राजस्थान सरकार का बड़ा आदेश – शराब पीकर या ओवरस्पीड में गाड़ी चलाने पर रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सड़क सुरक्षा को सख्ती से लागू करने के दिए निर्देश।
जयपुर हादसे के बाद राजस्थान सरकार ने राज्यभर में सड़क सुरक्षा को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि अब अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, या बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार यातायात और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से 15 दिन का राज्यव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
हाई-लेवल मीटिंग और सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने आदेश दिया कि जो जिला कलेक्टर नियमित रूप से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नहीं लेते, उनसे जवाब तलब किया जाएगा।
इसके साथ ही, भारी वाहन चालकों के लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान अगर नेत्र परीक्षण रिपोर्ट गलत पाई जाती है, तो संबंधित डॉक्टर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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ओवरस्पीडिंग और अवैध निर्माण पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने परिवहन और पुलिस विभाग को आदेश दिया कि ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग के मामलों में चालकों के लाइसेंस रद्द किए जाएं। साथ ही, राज्य में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कट्स को बंद करने के निर्देश दिए।
जयपुर-कोटा, जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर और जयपुर-भरतपुर हाईवे पर आराम स्थलों के निर्माण का भी आदेश दिया गया है।
आपातकालीन सेवाओं को मिलेगा बूस्ट
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चिकित्सा विभाग को निर्देश दिया कि दुर्घटना में घायलों को एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के ज़रिए अस्पताल पहुंचाया जाए। इसके साथ ही, ट्रक ड्राइवरों की आंखों की जांच, ओवरटाइम ड्राइविंग पर कंपनियों की जिम्मेदारी तय करने और कोहरे के मौसम में रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए।
सड़कों पर निगरानी और सख्त कार्रवाई
सीएम ने जिला प्रशासन और पुलिस को आदेश दिया कि अवैध कट्स बंद कराए जाएं, इंटरसेप्टर वाहन तैनात किए जाएं, और गलत दिशा से आने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने नो-एंट्री जोन में सख्त चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाने पर भी ज़ोर दिया।
इस बैठक में परिवहन, गृह, पुलिस, चिकित्सा, सार्वजनिक निर्माण, एनएचएआई और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियम तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।