हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने मानसून वन महोत्सव पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ संकल्प
हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने राज्य के नागरिकों से मानसून सीजन के दौरान आयोजित होने वाले वार्षिक वन महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प ‘एक पेड़ माँ के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) अभियान को सफल बनाने और व्यापक स्तर पर पौधरोपण करने का आह्वान किया है।
वन मंत्री ने जोर देकर कहा कि केवल पौधा लगा देना ही पर्यावरण संरक्षण के लिए काफी नहीं है, बल्कि उस पौधे की तब तक उचित देखभाल और सुरक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है जब तक कि वह बड़ा होकर एक मजबूत पेड़ न बन जाए।
केवल पौधा लगाना ही नहीं, पेड़ बनने तक देखभाल जरूरी
वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रदेश के लोगों से आह्वान किया है कि मानसून के दौरान हर वर्ष मनाए जा रहे वन महोत्सव के दौरान पौधारोपण करें और प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ संकल्प को पूरा करें।
“पौधा लगाना ही काफी नहीं है बल्कि जब तक पौधा जड़ पकड़कर पेड़ का रूप…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 23, 2026
राव नरबीर सिंह ने पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि अक्सर लोग पौधरोपण के समय उत्साह दिखाते हैं, लेकिन बाद में रखरखाव के अभाव में कई पौधे सूख जाते हैं।
“एक नन्हे पौधे को रोप देना मात्र ही कर्तव्य की इतिश्री नहीं है। उस पौधे को जब तक जड़ों से मजबूती न मिले और वह एक विशाल वृक्ष का रूप न ले ले, तब तक उसे पानी देना और संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। जब हर नागरिक अपने लगाए पौधे को पेड़ बनाने का संकल्प लेगा, तभी हरियाणा हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनेगा।”
— राव नरबीर सिंह (वन एवं पर्यावरण मंत्री, हरियाणा)
मानसून और वन महोत्सव: हरियाली बढ़ाने का सबसे सही समय
मानसून के मौसम को पौधों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा का वन विभाग प्रदेश भर में वन महोत्सव के तहत पौधरोपण अभियानों को गति दे रहा है।
- ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान: प्रधानमंत्री के इस आह्वान के तहत लोग अपनी माँ के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनकी स्मृति या सम्मान में पौधा रोप रहे हैं।
- सामुदायिक भागीदारी: स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और सरकारी कार्यालयों में बड़े पैमाने पर फलदार व छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण से जलवायु परिवर्तन से मुकाबला: बढ़ते तापमान और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाली का दायरा बढ़ाना ही एकमात्र स्थायी समाधान है।
हरियाणा सरकार के हरित प्रयास
हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के हरित आवरण (Green Cover) को बढ़ाने के लिए कई नीतियां लागू की जा चुकी हैं। प्राचीन वृक्षों के संरक्षण के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना जैसी पहल चलाई जा रही है, जबकि नए पौधों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक (जैसे जियो-टैगिंग) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने लोगों से अपील की कि वे इस मानसून अपने घर, आसपास की खाली ज़मीन, पार्कों और सड़कों के किनारे कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी लें।