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दिल्ली हेल्थ घोटाले पर संजय सिंह का बीजेपी सरकार पर हमला। मीडिया की चुप्पी पर उठाए सवाल और सीएम रेखा गुप्ता से मांगी जवाबदेही।
दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं की खरीद में हुए कथित ₹650 करोड़ के घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा प्रहार किया है। संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि मीडिया का एक बड़ा वर्ग इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है, जैसे वह ‘गज़नी’ फिल्म की तरह सब कुछ भूल गया हो।
‘गोदी मीडिया’ पर बरसे संजय सिंह
सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि जब दिल्ली में जनता के पैसों की लूट हो रही है, तब ‘गोदी मीडिया’ का गज़नी मोड में चले जाना और इस पर कोई बहस न करना उनकी निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि यह घोटाला किसी विपक्षी दल के शासन में होता, तो मीडिया दिन-रात चिल्ला रहा होता, लेकिन अब सभी मौन क्यों हैं?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की जवाबदेही तय हो
रेखा गुप्ता सरकार का
650 करोड़ का दवा घोटालागोदी मीडिया “गजनी” मोड में चला गया है, गोदी न्यूज़ पर कोई डिबेट नहीं, किसी CM को मास्टरमाइंड नहीं बताया जा रहा है ।@SanjayAzadSln जी की कार्यकर्ताओं और जनता से अपील pic.twitter.com/W1Ekh0yViq
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) June 30, 2026
संजय सिंह ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को निशाने पर लेते हुए कहा कि दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि इस ₹650 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है। उन्होंने कहा, “दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में नियमों को बदलने की साजिश किसने रची? मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जनता के सामने आकर इसका जवाब देना होगा।”
कार्यकर्ताओं और दिल्ली की जनता से अपील
संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और दिल्ली के जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ उठाएं। उन्होंने कहा:
- सड़कों पर उतरें: इस बड़े घोटाले को जनता के बीच ले जाएं।
- सोशल मीडिया पर आवाज उठाएं: मीडिया की चुप्पी को अपनी आवाज से तोड़ें।
- मास्टरमाइंड का पर्दाफाश करें: जब तक इस घोटाले के असली दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक संघर्ष जारी रहना चाहिए।
स्वास्थ्य बजट की लूट का हिसाब
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली के गरीबों के इलाज के लिए आवंटित फंड को बीजेपी सरकार के कार्यकाल में चहेती कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए डायवर्ट किया गया। उन्होंने इसे ‘जनता के खून-पसीने की कमाई की लूट’ करार दिया और मांग की कि इस मामले की तुरंत निष्पक्ष न्यायिक जांच हो ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके।