मालवीय नगर अग्निकांड पर विधायक संजीव झा ने सरकार को घेरा। उन्होंने एक कर्मचारी पर कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि असली दोषियों को बचाना न्याय नहीं है।
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में हुई मौतों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कालकाजी और संबंधित क्षेत्रों के मुखर आवाज, विधायक संजीव झा ने प्रशासन और सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस त्रासदी के बाद केवल एक कर्मचारी पर कार्रवाई कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश करना न्याय नहीं, बल्कि असली दोषियों को बचाने की एक सोची-समझी साजिश है।
“केशव नेगी को बलि का बकरा बनाना स्वीकार नहीं”
संजीव झा ने कड़े शब्दों में कहा कि एक गरीब कर्मचारी, केशव नेगी को बलि का बकरा बनाकर मामले को खत्म करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने सवाल किया, “यदि सुरक्षा मानकों (Safety Norms) में भारी चूक हुई थी, तो इसकी जिम्मेदारी केवल एक निचले स्तर के कर्मचारी की क्यों है? क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए वे अधिकारी जिम्मेदार नहीं हैं, जिनकी देखरेख में यह इमारत चल रही थी?” ‘आप’ विधायक ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारी को ऊपर तक तय किया जाए।
“असली दोषियों पर हो कार्रवाई”
विधायक संजीव झा ने दोहराया कि जब तक असली दोषियों—चाहे वे अधिकारी हों या इमारत के मालिक—पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के लिए केवल एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना मामले को दबाने का एक तरीका है। ‘आप’ ने चेतावनी दी है कि वे इस मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे और तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हादसे के हर जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही तय नहीं हो जाती।
संजीव झा ने प्रशासन से अपील की है कि वे निष्पक्षता बरतें और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून की पकड़ से बचने न दें। दिल्ली की जनता इस मामले में पूरी पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।