का निर्माण इससे कहीं अधिक क्षेत्र में होने का दावा किया गया।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर BJP विधायक अनिल शर्मा ने आरोपों से इनकार किया है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शर्मा ने कहा था कि उनके पास वैध पंजीकृत दस्तावेज हैं और आरोपों पर मानहानि की कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
AAP ने मांगी स्पष्ट कार्रवाई
सौरभ भारद्वाज ने MCD से मांग की है कि सत्यानिकेतन के विवादित PG से जुड़े भवन नक्शे, जमीन के दस्तावेज, अनुमति और अन्य रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के अनुरूप नहीं है तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और यदि PG वैध है तो संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
AAP का कहना है कि सत्यानिकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG और अनधिकृत निर्माण की निगरानी का मुद्दा सीधे लोगों की सुरक्षा से जुड़ गया है। वहीं, MCD की ओर से इस विशेष आरोप पर क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक स्थिति को लेकर संबंधित विभाग का जवाब महत्वपूर्ण रहेगा।