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सत्यानिकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना पर सौरभ भारद्वाज ने BJP सरकार और MCD की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बिल्डिंग ऑडिट और MCD ट्रांसफर को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
दिल्ली के सत्यानिकेतन इलाके में एक इमारत के गिरने की घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और निर्माण व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली बेहद लापरवाह है।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि सत्यानिकेतन में गिरी इमारत में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से जुड़े छात्रों के रहने की बात सामने आ रही है और कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर दिल्ली में इस तरह की घटनाएं कब रुकेंगी।
‘साकेत बिल्डिंग हादसे से नहीं लिया सबक’
When will this stop?
Another building has collapsed in Delhi, leaving many lives trapped. All this pain is just because the BJP in power is absolutely inefficient and corrupt. https://t.co/mv0A5f8aTu
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 6, 2026
सौरभ भारद्वाज ने इस घटना की तुलना साकेत में हुए बिल्डिंग हादसे से करते हुए कहा कि दिल्ली में एक के बाद एक इमारतों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली में कोई प्रभावी बदलाव दिखाई नहीं देता।
उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद बिल्डिंग ऑडिट और जांच के नाम पर कारोबारियों, जिम, होटल और अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है, लेकिन वास्तविक रूप से जर्जर और असुरक्षित इमारतों की समस्या का समाधान नहीं होगा।
MCD इंजीनियरों के ट्रांसफर को लेकर बड़ा आरोप
सौरभ भारद्वाज ने MCD के बिल्डिंग विभाग में कार्यरत अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिल्डिंग विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ट्रांसफर की कीमत ₹1.25 करोड़ तक बताई जा रही है।
हालांकि, यह एक राजनीतिक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। ऐसे आरोपों पर संबंधित विभाग या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।
‘भ्रष्टाचार और अक्षमता के कारण लोगों की जान जा रही’
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में भाजपा के सत्ता में होने का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अक्षमता और भ्रष्टाचार के कारण आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि हर बड़े हादसे के बाद जांच और ऑडिट की बातें होती हैं, लेकिन कुछ समय बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर दिल्ली में बिल्डिंग हादसों का यह सिलसिला कब खत्म होगा?
फिलहाल सत्यानिकेतन में हुई घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य और मलबे में फंसे लोगों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। घटना में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी अंतिम पुष्टि संबंधित प्रशासन द्वारा की जानी बाकी है।