दिल्ली सरकार के टेंडर घोटाले में सौरभ भारद्वाज का भाजपा पर तीखा हमला। आरोप लगाया कि मास्टरमाइंड राजीव रंगीला को विदेश भगाकर फाइलें गायब कराई जा रही हैं।
दिल्ली में टेंडर और भुगतान से जुड़े एक बड़े कथित घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि इस पूरे भ्रष्टाचार में भाजपा सरकार पूरी तरह से संलिप्त है और दोषियों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर सबूतों को नष्ट करने का ‘ऑपरेशन कवर-अप’ (Operation Cover-Up) चलाया जा रहा है।
क्या जानबूझकर जलाई गईं सरकारी फाइलें?
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए सबसे पहला कदम सबूतों को मिटाना था। उन्होंने कहा:
“इस पूरे घोटाले को दबाने के लिए दिल्ली सरकार के टेंडर और पेमेंट से जुड़े सैकड़ों महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और फाइलों को साजिश के तहत गायब कर दिया गया है। जनता यह पूछ रही है कि क्या इन अहम फाइलों को जानबूझकर जला दिया गया है? इतनी बड़ी संख्या में दस्तावेजों का अचानक ‘गायब’ हो जाना इस बात का सीधा सबूत है कि ऊपरी शह पर जांच को भटकाने की कोशिश की जा रही है।”
मास्टरमाइंड राजीव रंगीला को जानबूझकर जर्मनी भगाया गया
आम आदमी पार्टी के नेता ने मामले के मुख्य आरोपी पर बात करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों की नाक के नीचे से इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड राजीव रंगीला को भारत से फरार होने का मौका दिया गया। उन्होंने दावा किया कि राजीव रंगीला को सोची-समझी रणनीति के तहत भारत से जर्मनी भागने की अनुमति दी गई ताकि वह कानून के शिकंजे से बच सके और असली गुनहगारों के नाम सामने न आ सकें। सौरभ भारद्वाज ने इसे कानून-व्यवस्था और जांच एजेंसियों की एक बड़ी विफलता बताया है।
शेल कंपनियों का जाल और लातूर का काला धन
घोटाले की परतों को खोलते हुए मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। करोड़ों रुपये का भुगतान शैडो वेंडर्स (फर्जी ठेकेदारों) और शेल कंपनियों (कागजी कंपनियों) को किया गया है। यह पूरा काला धन इस तरह घुमाया गया है कि जांच एजेंसियां इसे ट्रेस न कर पाएं।
सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार पूरी तरह से इस भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और वह अपने करीबियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा हड़पने वाले जेल की सलाखों के पीछे हों।