राजकोट नगर निगम चुनाव 2026 में AAP भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती पेश कर सकती है। 2021 में 3.45 लाख वोट हासिल करने वाली AAP वार्ड 4 और 11 में कांग्रेस को पछाड़ते हुए मुख्य मुकाबला बना सकती है।
आगामी राजकोट नगर निगम चुनाव 2026 में भाजपा (BJP) को इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती मिलने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2021 के निकाय चुनावों में AAP ने 7% से अधिक वोट हासिल कर शहर में अपनी पैठ बनाई थी, और 2026 में यह पार्टी अपनी पकड़ और मजबूत करके भाजपा के खिलाफ गंभीर चुनौती पेश कर सकती है।
2021 के निकाय चुनाव: AAP का पहला बड़ा प्रदर्शन
2021 के राजकोट मनपा चुनाव में कुल 50% मतदान हुआ। इस चुनाव में BJP, कांग्रेस और AAP मैदान में उतरे। शुरुआती अनुमान यह था कि AAP भाजपा के वोट बैंक को प्रभावित करेगी। हालांकि मतगणना के बाद तस्वीर कुछ अलग निकली। BJP ने स्पष्ट बढ़त हासिल की, लेकिन AAP ने कांग्रेस के वोट बैंक को प्रभावित करके अपने पहले चुनाव में ही 3.45 लाख वोट हासिल कर सभी को चौंका दिया।
2021 में पार्टियों को मिले वोट:
- भाजपा (BJP): 10,63,466 वोट
- कांग्रेस (Congress): 4,82,865 वोट
- आम आदमी पार्टी (AAP): 3,45,466 वोट
AAP ने 6 वार्डों में दूसरे स्थान पर रहकर अपनी मजबूत स्थिति दिखाई और कांग्रेस को कई वार्डों में पीछे छोड़ दिया।
वार्ड विश्लेषण: AAP की ताकत
विशेषकर वार्ड नंबर 4 और 11 में AAP का जनाधार कांग्रेस के मुकाबले मजबूत नजर आता है। वार्ड 4 में AAP ने कांग्रेस से लगभग 4,500 अधिक वोट हासिल किए थे, जबकि वार्ड 11 में यह अंतर 5,000 वोटों का था। यदि यह ट्रेंड जारी रहता है, तो 2026 के निकाय चुनावों में इन वार्डों में मुख्य मुकाबला सीधे BJP और AAP के बीच देखने को मिल सकता है।
कांग्रेस के लिए इन वार्डों में अपनी स्थिति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। AAP की जमीनी पकड़ और पिछले चुनावों में हुए प्रभावशाली प्रदर्शन से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि पार्टी इस बार राजकोट में कई सीटों पर कब्जा करने में सक्षम हो सकती है।