नेटफ्लिक्स के शो ‘लॉक अप: सच या सज़ा’ में रितेश देशमुख का दर्द छलका। उन्होंने बताया कि पिता विलासराव देशमुख के मुख्यमंत्री होने के कारण शुरुआती दिनों में उन पर कैसे नेपोटिज्म के टैग लगे थे।
बॉलीवुड इंडस्ट्री में दो दशक से भी ज्यादा का समय बिता चुके अभिनेता रितेश देशमुख आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने कॉमेडी, सीरियस और विलेन हर तरह के किरदारों से दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बनाई है। लेकिन कई अन्य कलाकारों की तरह, रितेश देशमुख का सफर भी ढेरों रूढ़िवादिता, पूर्वग्रहों और धारणाओं के बीच शुरू हुआ था। नेटफ्लिक्स के मशहूर रियलिटी शो ‘लॉक अप: सच या सज़ा’ (Lock Upp: Sach Ya Sazaa) के हालिया एपिसोड में रितेश देशमुख ने अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों को याद किया। उन्होंने उस दर्द और उन लेबल्स (टैग) के बारे में खुलकर बात की, जिन्हें जनता द्वारा स्वीकार किए जाने से पहले उन्हें अपने ऊपर से हटाना पड़ा था।
शो के कंटेस्टेंट योगेश रावत के दर्द पर रितेश ने साझा किया अपना अनुभव
यह भावुक बातचीत तब शुरू हुई जब शो के कंटेस्टेंट योगेश रावत ने समाज और लोगों द्वारा उनके बारे में बनाई गई छवि (इमेज) को लेकर अपना दर्द बयां किया। कंगना रनौत की एक पुरानी टिप्पणी का हवाला देते हुए योगेश ने साझा किया कि बिना पूरी सच्चाई जाने लोगों द्वारा उनके चरित्र को जज किया जाना कितना दर्दनाक रहा है। योगेश ने रोते हुए कहा, “लोग सच्चाई जाने बिना एक नैरेटिव बना लेते हैं। अब जब मैं इस शो का हिस्सा हूँ, तो यहाँ आने वाले मेहमान भी मुझे धोखेबाज़ कह रहे हैं। मेरी माँ ने मुझसे कहा था कि पहले वह गर्व से सिर उठाकर चलती थीं, लेकिन अब मेरी कहानी के कारण उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है।”
योगेश के इस भावुक कबूलनामे और आंसू देखकर शो के होस्ट रितेश देशमुख खुद को रोक नहीं पाए। रितेश ने योगेश को समझाते हुए कहा कि शो में आने वाले मेहमान अक्सर वही बोलते हैं जो बाहर बैठी जनता सोच रही होती है। धारणाएं (Perceptions) समय के साथ बनती हैं और वे इस बात से प्रभावित होती हैं कि आप बाहर खुद को कैसे प्रोजेक्ट करते हैं।
‘मेरे पिता मुख्यमंत्री थे, इसलिए लोग मेरी मेहनत को नहीं देखते थे’
योगेश को ढांढस बंधाते हुए रितेश देशमुख ने अपने जीवन का सबसे बड़ा सच साझा किया। उन्होंने बताया कि स्टार किड या एक बेहद प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से होने के कारण उन्हें किस तरह की बातें सुननी पड़ती थीं। रितेश ने कहा:
“धारणा एक ऐसी चीज़ है जो इस आधार पर बनती है कि आप बाहर क्या प्रोजेक्ट करते हैं। हम सभी इस दौर से गुज़रे हैं। जब मैंने अपनी पहली फिल्म की थी, तब मेरे पिता (विलासराव देशमुख) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री (Chief Minister) थे। जब मैंने डेब्यू किया, तो हर कोई कहता था—’इसके पिता सीएम हैं, इसीलिए इसे काम मिलता है, और इसीलिए इसकी फिल्में अच्छा प्रदर्शन करती हैं।’ गुज़रा हूँ मैं इस दौर से। आज 23 साल और 60 फिल्मों के बाद, मैं उन सभी टैग्स को तोड़कर आपके सामने खड़ा हूँ। कुछ टैग्स को तोड़ने में समय और मेहनत लगती है, लेकिन एक बार जब आप ठान लेते हैं, तो वे ज़रूर टूटते हैं।” – रितेश देशमुख
विलासराव देशमुख के बेटे होने से लेकर ‘राजा शिवाजी’ के इतिहास रचने तक का सफर
रितेश देशमुख महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख के बेटे हैं। रितेश ने साल 2003 में फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ से जेनेलिया डिसूजा (जो अब उनकी पत्नी हैं) के साथ बॉलीवुड में कदम रखा था। शुरुआती दौर में उन पर नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के गंभीर आरोप लगे, लेकिन रितेश ने हार नहीं मानी। उन्होंने ‘क्या कूल हैं हम’, ‘हे बेबी’, ‘धमाल’ और ‘हाउसफुल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी फिल्मों में शानदार काम करके खुद को एक बेहतरीन अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
रितेश ने सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, बल्कि निर्देशन में भी अपना लोहा मनवाया है। हाल ही में रितेश देशमुख द्वारा निर्देशित और निर्मित फिल्म ‘राजा शिवाजी’ (Raja Shivaji) ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया। यह फिल्म दुनिया भर में ₹100 करोड़ से अधिक की कमाई करके अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली मराठी फिल्म बन चुकी है। रितेश ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि गॉडफादर या बड़ा नाम आपको पहली फिल्म दिला सकता है, लेकिन इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए हुनर और कड़ी मेहनत की ही जरूरत होती है।
‘लॉक अप: सच या सज़ा’ के बारे में
आपको बता दें कि रियलिटी शो ‘लॉक अप: सच या सज़ा’ को इस बार रितेश देशमुख और फराह खान मिलकर होस्ट कर रहे हैं। यह हाई-प्रेशर रियलिटी सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीम हो रही है। इस शो में 14 सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट्स को एक जेल के सेटअप में रखा गया है, जहाँ उन्हें बुनियादी सुख-सुविधाओं से दूर रखकर बेहद कठिन टास्क दिए जाते हैं। शो के नए एपिसोड हर शनिवार से गुरुवार रात 8 बजे नेटफ्लिक्स पर प्रसारित किए जाते हैं, जहाँ कंटेस्टेंट्स को अपने कई गहरे राज़ भी खोलने पड़ते हैं।