विधायक संजीव झा ने पूर्वांचल के लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप भाजपा पर लगाया। उन्होंने बिहार के पीड़ित परिवार के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग की है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक संजीव झा ने भाजपा शासित राज्यों में पूर्वांचल के लोगों को निशाना बनाए जाने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक और तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संजीव झा ने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि समाज में बोई गई नफरत की राजनीति अब आम नागरिकों की जान लेने पर उतारू है।
“क्या बिहार भारत का हिस्सा नहीं है?”: संजीव झा का सीधा सवाल
भाजपा की नफरत की राजनीति अपनी पैठ बना रही है। जबसे इनकी सरकार बनी है, पूर्वांचल के लोगों को टारगेट किया जा रहा है।
अब एक नौजवान को सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वो बिहार का था। उसे मारने से पहले ये बोला गया कि ये बिहारी यहां गंदगी फैलाते हैं।
भाजपा से हमारा सवाल है कि क्या… pic.twitter.com/4xXeL6lwO1
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) April 29, 2026
संजीव झा ने हाल ही में हुई एक दुखद घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक नौजवान की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह बिहार का रहने वाला था। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने हत्या से पहले कहा कि “ये बिहारी यहाँ गंदगी फैलाते हैं।”
भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए संजीव झा ने पूछा, “भाजपा से हमारा सवाल है कि क्या बिहार भारत का हिस्सा नहीं है? क्या किसी नागरिक को सिर्फ उसके मूल स्थान (बिहार) के कारण मौत के घाट उतार दिया जाएगा? यह न केवल अमानवीय है बल्कि देश की अखंडता पर भी हमला है।”
पूर्वांचलियों को टारगेट करने का आरोप
संजीव झा ने कहा कि जब से भाजपा की सरकारें बनी हैं, पूर्वांचल के लोगों को लगातार टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा की विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी नफरत की राजनीति अब अपनी पैठ बना रही है, जिसका खामियाजा मेहनत-मजदूरी करने वाले निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है। संजीव झा के अनुसार, इस तरह की घटनाएं समाज में विभाजन पैदा कर रही हैं और संविधान द्वारा दिए गए समान अधिकारों का उल्लंघन हैं।
₹1 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
आम आदमी पार्टी के विधायक ने इस अन्याय के खिलाफ अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि:
- पीड़ित परिवार को तुरंत ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
- दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।