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सलीम खान का 1997 का पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने सलमान खान के गुस्से का बचाव किया और उनके मानवीय पक्ष के बारे में बात की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर दिग्गज पटकथा लेखक सलीम खान का एक दशक पुराना इंटरव्यू जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। मार्च 1997 के ‘सिने ब्लिट्ज’ (Cine Blitz) मैगजीन के बताए जा रहे इस इंटरव्यू में सलीम खान ने अपने बेटे और सुपरस्टार सलमान खान के गुस्सैल स्वभाव का बचाव किया है। इस वायरल स्क्रीनशॉट में सलीम खान ने तर्क दिया है कि गुस्सा एक महत्वपूर्ण मानवीय भावना है और सलमान को अक्सर गलत समझा जाता है।
“सलमान शॉर्ट-टेम्पर्ड नहीं, उनमें केवल बहुत गुस्सा है”
इंटरव्यू के दौरान जब सलीम खान से पूछा गया कि सलमान हमेशा इतने गुस्से में क्यों दिखते हैं और वे इतने शॉर्ट-टेम्पर्ड क्यों हैं, तो उन्होंने बहुत ही दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया। सलीम खान ने कहा, “सलमान शॉर्ट-टेम्पर्ड नहीं हैं, बस उनके अंदर बहुत गुस्सा है। गुस्से में कुछ भी गलत नहीं है। बल्कि इस पीढ़ी की कमी यह है कि उनमें गुस्सा ही नहीं है।”
उन्होंने आगे विस्तार से समझाते हुए कहा कि आज के युवा गलत होते हुए देखकर भी अपनी आँखें मूँद लेते हैं। सलीम खान ने कहा, “शुक्र है कि सलमान वैसे नहीं हैं। अगर वह किसी महिला को छेड़ते हुए देखते हैं, तो वे चुप नहीं बैठेंगे, बल्कि जाकर उन लड़कों की धुलाई कर देंगे। मुझे लगता है कि अगर गुस्से को सही दिशा में मोड़ा जाए, तो यह सबसे बेहतरीन भावनाओं में से एक है।”
महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग से तुलना
सलीम खान ने अपने बेटे के गुस्से की तुलना विश्व के महान नेताओं से करते हुए सबको हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, “सलमान के अंदर अन्याय, गरीबी और क्रूरता के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। क्या महात्मा गांधी में ब्रिटिश राज या अन्याय के खिलाफ गुस्सा नहीं था? और मार्टिन लूथर किंग के बारे में क्या? क्या उनके अंदर गुस्सा नहीं था!”
जब इंटरव्यूअर ने कहा कि सलमान का गुस्सा अक्सर हिंसक (Violent) हो जाता है, तो सलीम खान ने जवाब दिया, “यदि आप किसी को तर्क के साथ कुछ समझाने की कोशिश करते हैं और वह नहीं समझता, तो आप हिंसक होने के लिए मजबूर हो जाते हैं। यहाँ तक कि पुलिस भी कबूलनामे के लिए हिंसा का सहारा लेती है।”
“प्रेस केवल नकारात्मकता लिखती है”
सलीम खान ने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रेस केवल तभी लिखता है जब सलमान ने गुस्से में किसी पर ड्रिंक डाल दी हो या किसी से लड़ाई की हो। उन्होंने कहा, “वे उस समय के बारे में नहीं लिखेंगे जब सलमान ने पुलिस केस के डर के बिना दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाई। वह हर समय ऐसा करते हैं।”
उन्होंने सलमान के मानवीय पक्ष और नवागतों (Newcomers) की मदद करने के स्वभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे सलमान ने शेखर कपूर के असिस्टेंट, मज्रूह, राज कुमार संतोषी के असिस्टेंट और मुकुल आनंद के असिस्टेंट की फिल्मों में काम करके उनकी मदद की। सलीम खान ने निष्कर्ष निकाला कि जहाँ अन्य बड़े सितारे केवल माधुरी दीक्षित या श्रीदेवी के साथ काम करना चाहते थे, वहीं सलमान ने चांदनी और शीबा जैसी नई अभिनेत्रियों के साथ भी फिल्में कीं।