AAP विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया है कि बीएलओ के गलत सत्यापन से दिल्ली में SIR फॉर्म खारिज हो रहे हैं। उन्होंने SIR प्रक्रिया में सुधार और अतिरिक्त समय की मांग की है ताकि दिल्लीवासियों के वोट न कटें।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान यानी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) को लेकर राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक संजीव झा (@Sanjeev_aap) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजीव झा का कहना है कि बीजेपी दिल्ली में लोगों के वोट काटने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) सही तरीके से डोर-टू-डोर सत्यापन (Verification) नहीं कर रहे हैं, जिससे भारी संख्या में आम जनता के SIR फॉर्म निरस्त (Reject) किए जा रहे हैं।
बीएलओ (BLO) की लापरवाही से रिजेक्ट हो रहे फॉर्म
लोगों के वोट काटने के लिए भाजपा नए-नए हथकंडे अपना रही है। BLOs ठीक से वेरिफाई नहीं कर रहे, जिसके चलते SIR फार्म रिजेक्ट हो रहे हैं।
हमारी मांग है कि SIR की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाए और लोगों को अतिरिक्त समय दिया जाए अन्यथा दिल्ली में लगभग आधे वोट कट जाएंगे।@Sanjeev_aap pic.twitter.com/H2sfYPdOBP
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 27, 2026
आम आदमी पार्टी के नेता संजीव झा ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों, झुग्गी-झोपड़ियों और ग्रामीण इलाकों में बीएलओ सही तरीके से भौतिक सत्यापन नहीं कर रहे हैं। बिना पूरी जांच किए ही कागजों में लोगों के पते गलत बताकर या ‘शिफ्टेड’ (Shifted) लिखकर उनके SIR फॉर्म खारिज किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “अगर यही रवैया जारी रहा और बीएलओ की कार्यशैली में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो दिल्ली की लगभग आधी आबादी के वोट वोटर लिस्ट से काट दिए जाएंगे। यह सीधे तौर पर नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है।”
SIR प्रक्रिया में सुधार और अतिरिक्त समय देने की मांग
संजीव झा और आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
- सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता: बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को सख्त और पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी भी वैध नागरिक का नाम सूची से बाहर न हो।
- अतिरिक्त समय की आवश्यकता: दिल्ली की बड़ी आबादी और किरायेदारों की संख्या को देखते हुए SIR फॉर्म भरने और जमा करने की समयसीमा (Deadline) में बढ़ोतरी की जाए।
AAP नेताओं का तर्क है कि जब तक सभी नागरिकों तक फॉर्म पहुँचने और उनके उचित सत्यापन की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में बंद करना जनता के साथ अन्याय होगा।
“दिल्ली के लाखों मतदाताओं को बेदखल करने का षड्यंत्र”
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी आगामी राजनीतिक समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए चुनाव आयोग की प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। संजीव झा ने कहा कि विशेष रूप से पूर्वांचली, प्रवासी और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले गरीब परिवारों को लक्षित किया जा रहा है। यदि किसी कारणवश कोई नागरिक सत्यापन के समय घर पर उपलब्ध नहीं मिलता, तो उसे बिना दूसरा मौका दिए सूची से बाहर किया जा रहा है।