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स्वर्ण भंडार बेचे जाने की खबरों पर RBI और सरकार ने दी सफाई। जानें भारत के सोने के भंडार की असली स्थिति और इस विवाद की पूरी सच्चाई।
हाल ही में ‘ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स’ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि भारत के केंद्रीय बैंक (RBI) ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और मुद्रा के मूल्य में आई गिरावट से निपटने के लिए अपने स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) का कुछ हिस्सा बेचा है। हालांकि, केंद्र सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस खबर को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह आधारहीन और भ्रामक बताया है।
सरकार और RBI का आधिकारिक रुख
क्या ये खबर सही है? क्या देश का सोना बेचा जा रहा है? क्या सरकार इतनी ज़्यादा कंगाल हो गई है? पिछले 76 साल में कई ऐसे मौके आए जब देश कठिन स्थिति में था। लेकिन देश का सोना तो कभी नहीं बेचा गया। इसका मतलब हालात बहुत ज़्यादा ख़राब हैं?
सरकार कुछ बताती क्यो नहीं? देश के क्या हालात… https://t.co/EWrrouHzP0
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 3, 2026
इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए भारत सरकार के आधिकारिक पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) और भारतीय रिज़र्व बैंक ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को गलत करार दिया है। RBI ने स्पष्ट किया है कि भारत का भौतिक स्वर्ण भंडार (Physical gold stock) पूरी तरह सुरक्षित और यथावत है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक भारत के पास 880.52 मीट्रिक टन सोना था, और वर्तमान में भी यह आंकड़ा पूरी तरह स्थिर बना हुआ है। सरकार ने इन दावों को ‘फेक’ (Fake) करार देते हुए कहा है कि देश का स्वर्ण भंडार कम नहीं हुआ है।
आंकड़ों में वृद्धि के संकेत
विपरीत दावों के उलट, आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी कम होने के बजाय बढ़ रही है। 22 मई 2026 तक विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 16.85% तक पहुंच गई है, जो सितंबर 2025 में 13.92% थी। यह स्पष्ट करता है कि भारत का आर्थिक आधार मजबूत है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार से सवाल पूछे थे। उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि क्या वाकई स्वर्ण भंडार को लेकर कोई ऐसी स्थिति बनी है।
सरकारी सूत्रों और आरबीआई के आधिकारिक बयानों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि स्वर्ण भंडार बेचे जाने की खबरें पूरी तरह से आधारहीन हैं। भारत की आर्थिक नीतियां और विदेशी मुद्रा भंडार पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार और केंद्रीय बैंक ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें।