AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने ताहिर हुसैन मामले को लेकर BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि AAP ने आरोप लगते ही ताहिर हुसैन को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जबकि भाजपा ने चुनाव में उसे उतारकर वोट बांटने की कोशिश की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन पर आरोप लगते ही उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जबकि भाजपा ने बाद में उसे चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति अपनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया।
‘आरोप लगते ही AAP ने ताहिर हुसैन को पार्टी से निकाला’
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली दंगों के दौरान जैसे ही ताहिर हुसैन पर गंभीर आरोप लगे, आम आदमी पार्टी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पार्टी से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि AAP ने इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीतिक ढील नहीं दी और स्पष्ट संदेश दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
‘दंगों से राजनीतिक लाभ उठाती रही है BJP’
AAP ने दिल्ली दंगों में आरोपी ताहिर हुसैन पर आरोप लगते ही पार्टी से निकाल दिया था।
आंकड़े देख लें तो पता चलेगा कि दंगों का फायदा हमेशा भाजपा ने ही उठाया है। हाल में ही ताहिर हुसैन को पुलिस की सुरक्षा में चुनाव लड़वाया गया ताकि एंटी बीजेपी वोट को बांटा जा सके।@Saurabh_MLAgk pic.twitter.com/KxUgPrGh6l
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 31, 2026
AAP नेता ने आरोप लगाया कि यदि पिछले वर्षों के चुनावी और राजनीतिक घटनाक्रम का विश्लेषण किया जाए तो यह स्पष्ट होता है कि भाजपा ने हमेशा दंगों की राजनीति से चुनावी लाभ लेने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में ताहिर हुसैन को पुलिस सुरक्षा के बीच चुनाव लड़वाया गया, ताकि भाजपा विरोधी मतों का विभाजन हो सके।
‘वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश’
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य चुनाव में मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय समाज में ध्रुवीकरण पैदा करना और वोटों का बंटवारा करना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन की उम्मीदवारी भी इसी रणनीति का हिस्सा थी।
AAP ने उठाए राजनीतिक सवाल
AAP ने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिस व्यक्ति पर गंभीर आरोप हैं, उसे चुनाव लड़ने का अवसर किस रणनीति के तहत मिला। पार्टी ने दावा किया कि भाजपा जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाकर राजनीतिक लाभ हासिल करने का प्रयास करती रही है।