रक्षाबंधन पर राखी की थाली में जरूर रखें ये 7 चीजें, जानें हर सामग्री का धार्मिक महत्व

रक्षाबंधन पर राखी की थाली में जरूर रखें ये 7 चीजें, जानें हर सामग्री का धार्मिक महत्व

 

रक्षाबंधन पर राखी की थाली सजाते समय राखी, रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई, दूर्वा और मौली जरूर रखें। जानें इन 7 चीजों का धार्मिक महत्व और पूजा की सही परंपरा।

रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले पूजा-पाठ और भगवान का आशीर्वाद लेने की परंपरा रही है। इसी मान्यता के अनुसार रक्षाबंधन के दिन भी राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार की जाती है। इस थाली में राखी बांधने से जुड़ी सभी जरूरी पूजन सामग्री रखी जाती है। कई परिवारों में सबसे पहले राखी की थाली को घर के मंदिर में रखकर भगवान की पूजा की जाती है। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन पर सबसे पहले भगवान गणेश को राखी अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके बाद अन्य देवी-देवताओं और अपने इष्ट देव को राखी अर्पित करने के बाद भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा जाता है। आइए जानते हैं कि राखी की थाली में कौन-कौन सी चीजें जरूर रखनी चाहिए और उनका क्या धार्मिक महत्व माना जाता है।

राखी के बिना अधूरी है पूजा की थाली

राखी यानी रक्षासूत्र रक्षाबंधन की सबसे प्रमुख सामग्री है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा की कामना करती है। धार्मिक मान्यताओं में रक्षासूत्र को भाई की रक्षा और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है। बाजार में अलग-अलग तरह की राखियां उपलब्ध होती हैं, लेकिन पूजा के लिए राखी का चयन करते समय उसकी पवित्रता और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। पूजा से पहले राखी को थाली में भगवान के सामने रखकर उनका आशीर्वाद लेना भी कई परिवारों में शुभ माना जाता है।

रोली या कुमकुम से लगाएं तिलक

राखी की थाली में रोली या कुमकुम का होना भी जरूरी माना जाता है। राखी बांधने से पहले बहन भाई के माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाती है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में तिलक को शुभता, सम्मान और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है। भाई के माथे पर तिलक लगाने के बाद अक्षत लगाए जाते हैं। यह परंपरा भाई के लिए सुख, समृद्धि और सौभाग्य की कामना से जुड़ी मानी जाती है।

अक्षत का भी है विशेष महत्व

अक्षत यानी साबुत चावल के दानों को भी राखी की थाली में जरूर शामिल किया जाता है। आमतौर पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाने के बाद उसके ऊपर अक्षत लगाए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं में अक्षत को पूर्णता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। ध्यान रखा जाता है कि पूजा में इस्तेमाल किए जाने वाले चावल टूटे हुए न हों, बल्कि साबुत हों। कई परंपराओं में भाई के सिर पर भी अक्षत रखने की मान्यता है, जिसे उसके मंगल और दीर्घायु की कामना से जोड़ा जाता है।

घी का दीपक रखें जरूर

राखी की थाली में दीपक रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। आमतौर पर घी का दीपक जलाकर भाई की आरती उतारी जाती है। दीपक को धार्मिक परंपराओं में प्रकाश, सकारात्मकता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। भाई को राखी बांधने और तिलक लगाने के बाद बहन दीपक से उसकी आरती करती है और उसके सुखी एवं सुरक्षित जीवन की प्रार्थना करती है। पूजा की शुरुआत से पहले दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।

मिठाई से कराएं भाई का मुंह मीठा

राखी की थाली में मिठाई भी जरूर रखी जाती है। तिलक और राखी बांधने के बाद बहन भाई का मुंह मीठा कराती है। मिठाई को खुशी और शुभ अवसर का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद भाई अपनी बहन को उपहार देता है और उसकी रक्षा एवं सम्मान का संकल्प लेता है। मिठाई के रूप में परिवार की पसंद के अनुसार कोई भी पारंपरिक मिठाई रखी जा सकती है।

दूर्वा को भी थाली में करें शामिल

भगवान गणेश की पूजा में विशेष रूप से इस्तेमाल की जाने वाली दूर्वा को भी रक्षाबंधन की पूजा थाली में शामिल किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं में दूर्वा को शुभ माना गया है और इसे अमृत से जुड़ा हुआ बताया जाता है। परंपरा के अनुसार अक्षत के साथ दूर्वा भाई के सिर पर रखने से उसकी दीर्घायु और मंगल जीवन की कामना की जाती है। अगर परिवार में यह परंपरा निभाई जाती है, तो राखी की थाली में ताजा दूर्वा जरूर रखी जा सकती है।

मौली या कलावा भी रखें

राखी के साथ मौली या कलावा रखने की परंपरा भी कई जगहों पर है। इसे धार्मिक रूप से सुरक्षा और मंगलकामना से जोड़ा जाता है। कुछ परिवारों में भाई की कलाई पर राखी के साथ कलावा भी बांधा जाता है। मान्यता है कि इससे भाई की रक्षा और लंबी उम्र की कामना पूरी होती है। हालांकि, यह परंपरा अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग हो सकती है।

थाली में रख सकते हैं ये अतिरिक्त चीजें

इन सात प्रमुख सामग्रियों के अलावा राखी की थाली में कुछ अन्य चीजें भी रखी जा सकती हैं। कई घरों में पानी से भरा छोटा कलश रखा जाता है। पूजा के बाद इस जल का छिड़काव भगवान और भाई पर किया जाता है। इसके अलावा नारियल को भी थाली में रखा जाता है। धार्मिक परंपराओं में नारियल को शुभता, समृद्धि और सुरक्षा से जोड़ा जाता है। आप चाहें तो भगवान गणेश की छोटी तस्वीर या मूर्ति भी थाली में रख सकते हैं।

इस तरह रक्षाबंधन पर राखी की थाली तैयार करते समय राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई, दूर्वा और मौली को प्रमुख सामग्री के रूप में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, पूजा की सामग्री और विधि परिवार तथा क्षेत्र की परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भाई-बहन इस पर्व को प्रेम, सम्मान और शुभ भावनाओं के साथ मनाएं।

Related posts

ऋषि पंचमी 2026: महिलाओं के लिए क्यों खास है व्रत? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

ऋषि पंचमी 2026 कब है? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त और सप्तऋषियों का महत्व

गणेश चतुर्थी पर जप करें ये 5 मंत्र, विघ्न-बाधाएं होंगी दूर और बप्पा की बरसेगी कृपा

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More