उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी: राजस्थान में पहली बार राज्यस्तरीय घूमर फेस्टिवल 2025 का आयोजन

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी: राजस्थान में पहली बार राज्यस्तरीय घूमर फेस्टिवल 2025 का आयोजन

राजस्थान में 19 नवम्बर 2025 को पहली बार राज्यस्तरीय घूमर फेस्टिवल का आयोजन होगा। सात संभाग मुख्यालयों पर घूमर नृत्य के इस भव्य महोत्सव में भाग लेने के लिए निःशुल्क पंजीकरण और वर्कशॉप्स उपलब्ध हैं।

राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और पहचान का प्रतीक, घूमर नृत्य, अब राज्यभर में एक भव्य उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। उपमुख्यमंत्री और पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री, दिया कुमारी ने घोषणा की है कि राजस्थान में पहली बार घूमर फेस्टिवल का आयोजन 19 नवम्बर 2025 को राज्य के सात संभाग मुख्यालयों पर किया जाएगा। इस उत्सव का मुख्य आयोजन जयपुर में विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउंड पर होगा।

घूमर फेस्टिवल – 2025 की विस्तृत योजना

दिया कुमारी ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन में 12 वर्ष से ऊपर की बालिकाएं और महिलाएं भाग ले सकेंगी। राजस्थान के विभिन्न शहरों – जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर में 19 नवम्बर को आयोजित इस महोत्सव में राजस्थान की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने इस उत्सव में स्कूल, कॉलेज की छात्राओं, गृहणियों, प्रोफेशनल डांसर और कामकाजी महिलाओं से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

निःशुल्क पंजीकरण और वर्कशॉप

इस आयोजन के लिए निःशुल्क पंजीकरण राजस्थान पर्यटन विभाग की वेबसाइट ghoomar.rajasthan.gov.in पर किया जा सकता है। इसके अलावा, नृत्य की तैयारी हेतु राजस्थान के सातों शहरों में निःशुल्क वर्कशॉप्स भी आयोजित की जा रही हैं। जयपुर में जवाहर कला केन्द्र में 6 दिवसीय वर्कशॉप (11 से 16 नवम्बर 2025) चल रही है, जहां प्रतिभागी घूमर नृत्य की विशेष तैयारियां कर सकते हैं।

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साऊंड ट्रैक और लाइव म्यूजिक पर घूमर

राज्यस्तरीय घूमर फेस्टिवल में विशेष साऊंड ट्रैक तैयार किया गया है, जिस पर सातों संभागों में घूमर नृत्य होगा। जयपुर में, लाइव म्यूजिक पर घूमर नृत्य का आयोजन किया जाएगा। गणगौर घूमर डांस अकादमी के निर्देशन में इस कार्यक्रम में विभिन्न कलाकार लाइव म्यूजिक के साथ अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

दर्शकों से पारंपरिक वेशभूषा में आने की अपील

दिया कुमारी ने सभी दर्शकों से आग्रह किया कि वे इस भव्य उत्सव में पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हों, ताकि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और रंग-रूप को और भी बढ़ावा मिल सके।

घूमर नृत्य का महत्व

घूमर नृत्य राजस्थान की एक अनमोल सांस्कृतिक धरोहर है, जो रेजे, रंगीनी और उत्सव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत होता है। इस नृत्य के माध्यम से राज्य की संस्कृति, इतिहास और पारंपरिक लय को जीवित रखने का प्रयास किया जा रहा है।

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